पटना में अवैध कफ सिरप कारोबार का खुलासा, 1062 बोतलें बरामद, एक गिरफ्तार
पटना के मुसल्लहपुर में पुलिस ने 1062 बोतल कफ सिरप बरामद कर रोबिन कुमार को गिरफ्तार किया। मोबाइल जांच में लाखों के कारोबार के संकेत मिले।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। बिहार की राजधानी पटना में प्रतिबंधित कफ सिरप के कथित अवैध कारोबार का पुलिस ने खुलासा किया है। मुसल्लहपुर थाना क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 1062 बोतल कफ सिरप बरामद की हैं और कटिहार निवासी 30 वर्षीय रोबिन कुमार को गिरफ्तार किया है। मौके से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पटना पुलिस के अनुसार, मोबाइल की जांच में इस कारोबार से हर महीने करीब 15 से 20 लाख रुपये के लेनदेन से जुड़े संकेत मिले हैं। मामले में एक अन्य संदिग्ध अभिषेक रंजन उर्फ भैया जी की तलाश की जा रही है।
पटना पुलिस की इस कार्रवाई के बाद पटना में प्रतिबंधित कफ सिरप की आपूर्ति और बिक्री से जुड़े नेटवर्क को लेकर जांच तेज हो गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पटना में इतनी बड़ी मात्रा में सिरप कहां से लाई गई थी, इसकी आपूर्ति किन लोगों तक की जानी थी और इस कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
रामपुर नहर रोड पर छापेमारी, भागने की कोशिश में पकड़ा गया युवक
पटना सिटी पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी-1 राज किशोर सिंह के मुताबिक, पुलिस को मुसल्लहपुर थाना क्षेत्र के रामपुर नहर रोड पर कफ सिरप की अवैध बिक्री किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पटना में विशेष टीम गठित कर संबंधित स्थान पर छापेमारी की गई।
देखिये ख़बर हमारे यूट्यूब चैनल पर भी: जन सुराज के स्नातक प्रत्याशी रजनीश रंजन ने कटिहार में दहाडा कहा कोसी की जनता मेरे साथ
पटना पुलिस की टीम जब मौके पर पहुंची तो एक संदिग्ध युवक ने भागने की कोशिश की। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान उसकी पहचान कटिहार निवासी रोबिन कुमार के रूप में हुई। उसकी उम्र करीब 30 वर्ष बताई गई है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने युवक के कमरे की तलाशी ली। इस दौरान वहां से 16 बोतल कफ सिरप बरामद की गईं। बरामदगी के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की और मामले से जुड़े अन्य ठिकानों की जानकारी जुटाई।
पुलिस को संदेह है कि कमरे से मिली बोतलें किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकती हैं। इसी आधार पर आगे की छापेमारी की गई।
पटना के मुसल्लहपुर हाट में आठ पेटियों से मिलीं 1046 बोतलें
रोबिन कुमार से पूछताछ और उसकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने मुसल्लहपुर हाट स्थित पटेल छात्रावास में अभिषेक रंजन उर्फ भैया जी के कथित ठिकाने पर छापेमारी की। यहां से आठ पेटियों में रखी कफ सिरप की अतिरिक्त बोतलें बरामद की गईं।
पुलिस की ओर से दी गई कुल बरामदगी की जानकारी के अनुसार, दोनों स्थानों से 1062 बोतल कफ सिरप मिली हैं। इनमें 16 बोतलें रोबिन कुमार के कमरे से और शेष 1046 बोतलें दूसरे ठिकाने से बरामद हुईं।
खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े
इतनी बड़ी मात्रा में कफ सिरप मिलने के बाद पुलिस अब उसके भंडारण, परिवहन और वितरण से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना भी है कि संबंधित सिरप किन परिस्थितियों में वहां रखी गई थी और उसके कारोबार के लिए किन लोगों से संपर्क किया जा रहा था।
इसे भी पढ़ें : बिहार में छुट्टियों का कैलेंडर जारी, 2027 में कितनी छुट्टियां? देखें पूरी लिस्ट
पुलिस अभिषेक रंजन की तलाश कर रही है। उसकी गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों और आपूर्ति से जुड़े संपर्कों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।
मोबाइल की जांच में हर महीने 15 से 20 लाख रुपये के कारोबार के संकेत
इस मामले में जब्त मोबाइल फोन पुलिस की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मोबाइल की जांच से पता चला है कि कथित कारोबार का आर्थिक आकार हर महीने करीब 15 से 20 लाख रुपये तक हो सकता है।
मोबाइल में मौजूद जानकारियों के आधार पर पुलिस लेनदेन, संपर्कों और संभावित खरीदारों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि फोन में मिले विवरण वास्तविक बिक्री, आपूर्ति या अन्य गतिविधियों से किस तरह संबंधित हैं।
हालांकि, हर महीने 15 से 20 लाख रुपये के कारोबार का आंकड़ा शुरुआती जांच से जुड़ी जानकारी है। इसे अंतिम रूप से प्रमाणित कारोबार या किसी व्यक्ति की सिद्ध आय नहीं माना जा सकता। पुलिस की विस्तृत जांच और संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही इस नेटवर्क के आर्थिक दायरे के बारे में स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
पटना में प्रतिबंधित कफ सिरप के नेटवर्क की जांच तेज
कफ सिरप की इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि इसकी खरीद कहां से हुई और इसे किन इलाकों में भेजा जाना था। जांच में आपूर्ति करने वाले लोगों, भंडारण स्थलों और संभावित ग्राहकों की पहचान महत्वपूर्ण हो सकती है।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि बरामद सिरप किस श्रेणी की है, क्या उसके भंडारण और बिक्री के लिए आवश्यक दस्तावेज मौजूद थे तथा संबंधित उत्पादों की आपूर्ति किस माध्यम से की जा रही थी।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि हर कफ सिरप प्रतिबंधित नहीं होती। किसी दवा की कानूनी स्थिति उसके घटकों, निर्धारित श्रेणी और लागू नियमों पर निर्भर करती है। इस मामले में पुलिस ने बरामद सिरप के अवैध कारोबार की बात कही है। संबंधित उत्पादों की प्रकृति और लागू कानूनी प्रावधानों की पुष्टि जांच के तथ्यों के आधार पर ही की जा सकेगी।
छापेमारी दल में मुसल्लहपुर थानाध्यक्ष भी शामिल
पुलिस की इस कार्रवाई में मुसल्लहपुर थानाध्यक्ष सितु कुमारी भी शामिल थीं। विशेष टीम ने पहले रामपुर नहर रोड पर कार्रवाई की और फिर मिली जानकारी के आधार पर मुसल्लहपुर हाट स्थित दूसरे ठिकाने की तलाशी ली।
लगातार की गई इस कार्रवाई से पुलिस को एक ही मामले में अलग-अलग स्थानों से बड़ी मात्रा में कफ सिरप बरामद करने में सफलता मिली। अब जांच का केंद्र कथित नेटवर्क की पूरी श्रृंखला का पता लगाना है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सिरप की आपूर्ति, भंडारण और बिक्री में किन लोगों की भूमिका थी।
मामले में रोबिन कुमार की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अभिषेक रंजन उर्फ भैया जी की तलाश जारी है। पुलिस की ओर से आगे की जांच और संभावित गिरफ्तारियों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।
आगे क्या होगी पुलिस की कार्रवाई?
इस मामले में आगे की जांच के दौरान जब्त मोबाइल फोन के डिजिटल विवरण, बरामद सिरप से संबंधित दस्तावेजों और आरोपियों के संपर्कों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। पुलिस यह भी स्पष्ट करने की कोशिश करेगी कि कथित कारोबार कितने समय से चल रहा था और इसका नेटवर्क पटना के बाहर तक फैला हुआ था या नहीं।
मुसल्लहपुर थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई ने प्रतिबंधित कफ सिरप की अवैध बिक्री के संदेह से जुड़े मामले को सामने ला दिया है। 1062 बोतलों की बरामदगी, एक गिरफ्तारी और हर महीने लाखों रुपये के संभावित कारोबार से जुड़े संकेतों के बीच पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
राज कुमार की रिपोर्ट
