पटना में दिवाली पर रात 10 बजे के बाद पटाखे बैन, DM ने जारी किए निर्देश

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पटना में दिवाली पर रात 10 बजे के बाद पटाखे जलाने पर रोक, DM के निर्देश

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही पटना जिला प्रशासन ने सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। रोशनी और आतिशबाजी के इस पर्व पर किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने रात 10 बजे के बाद पटाखों के इस्तेमाल पर यथासंभव रोक लगाने, मूर्ति स्थापना के लिए लाइसेंस अनिवार्य करने और विसर्जन जुलूस की वीडियोग्राफी कराने का निर्देश दिया है।

त्योहार के दौरान आग लगने, पटाखों से दुर्घटना होने और भीड़ के कारण अव्यवस्था पैदा होने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने अग्निशमन, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग को अलर्ट रहने को कहा है। डीएम ने स्पष्ट किया है कि सभी विभाग अपनी तैयारियां समय रहते पूरी करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बिना देरी के कार्रवाई की जा सके।

पटना में रात 10 बजे के बाद पटाखे जलाने पर रोक

दीपावली के दौरान पटाखों की आवाज और आतिशबाजी के कारण कई बार देर रात तक शोर बना रहता है। इससे बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को परेशानी होती है। साथ ही, पटाखों से आग लगने और दुर्घटना होने का खतरा भी बना रहता है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पटना जिला प्रशासन ने रात 10 बजे के बाद पटाखों के इस्तेमाल पर यथासंभव रोक लगाने का निर्देश दिया है।

डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा है। इसका उद्देश्य त्योहार के उत्साह के साथ आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा को भी प्राथमिकता देना है। हालांकि, जारी निर्देश में यथासंभव रोक की बात कही गई है। इसलिए पटाखों के इस्तेमाल से जुड़े किसी भी अंतिम और विस्तृत नियम को लेकर प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक आदेश को देखना जरूरी होगा।

पटना में मूर्ति स्थापना के लिए लाइसेंस अनिवार्य

दीपावली के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर धार्मिक आयोजन और मूर्ति स्थापना की जाती है। ऐसे आयोजनों में लोगों की भीड़ जुटती है और कई बार सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर आवाजाही प्रभावित होती है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने मूर्ति स्थापित करने वाले आयोजकों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया है।

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प्रशासन के निर्देश के मुताबिक, निर्धारित प्रक्रिया पूरी किए बिना मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी। आयोजकों को संबंधित अधिकारियों से आवश्यक अनुमति प्राप्त करनी होगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि धार्मिक आयोजन व्यवस्थित तरीके से हों और सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी न रहे।

लाइसेंस व्यवस्था के जरिए प्रशासन को आयोजन स्थल, आयोजकों और कार्यक्रम से संबंधित जरूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी। इससे किसी आपात स्थिति में संबंधित लोगों तक पहुंचना और आवश्यक कार्रवाई करना आसान हो सकता है।

आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग अलर्ट

दीपावली के दौरान पटाखों, दीयों और बिजली की सजावट के कारण आग लगने की आशंका बनी रहती है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसे देखते हुए डीएम ने अग्निशमन विभाग को पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया है।

अधिकारियों से कहा गया है कि आग लगने या किसी अन्य आपात स्थिति की सूचना मिलते ही अग्निशमन की टीम तत्काल मौके पर पहुंचे। इसके लिए जरूरी संसाधनों, वाहनों और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने को कहा गया है।

प्रशासन की कोशिश है कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में किसी भी तरह की आपात स्थिति आने पर राहत और बचाव कार्य में देरी न हो। खासकर घनी आबादी वाले इलाकों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्कता बरतना जरूरी होगा।

पटना के अस्पतालों में डॉक्टर और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

दीपावली के दौरान पटाखों से जलने, आंखों में चोट लगने या अन्य दुर्घटनाओं के मामले सामने आ सकते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता, जरूरी दवाओं और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

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इसके साथ ही अस्पतालों के बर्न वार्ड को अलर्ट मोड में रखने को कहा गया है, ताकि पटाखों या आग से झुलसे लोगों को तत्काल इलाज मिल सके। सिविल सर्जन और डीपीएम हेल्थ को आपात स्थिति में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

अस्पतालों को जरूरी चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता पर भी ध्यान देना होगा। त्योहार के दौरान अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में इलाज प्रभावित न हो, इसके लिए पहले से तैयारी करने को कहा गया है।

पटना में मूर्ति विसर्जन जुलूस की होगी वीडियोग्राफी

दीपावली के बाद मूर्ति विसर्जन के दौरान भी सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। इस संबंध में एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने पुलिस अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मूर्ति विसर्जन के जुलूस निर्धारित रास्तों से ही निकाले जाएंगे।

विसर्जन जुलूस की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने का निर्देश दिया गया है। इससे जुलूस के दौरान होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने और किसी अप्रिय घटना की स्थिति में उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर जांच करने में मदद मिल सकती है।

सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सतर्क रहने और जरूरत के अनुसार पुलिस बल की तैनाती करने को कहा गया है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के साथ भीड़ और यातायात को व्यवस्थित बनाए रखने की जिम्मेदारी भी पुलिस अधिकारियों की होगी।

पटना में त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर रहेगी प्रशासन की नजर

जिला प्रशासन ने साफ किया है कि दीपावली के दौरान सुरक्षा, अग्निशमन और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से पालन करने और समय रहते तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है।

पटना जैसे बड़े शहर में त्योहार के दौरान बाजारों, प्रमुख सड़कों और आवासीय इलाकों में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में पटाखों के इस्तेमाल, धार्मिक आयोजनों और विसर्जन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता जरूरी हो जाती है।

प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का असर तभी दिखाई देगा, जब संबंधित विभाग जमीनी स्तर पर उनका प्रभावी ढंग से पालन कराएंगे। आम लोगों से भी अपील है कि वे पटाखों का इस्तेमाल सावधानी से करें, निर्धारित नियमों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें। इस बार पटना में दीपावली का उत्सव सुरक्षित और व्यवस्थित रहे, इसके लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियों को प्राथमिकता दी है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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