पटना में अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी, मॉल-अस्पतालों के टैक्स की होगी जांच
पटना नगर निगम मॉल-अस्पतालों के टैक्स की जांच करेगा, होगी सख्ती
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना नगर निगम ने शहर में अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसने और राजस्व बढ़ाने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। पार्किंग स्थल पर कथित अवैध वसूली से लेकर बिना अनुमति लगाए गए यूनिपोल और विज्ञापन बोर्ड तक, निगम ने कई मामलों में सख्ती शुरू कर दी है। अब बड़े मॉल, अस्पताल, मार्केट कॉम्प्लेक्स, बैंक्वेट हॉल और अन्य बड़ी संपत्तियों के प्रॉपर्टी टैक्स का भी दोबारा आकलन किया जाएगा।
इसके लिए पटना नगर निगम ने टाउन प्लानर और आर्किटेक्ट की विशेषज्ञ टीम को अभियान में शामिल किया है। टीम मौके पर जाकर संपत्तियों के वास्तविक क्षेत्रफल, स्वीकृत नक्शे और जमा किए जा रहे संपत्ति कर का मिलान करेगी। गड़बड़ी मिलने पर फोटो और वीडियो साक्ष्य के आधार पर रिपोर्ट तैयार होगी और नियमानुसार पेनाल्टी के साथ दोबारा कर निर्धारण किया जाएगा।
पटना नगर निगम की बड़ी संपत्तियों पर नजर
नगर निगम की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से मिलने वाले प्रॉपर्टी टैक्स का सही आकलन सुनिश्चित करना है। निगम को आशंका है कि कुछ बड़ी संपत्तियों में वास्तविक निर्माण क्षेत्रफल और टैक्स के लिए दर्ज क्षेत्रफल में अंतर हो सकता है।
इसी को देखते हुए अब केवल दस्तावेजों के आधार पर नहीं, बल्कि स्थल निरीक्षण के जरिए भी संपत्तियों की स्थिति जांची जाएगी। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को अपने-अपने अंचल में बड़ी संपत्तियों का निरीक्षण कराने का निर्देश दिया है। नूतन राजधानी और पाटलिपुत्र अंचल में दो-दो विशेषज्ञ लगाए गए हैं। वहीं कंकड़बाग, बांकीपुर, पटना सिटी और अजीमाबाद अंचल में भी विशेषज्ञों की तैनाती की गई है।
मॉल-अस्पतालों के टैक्स का होगा मिलान
जांच अभियान में बड़े मॉल, अस्पताल, मार्केट कॉम्प्लेक्स, बैंक्वेट हॉल, जमीन और अन्य बड़ी संपत्तियों को शामिल किया गया है। विशेषज्ञ आधुनिक उपकरणों की मदद से संपत्ति का वास्तविक क्षेत्रफल मापेंगे।
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इसके बाद मौके पर मिले क्षेत्रफल का स्वीकृत नक्शे और नगर निगम के रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा। संपत्ति मालिक की ओर से जमा किए जा रहे टैक्स की भी जांच होगी। यदि वास्तविक निर्माण या संपत्ति का आकार रिकॉर्ड से अधिक पाया गया तो निगम नियमानुसार कर का पुनर्निर्धारण कर सकता है।
गड़बड़ी मिलने पर संबंधित संपत्ति की तस्वीर और वीडियो भी रिकॉर्ड किए जाएंगे। इससे जांच के दौरान तैयार रिपोर्ट को साक्ष्यों के साथ मजबूत किया जा सकेगा।
कंकड़बाग में पार्किंग एजेंसी पर FIR
राजस्व और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई के बीच कंकड़बाग में नगर निगम के पार्किंग स्थल से जुड़ा मामला भी सामने आया है। मेदांता अस्पताल के सामने स्थित निगम के पार्किंग स्थल पर ठेला और वेंडरों को जगह देने के नाम पर कथित तौर पर पैसे वसूलने की शिकायत मिली थी।
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शिकायत के बाद पटना नगर निगम ने पार्किंग का संचालन करने वाली अमेजिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कंकड़बाग थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
निगम के अनुसार, एजेंसी को यहां स्मार्ट पार्किंग संचालित करने और निर्धारित पार्किंग शुल्क लेने की जिम्मेदारी दी गई थी। आरोप है कि पार्किंग संचालन के बजाय स्थल के कुछ हिस्सों में ठेला और वेंडरों को जगह दी जा रही थी और इसके बदले उनसे कथित तौर पर 100 से 300 रुपये तक की राशि ली जा रही थी। मामले में पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
