पटना में ADM के घर विजिलेंस रेड, 79 लाख कैश और 48 महंगी घड़ियां मिली, पत्नी के नाम फ्लैट-जमीन
पटना ADM पर विजिलेंस रेड, 79 लाख कैश और 48 महंगी घड़ियां बरामद
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। पटना के ADM (सप्लाई) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी कुमारी स्विटी, जो दानापुर की जिला सब रजिस्ट्रार हैं। इनके ठिकानों पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने सोमवार को छापेमारी की। पटना के दानापुर स्थित फ्लैट की तलाशी के दौरान 100 से अधिक 500 की गड्डियां मिली थी, जो 70 लाख है। इसके अलावा 6 लाख की 48 घड़ियां बरामद की गई।
ADM के घर करीब 3 करोड़ की प्रॉपर्टी के दस्तावेज भी मिले। इन दोनों अधिकारियों पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। रविंद्र कुमार पहले गयाजी में SDM के पद पर रह चुके हैं। इसके अलावा सारण में DPRO भी रहे हैं। ADM पर निगरानी की टीम ने पटना और बेगूसराय स्थित इनके आवास और अन्य ठिकानों पर एक साथ पहुंचीं थी। पटना के दानापुर स्थित कश्यप ग्रीन सिटी अपार्टमेंट के ब्लॉक-बी के फ्लैट नंबर- 304 में रेड चल रही थी।
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निगरानी अधिकारियों के अनुसार, ADM के पटना स्थित परिसर से करीब 70 लाख रुपये नकद मिले। बड़ी संख्या में 500 रुपये के नोटों की गड्डियां मिलने के बाद टीम ने उनकी गिनती और सत्यापन किया। इसके अलावा महंगी घड़ियां भी बरामद की गईं।
48 महंगी घड़ियों ने खींचा ध्यान
ADM के यहां छापेमारी के दौरान 48 महंगी घड़ियां मिलने की जानकारी भी सामने आई है। इनकी कीमत को लेकर शुरुआती तौर पर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं और अंतिम मूल्यांकन जांच एजेंसी की ओर से किया जाना है। कुछ रिपोर्टों में इन घड़ियों की कीमत करीब छह लाख रुपये बताई गई है।
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निगरानी टीम अब घड़ियों के ब्रांड, मॉडल और वास्तविक बाजार मूल्य का सत्यापन कर सकती है। इसी तरह बरामद अन्य महंगे सामान की भी सूची तैयार की जा रही है। जांच एजेंसी का फोकस यह पता लगाने पर है कि इन संपत्तियों और सामान का स्रोत क्या है और क्या इनका मूल्य संबंधित अधिकारियों की ज्ञात आय से मेल खाता है।
ADM दंपती पर आय से अधिक संपत्ति का मामला
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के मुताबिक, ADM रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से संबंधित मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में करीब 1.06 करोड़ रुपये से अधिक की ऐसी संपत्ति का पता चलने की बात कही गई है, जिसे ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक माना गया। इसके बाद ADM के लिए कोर्ट से तलाशी वारंट लेकर कार्रवाई की गई।
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जांच एजेंसी अब बरामद नकदी, आभूषण, संपत्ति के दस्तावेज और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड का मिलान संबंधित अधिकारियों की घोषित आय और संपत्ति से करेगी। इस प्रक्रिया के बाद ही आय से अधिक संपत्ति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
ADM के यहां फ्लैट और जमीन के दस्तावेज भी मिले
ADM के यहां तलाशी के दौरान निगरानी टीम को कई फ्लैट और जमीन से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी है। कश्यप ग्रीन सिटी में पति-पत्नी के नाम अलग-अलग फ्लैट होने की बात सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों फ्लैट किराए पर दिए गए हैं।
इसके अलावा फुलवारीशरीफ और बेगूसराय के बलिया इलाके में जमीन से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं। निगरानी विभाग इन संपत्तियों के खरीद मूल्य, वर्तमान मूल्य, खरीद की तारीख और भुगतान के स्रोत का सत्यापन कर रहा है।
फुलवारीशरीफ में पति-पत्नी और पिता के नाम जमीन
