बिहार की बेटियों के लिए बड़ी पहल, नए बिजनेस आइडिया पर मिलेगा 2 लाख तक अनुदान

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नए बिजनेस आइडिया पर सरकार देगी मदद

निष्कर्ष भारत संवाददाता- बिहार सरकार बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार देने वाला उद्यमी बनाने की दिशा में नई पहल कर रही है। राज्य सरकार की ओर से ‘बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना’ शुरू की जा रही है। इस योजना के तहत बेटियों और महिला उद्यमियों को नए और इनोवेटिव बिजनेस आइडिया पर 50 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षाबंधन के मौके पर इस योजना की घोषणा की थी।

बेटियों के स्टार्टअप को मिलेगा आर्थिक सहारा

बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसी बेटियों को प्रोत्साहित करना है, जिनके पास अपना कारोबार शुरू करने का नया और व्यावहारिक आइडिया है। सरकार की ओर से प्रस्तावित सहायता राशि का इस्तेमाल स्टार्टअप को शुरुआती स्तर पर आगे बढ़ाने में किया जा सकेगा।

योजना में 50 हजार से 2 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। सरकार की घोषणा के अनुसार करीब 2100 महिला उद्यमियों को योजना का लाभ देने की बात कही गई है।

नए और इनोवेटिव आइडिया को मिलेगी प्राथमिकता

इस योजना की खास बात यह है कि सिर्फ बिजनेस शुरू करने की इच्छा रखने वाले आवेदकों के बजाय नए आइडिया और नवाचार पर जोर दिया जाएगा। ऐसे प्रोजेक्ट को प्राथमिकता देने की तैयारी है, जो बाजार की जरूरत से जुड़े हों और भविष्य में रोजगार के अवसर पैदा कर सकें।

यानी किसी बेटी के पास ऐसा बिजनेस आइडिया है, जिसे स्थानीय स्तर पर लागू किया जा सकता है और जिससे दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार पैदा हो सकता है, तो उसे चयन प्रक्रिया में महत्व मिल सकता है।

बिहार की स्थायी निवासी होना जरूरी

प्रस्तावित नियमों के मुताबिक योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का बिहार का स्थायी निवासी होना जरूरी होगा। उसकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है।

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इसके अलावा स्टार्टअप प्रस्ताव में आइडिया की उपयोगिता, नवाचार और उसे जमीन पर उतारने की क्षमता जैसे पहलुओं को भी देखा जाएगा। अंतिम पात्रता और आवेदन से जुड़ी शर्तें सरकारी दिशा-निर्देश जारी होने के बाद स्पष्ट होंगी।

उच्च शिक्षा और उद्योग विभाग मिलकर करेंगे काम

इस योजना की जिम्मेदारी उच्च शिक्षा विभाग को दी गई है। योजना को लागू करने में उद्योग विभाग भी सहयोग करेगा। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत दोनों विभाग मिलकर बेटियों के स्टार्टअप प्रोजेक्ट की प्रक्रिया और मूल्यांकन से जुड़े काम करेंगे।

महत्वपूर्ण बात यह है कि उच्च शिक्षा विभाग की ओर से शुरू की जाने वाली यह पहली स्टार्टअप योजना होगी। साथ ही, राज्य में केवल बेटियों और महिला उद्यमियों को केंद्र में रखकर बनाई गई यह एक अलग पहल है।

प्रोजेक्ट की जांच के लिए बनेगी कमेटी

स्टार्टअप के लिए आवेदन करने वाली बेटियों को अपने बिजनेस आइडिया का प्रोजेक्ट प्रस्ताव देना होगा। इन प्रस्तावों की जांच और मूल्यांकन के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी।

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कमेटी यह देख सकती है कि प्रस्ताव कितना नया है, उसका व्यावहारिक इस्तेमाल क्या है और उससे रोजगार या आर्थिक गतिविधि पैदा होने की कितनी संभावना है। इस पूरी प्रक्रिया में उच्च शिक्षा विभाग के साथ उद्योग विभाग की विशेषज्ञता का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

वित्त विभाग की मंजूरी के बाद कैबिनेट में जाएगा प्रस्ताव

योजना का प्रारूप तैयार किया जा चुका है। अब प्रस्ताव पर वित्त विभाग की सहमति ली जाएगी। इसके बाद इसे राज्य मंत्रिमंडल के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

सरकार की योजना है कि सभी जरूरी स्वीकृतियां मिलने के बाद इसे चालू वित्तीय वर्ष में ही लागू किया जाए। आवेदन प्रक्रिया, चयन की अंतिम शर्तें और राशि जारी करने की व्यवस्था सरकार की अंतिम अधिसूचना में स्पष्ट की जाएगी।

नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने पर जोर

बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना को सिर्फ आर्थिक सहायता देने वाली योजना के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसका बड़ा उद्देश्य बेटियों में उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देना है।

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सरकार चाहती है कि बेटियां नौकरी की तलाश करने के साथ-साथ खुद का कारोबार शुरू करने और दूसरों के लिए रोजगार पैदा करने की दिशा में भी आगे बढ़ें। नए बिजनेस आइडिया को आर्थिक मदद मिलने से शुरुआती स्तर पर पूंजी की समस्या कम हो सकती है।

बेटियों की आर्थिक आत्मनिर्भरता पर फोकस

बिहार सरकार ने रक्षाबंधन के मौके पर बेटियों और महिलाओं से जुड़ी कई योजनाओं की घोषणा की थी। इनमें बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना के अलावा बालिका पीएचडी फेलोशिप जैसी पहल भी शामिल है। सरकार के अनुसार इन योजनाओं का उद्देश्य शिक्षा, नवाचार, उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।

बेटी स्टार्टअप चैलेंज के जरिए अब बिहार की बेटियों को अपने आइडिया को कारोबार में बदलने का मौका देने की तैयारी है। अगर योजना प्रस्ताव के मुताबिक लागू होती है, तो नए उद्यम शुरू करने की इच्छुक बेटियों के लिए शुरुआती आर्थिक सहायता का एक नया विकल्प उपलब्ध होगा।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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