छह जगहों से हटाए गए अवैध यूनिपोल
पटना नगर निगम ने बिना अनुमति लगाए गए यूनिपोल और विज्ञापन बोर्डों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। कंकड़बाग अंचल में छह स्थानों से अवैध यूनिपोल हटाए गए हैं। इन मामलों में अज्ञात लोगों के खिलाफ कंकड़बाग थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।
निगम की टीम ने साई नेत्रालय के पास, कंकड़बाग टेंपो स्टैंड, विकलांग भवन के सामने, लोहिया नगर पोस्ट ऑफिस के पास, मेदांता अस्पताल के गेट नंबर-1 और अस्पताल के पीछे लगे यूनिपोल को हटाया।

नगर निगम की कार्रवाई के बाद अब बिना अनुमति विज्ञापन संरचना लगाने वालों पर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है। निगम का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर नियमों के विपरीत लगाए गए यूनिपोल और विज्ञापन बोर्डों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
पटना नगर निगम ने एक दिन में वसूले 45.22 लाख
राजस्व बढ़ाने के अभियान के दौरान शुक्रवार को नगर निगम ने 699 संपत्तिधारकों से 45.22 लाख रुपये से अधिक का संपत्ति कर वसूल किया। अंचलवार आंकड़ों में कंकड़बाग सबसे आगे रहा, जहां 11.71 लाख रुपये से अधिक की वसूली हुई।
नूतन राजधानी अंचल से 10.29 लाख रुपये, पाटलिपुत्र से 9.64 लाख, अजीमाबाद से 7.43 लाख, बांकीपुर से 4.38 लाख और पटना सिटी अंचल से 1.77 लाख रुपये की वसूली हुई।
पाटलिपुत्र अंचल में सबसे अधिक 159 संपत्तिधारकों ने कर जमा किया। निगम की कोशिश है कि संपत्ति कर संग्रह को बढ़ाने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी बड़ी संपत्तियां अपने वास्तविक आकलन के अनुरूप कर जमा करें।
स्वच्छता अभियान के साथ RRR वैन भी सक्रिय
राजस्व और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई के साथ पटना नगर निगम स्वच्छता अभियान भी चला रहा है। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026’ जारी है।
इस अभियान के तहत निगम की RRR यानी रिड्यूज, रियूज और रिसाइकिल वैन लोगों के घरों से पुराने कपड़े, किताबें, खिलौने, जूते, बर्तन और अन्य उपयोगी सामान एकत्र करेगी। इन वस्तुओं को सीधे कचरे में फेंकने के बजाय दोबारा उपयोग में लाने की कोशिश की जाएगी।
शुक्रवार को अजीमाबाद अंचल के वार्ड-57 में विशेष RRR कलेक्शन ड्राइव चलाया गया। निगम का उद्देश्य उपयोगी वस्तुओं को दोबारा इस्तेमाल में लाना और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना है।
अवैध गतिविधियों पर आगे भी होगी कार्रवाई
पटना नगर निगम की हालिया कार्रवाई से साफ है कि निगम एक साथ कई मोर्चों पर अभियान चला रहा है। एक तरफ बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रॉपर्टी टैक्स का आकलन किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ अवैध यूनिपोल और पार्किंग से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है।
बड़ी संपत्तियों की जांच में विशेषज्ञों की मदद से वास्तविक क्षेत्रफल और टैक्स रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा। इससे निगम के राजस्व में संभावित बढ़ोतरी के साथ संपत्ति कर व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की कोशिश होगी।
वहीं पार्किंग और यूनिपोल से जुड़े मामलों में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद संबंधित एजेंसियों और लोगों पर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आने वाले दिनों में निगम का अभियान किन क्षेत्रों और संपत्तियों तक पहुंचता है, इस पर भी शहर के कारोबारियों और संपत्ति मालिकों की नजर रहेगी।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
