48 घंटे में लौटेगा तूफान ‘नोलो’, 241 की रफ्तार से तबाही, अलर्ट जारी, ये लोग रहें सावधान

नोलो

नोलो तूफान तेजी से बढ़ा, 193 किमी/घंटा की हवा, International Date Line पार करेगा

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (नई दिल्ली)। प्रशांत महासागर में सक्रिय हरिकेन नोलो तेजी से पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और आने वाले घंटों में International Date Line पार करने वाला है। अमेरिकी नेशनल हरिकेन सेंटर के ताजा अपडेट के मुताबिक नोलो एक Major Hurricane बन चुका है। 3 अक्टूबर की शाम तक इसकी अधिकतम sustained wind करीब 115 मील प्रति घंटा यानी 185 किमी/घंटा थी, जबकि बाद के अपडेट में यह करीब 120 मील प्रति घंटा यानी 193 किमी/घंटा तक पहुंची।

नोलो की रफ्तार और दिशा पर अंतरराष्ट्रीय मौसम एजेंसियों की नजर बनी हुई है। हालांकि मौजूदा पूर्वानुमान में इसे किसी घनी आबादी वाले तट से सीधे टकराने वाला तूफान नहीं बताया गया है। इसलिए 48 घंटे में बड़ी तबाही की बात को निश्चित परिणाम की तरह देखना सही नहीं होगा।

नोलो तूफान अभी कितना खतरनाक?

नोलो इस समय Category 3 Hurricane की ताकत पर है। NOAA के अनुसार 3 अक्टूबर की शाम इसके केंद्र का स्थान लगभग 23.4°N, 175.1°W था और यह करीब 20 मील प्रति घंटा की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ रहा था। इसका केंद्रीय दबाव 957 मिलीबार दर्ज किया गया।

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इससे पहले नोलो तेजी से मजबूत हुआ था। 3 अक्टूबर को यह Major Hurricane की श्रेणी में पहुंचा। सैटेलाइट तस्वीरों में इसका सिस्टम कॉम्पैक्ट और काफी संगठित दिखाई दिया, जिसके आधार पर इसकी ताकत को 100 knots तक आंका गया था।

यानी नोलो कमजोर उष्णकटिबंधीय तूफान नहीं है। लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं कि जहां-जहां इसका नाम सुनाई दे रहा है, वहां सीधे भारी तबाही होगी। किसी तूफान का नुकसान उसकी ताकत के साथ-साथ उसके रास्ते, समुद्र की स्थिति और लैंडफॉल पर निर्भर करता है।

नोलो कब पार करेगा International Date Line?

नोलो के अगले महत्वपूर्ण पड़ावों में International Date Line पार करना शामिल है। NHC ने बताया है कि यह रविवार को इस रेखा को पार कर सकता है। इसके बाद तूफान का भौगोलिक बेसिन बदल जाएगा और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में इसे Typhoon के तौर पर संदर्भित किया जा सकता है।

यहां एक बात समझना जरूरी है कि International Date Line पार करने से तूफान अचानक अपने आप ज्यादा विनाशकारी नहीं हो जाता। इसका नाम और मौसम निगरानी व्यवस्था बदल सकती है, लेकिन वास्तविक खतरा उसकी हवा की गति, दबाव, संरचना और रास्ते पर निर्भर करता है।

नोलो की 193 किमी/घंटा की हवाओं का असर

इतनी तेज हवाएं खुले समुद्र में भी बेहद खतरनाक होती हैं। Hurricane-force winds तूफान के केंद्र के आसपास सीमित क्षेत्र में रहती हैं, जबकि उससे बाहर tropical-storm-force हवाओं का दायरा काफी बड़ा हो सकता है। तेज हवाओं के कारण समुद्र में ऊंची और खतरनाक लहरें उठ सकती हैं। कमजोर अस्थायी ढांचे, समुद्री उपकरण और छोटे जहाजों के लिए खतरा बढ़ जाता है। तटीय या द्वीपीय क्षेत्रों में पेड़, बिजली की लाइन और दूसरी हल्की संरचनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।

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लेकिन यह कहना कि 193 या 241 किमी/घंटा की हवा हर जगह मकानों को उड़ा देगी, वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। नुकसान इमारत की मजबूती, हवा की वास्तविक गति, दिशा और तूफान के केंद्र से दूरी पर निर्भर करता है।

समंदर में उठ सकती हैं खतरनाक लहरें

नोलो से इस समय सबसे बड़ा खतरा समुद्री क्षेत्र में बड़े swell और खतरनाक surf का है। NHC के मुताबिक नोलो से पैदा होने वाला बड़ा swell Papahanaumokuakea Marine National Monument के निचले इलाकों और atolls को प्रभावित कर सकता है। कुछ low-lying atolls में समुद्री पानी के ऊपर आने का खतरा भी बताया गया है।

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समुद्री लहरों का असर तूफान के केंद्र से काफी दूर तक महसूस किया जा सकता है। यही वजह है कि समुद्र में मौजूद जहाजों, छोटे द्वीपों और तटीय इलाकों के लिए स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी होता है।

क्या नोलो से तटीय इलाकों को खतरा है?

इस सवाल का जवाब फिलहाल सावधानी से देना होगा। 3 अक्टूबर की शाम के NHC अपडेट में सभी Tropical Storm Warnings समाप्त कर दी गई थीं और उस समय कोई coastal watch या warning प्रभावी नहीं थी। इसका मतलब यह है कि फिलहाल नोलो को किसी बड़े आबादी वाले तटीय क्षेत्र के लिए तत्काल व्यापक खतरे के रूप में घोषित नहीं किया गया है। लेकिन तूफान की दिशा और ताकत में बदलाव संभव है, इसलिए समुद्री क्षेत्रों और संबंधित द्वीपों के स्थानीय मौसम विभागों के अपडेट देखना महत्वपूर्ण है।

बारिश, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा

तूफान से होने वाला नुकसान केवल हवा तक सीमित नहीं रहता। भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की स्थिति बन सकती है। इससे पहले जब नोलो हवाई क्षेत्र के करीब था, तब भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा मौसम एजेंसियों ने बताया था।  हालांकि वर्तमान स्थिति में नोलो तेजी से पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और Hawaii से दूर जा रहा है। इसलिए पुराने Hawaii warnings को वर्तमान खतरे के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।

48 घंटे में क्या बदल सकता है?

अगले 48 घंटे नोलो की दिशा और ताकत के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। NHC के मुताबिक तूफान अगले कुछ दिनों तक पश्चिम की ओर तेज गति से बढ़ सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना जताई गई है। उपलब्ध पूर्वानुमानों में नोलो के लिए 241 किमी/घंटा की sustained wind का आधिकारिक आंकड़ा नहीं मिला है। इसलिए सोशल मीडिया या अन्य रिपोर्टों में चल रहे 241 किमी/घंटा के दावे को सावधानी से लेना चाहिए।

किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए?

नोलो के संभावित प्रभाव वाले समुद्री क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, मछुआरों, नाव संचालकों और समुद्री यात्रा करने वालों को स्थानीय मौसम चेतावनी को प्राथमिकता देनी चाहिए। निचले द्वीपों और समुद्र के बिल्कुल करीब रहने वाले लोगों के लिए बड़े swell और ऊंची लहरें खास चिंता का विषय हो सकती हैं।

नोलो पर दुनिया की नजर

नोलो इस समय प्रशांत महासागर के खुले क्षेत्र में तेजी से पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। इसकी मौजूदा ताकत Category 3 Hurricane की है और International Date Line पार करने की संभावना इसे मौसम निगरानी के लिहाज से और महत्वपूर्ण बनाती है।

हालांकि मौजूदा आधिकारिक अपडेट में किसी घनी आबादी वाले तट पर तत्काल लैंडफॉल का संकेत नहीं है। इसलिए नोलो को लेकर सतर्क रहना जरूरी है, लेकिन बिना आधिकारिक पुष्टि के बड़े पैमाने पर तबाही, मकानों के उड़ने या 241 किमी/घंटा की निश्चित हवा जैसे दावों को तथ्य की तरह पेश करना उचित नहीं होगा।

आने वाले घंटों में तूफान की दिशा, ताकत और संभावित प्रभाव को लेकर नए अपडेट सामने आते रहेंगे। फिलहाल नोलो की सबसे बड़ी कहानी उसकी तेजी से पश्चिम की ओर बढ़ती गति, Major Hurricane की ताकत और International Date Line पार करने की संभावित स्थिति है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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