जांच में फुलवारीशरीफ में रविंद्र कुमार दिवाकर, उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी और उनके पिता लखन लाल पासवान के नाम जमीन होने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, इन संपत्तियों का कुल मूल्य करोड़ों रुपये के आसपास बताया जा रहा है।
कुमारी स्वीटी के नाम फुलवारीशरीफ में 3.9 डिसमिल जमीन की कीमत करीब 51.73 लाख रुपये बताई गई है। इसी आकार की जमीन रविंद्र कुमार दिवाकर के नाम भी बताई गई है। उनके पिता के नाम भी फुलवारीशरीफ में जमीन दर्ज होने की जानकारी है।
बेगूसराय में भी संपत्ति के दस्तावेज
बेगूसराय के बलिया में रविंद्र कुमार दिवाकर के नाम करीब 20 डिसमिल जमीन होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा उनके पिता के नाम भी जमीन होने की बात सामने आई है।
जांच एजेंसी इन संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। एक जमीन के संबंध में 15 जनवरी 2024 को गिफ्ट डीड के जरिए हस्तांतरण किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। निगरानी टीम यह देख रही है कि इन संपत्तियों के लेन-देन और हस्तांतरण की प्रक्रिया किस तरह हुई।
बेगूसराय में ADM के पैतृक घर से भी कैश
निगरानी की एक टीम बेगूसराय जिला मुख्यालय के नगर थाना क्षेत्र के पोखरिया वार्ड नंबर-37 स्थित रविंद्र कुमार दिवाकर के पैतृक आवास पर भी पहुंची। यहां तलाशी के दौरान करीब नौ लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा सोने के आभूषण और कई दस्तावेज भी बरामद किए गए।
निगरानी अधिकारियों ने बताया कि कोर्ट के वारंट के आधार पर पैतृक आवास की तलाशी ली गई। बरामद सामान और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। पटना और बेगूसराय में मिली संपत्तियों को एक साथ जांच में शामिल किया जाएगा।
दस्तावेजों से खुलेगा संपत्ति का पूरा हिसाब
छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज अब जांच में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माने जा रहे हैं। निगरानी टीम जमीन और फ्लैट के कागजात के अलावा निवेश, बैंकिंग लेन-देन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है।

जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि अधिकारियों की घोषित आय और उनके नाम या परिवार के सदस्यों के नाम सामने आई संपत्तियों के बीच कितना अंतर है। किसी संपत्ति या निवेश के स्रोत को लेकर सवाल होने पर संबंधित दस्तावेजों और भुगतान के रिकॉर्ड का भी मिलान किया जाएगा।
टीचर से प्रशासनिक अधिकारी तक का सफर
रविंद्र कुमार दिवाकर ने सरकारी सेवा में शिक्षक के रूप में करियर शुरू किया था। बाद में वह बिहार प्रशासनिक सेवा में आए और अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारी संभाली। वह पूर्व में एसडीएम के पद पर भी रह चुके हैं और सारण में डीपीआरओ के रूप में काम कर चुके हैं। फिलहाल वह पटना में ADM (सप्लाई) के पद पर तैनात हैं।
उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी वर्ष 2013 में सब-रजिस्ट्रार बनी थीं। उनकी अलग-अलग जिलों में पोस्टिंग रही है। 2024 से वह दानापुर में जिला सब-रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत हैं।
आगे की जांच में सामने आएगा पूरा ब्योरा
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई के बाद अब बरामद नकदी, घड़ियों, आभूषण और संपत्ति के दस्तावेजों का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है। जांच एजेंसी इन सभी का अधिकारियों की ज्ञात आय और घोषित संपत्तियों से मिलान करेगी।
छापेमारी में करीब 79 लाख रुपये नकद और 48 महंगी घड़ियां मिलने की जानकारी सामने आई है। संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद बरामद सामान और कथित आय से अधिक संपत्ति का विस्तृत आंकड़ा सामने आ सकता है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
