जमुई कांड पर पप्पू यादव का बड़ा बयान, बोले- सुरक्षा की जिम्मेदारी मुझे दो, ऐसी घटना हुई तो भारत छोड़ दूंगा
जमुई कांड पर पप्पू यादव का बड़ा बयान, बोले- सुरक्षा की
निष्कर्ष भारत संवाददाता बिहार के जमुई में नाबालिग लड़के और लड़की के साथ सड़क पर कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद सियासत गरमा गई है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने घटना को लेकर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर सुरक्षा की जिम्मेदारी उन्हें दे दी जाए तो ऐसी घटना दोबारा होने पर वह भारत छोड़ देंगे।
बिहार के जमुई जिले में 19 सितंबर की शाम बाइक से जा रहे एक नाबालिग लड़के और लड़की को कुछ लोगों द्वारा रास्ते में रोककर कथित तौर पर बदसलूकी किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की। पुलिस के मुताबिक, घटना में सात लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच के लिए SIT का गठन भी किया गया है।
जनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।
पप्पू यादव ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
पप्पू यादव ने जमुई जमुई की घटना को लेकर सवाल उठाया कि आखिर लोगों के अंदर कानून, संविधान और पुलिस-प्रशासन का डर क्यों खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क पर मौजूद लोगों ने नाबालिगों के साथ कथित तौर पर लंबे समय तक बदसलूकी की और कई लोग वहां मौजूद होकर भी तमाशबीन बने रहे।
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सांसद ने कहा कि सवाल सिर्फ सरकार से नहीं बल्कि समाज से भी है। उनके मुताबिक, ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा किस तरह सुनिश्चित की जा रही है।
पप्पू यादव ने इसी दौरान यह भी कहा कि अगर सुरक्षा की जिम्मेदारी उन्हें सौंप दी जाए और इसके बाद ऐसी घटना दोबारा हुई तो वह भारत छोड़ देंगे। यह बयान अब राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।
‘सुरक्षा की जिम्मेदारी पप्पू यादव को दे दीजिए’
पप्पू यादव ने अपने बयान में कहा कि सरकार को सिर्फ बयान देने के बजाय कानून को प्रभावी तरीके से लागू करना चाहिए। उन्होंने स्कूलों और उन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की जरूरत बताई, जहां बच्चे बड़ी संख्या में आते-जाते हैं।
उनका कहना था कि यदि प्रशासन की मौजूदगी और कानून का प्रभाव मजबूत हो तो इस तरह की घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है। सांसद ने पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि अधिकारियों का ध्यान अवैध कारोबार से जुड़े मामलों पर अधिक है।
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों या सरकार की ओर से कोई समानांतर आधिकारिक पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं है।
बीजेपी और JDU पर भी साधा निशाना
पप्पू यादव ने बिहार की मौजूदा सरकार और बीजेपी-जेडीयू गठबंधन पर भी निशाना साधा। उन्होंने सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल कानून बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उसका जमीन पर पालन भी जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जमुई जमुई की घटना में शामिल लोग बीजेपी से जुड़े हुए हैं। यह पप्पू यादव का आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है। इसलिए इस दावे को तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
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दूसरी ओर, जमुई जमुई मामले पर बीजेपी और जेडीयू की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। जेडीयू प्रवक्ता नवल शर्मा ने कहा कि बिहार में मॉब जस्टिस की अनुमति नहीं है और दोषियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी। बीजेपी प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने भी घटना को शर्मनाक बताते हुए दोषियों पर कार्रवाई की बात कही।
जमुई पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस के अनुसार, घटना 19 सितंबर की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच हुई। वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। जमुई के एसपी ने घटना और वीडियो की पुष्टि की है।
पुलिस ने बताया कि दोनों पीड़ित नाबालिग हैं। मामले में सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच और छापेमारी जारी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम यानी SIT गठित की गई है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री को हटाने की कार्रवाई भी की जा रही है।
वायरल वीडियो को लेकर पुलिस की अपील

जमुई मामले में सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल भी है। चूंकि पीड़ित नाबालिग हैं, इसलिए उनकी पहचान उजागर करने वाली सामग्री को साझा करना संवेदनशील और कानूनी रूप से गंभीर विषय है।
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मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने वायरल वीडियो को हटाने के लिए भी कार्रवाई शुरू की है। ऐसे मामलों में पीड़ितों की पहचान सार्वजनिक न करना बेहद महत्वपूर्ण है।
घटना ने फिर खड़े किए सुरक्षा को लेकर सवाल
जमुई की घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, भीड़ द्वारा कानून अपने हाथ में लेने और पुलिस की तत्काल प्रतिक्रिया जैसे मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि घटना के बाद सामने आए वीडियो में कई लोगों की मौजूदगी दिखाई देती है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका क्या थी। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जांच के निष्कर्ष और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी।
पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट
