दुर्गा पूजा पर पटना में खास तैयारी, विसर्जन के लिए बनेंगे आर्टिफिशियल तालाब

दुर्गा पूजा

पटना में दुर्गा पूजा पर प्रतिमा विसर्जन के लिए अस्थायी तालाब बनेंगे। हर वार्ड में 10 अतिरिक्त सफाईकर्मी तैनात होंगे, घाटों पर बैरिकेडिंग भी होगी।

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना में दुर्गा पूजा और छठ महापर्व को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। दुर्गा पूजा के बाद प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए शहर के अलग-अलग गंगा घाटों पर अस्थायी तालाब बनाए जाएंगे। वहीं, जहां पहले से प्राकृतिक तालाब मौजूद हैं, उनकी सफाई और मरम्मत कराई जाएगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विसर्जन स्थलों पर बैरिकेडिंग, रोशनी और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जाएगी।

दुर्गा पूजा के दौरान सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए पटना के प्रत्येक वार्ड में 10 अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती भी होगी। यह व्यवस्था दुर्गा पूजा से छठ महापर्व के समापन तक लागू रहेगी। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने संबंधित अधिकारियों को सभी काम निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है।

दुर्गा पूजा पर पटना के घाटों पर बनेंगे अस्थायी तालाब

दुर्गा पूजा में प्रतिमा विसर्जन के दौरान गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए नगर निगम सुरक्षित विसर्जन स्थलों को तैयार कर रहा है। इसके लिए शहर के पांच अंचलों में अलग-अलग व्यवस्थाएं की जाएंगी। घाटों पर लोगों की आवाजाही नियंत्रित रखने के साथ विसर्जन क्षेत्र को सुरक्षित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

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नगर निगम की योजना के अनुसार, प्राकृतिक तालाब वाले स्थलों पर पहले सफाई और मरम्मत कराई जाएगी। वहीं, जरूरत के अनुसार नए अस्थायी तालाब बनाए जाएंगे। इन स्थलों पर घेराबंदी, पर्याप्त रोशनी और सुरक्षित रास्तों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि विसर्जन के समय श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।

मीनार घाट पर छह फीट गहरा होगा विसर्जन तालाब

पाटलिपुत्र अंचल के पाटीपुल घाट पर मौजूद प्राकृतिक तालाब की सफाई और मरम्मत कराई जाएगी। तालाब के चारों ओर बालू भरी बोरियों से घेराबंदी कर उसमें स्वच्छ पानी भरने की व्यवस्था होगी।

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वहीं, मीनार घाट पर करीब छह फीट गहरा अस्थायी विसर्जन तालाब बनाया जाएगा। विसर्जन स्थल को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। नगर निगम का उद्देश्य है कि प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित स्थानों पर हो और श्रद्धालुओं को गंगा के गहरे पानी में उतरने की जरूरत कम पड़े।

दुर्गा पूजा विसर्जन के लिए लॉ कॉलेज घाट पर खास इंतजाम

बांकीपुर अंचल के लॉ कॉलेज घाट पर गंगा तट के पास करीब 150 फीट लंबा और 50 फीट चौड़ा विसर्जन क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इस क्षेत्र को व्यवस्थित रखने के लिए बालू भरी बोरियों और वायर मेश से घेराबंदी की जाएगी। इससे विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

पटना सिटी अंचल के कंगन घाट, किला घाट और दमराही घाट पर तीन अस्थायी विसर्जन तालाब बनाए जाएंगे। प्रत्येक तालाब की गहराई करीब चार से पांच फीट रखने की योजना है।

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इसके अलावा अजीमाबाद अंचल के भद्र घाट और गाय घाट पर विसर्जन क्षेत्र को तीन तरफ से घेरकर सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। इन सभी स्थानों पर निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के लिए एजेंसियों के चयन की निविदा प्रक्रिया जारी है।

विसर्जन के बाद सफाई के लिए अतिरिक्त कर्मचारी तैनात

प्रतिमा विसर्जन के बाद घाटों और तालाबों में मूर्तियों के अवशेष, फूल-माला और दूसरी पूजन सामग्री जमा हो सकती है। इसे हटाने के लिए नगर निगम अतिरिक्त मानवबल लगाएगा। जरूरत पड़ने पर गोताखोरों की मदद भी ली जाएगी, ताकि पानी में मौजूद अवशेषों को निकाला जा सके।

घाटों पर बढ़ने वाले काम के दबाव को देखते हुए पाटलिपुत्र अंचल में 30 और अजीमाबाद अंचल में 140 अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है।

जिन घाटों से पानी उतर चुका है, वहां तत्काल डीप क्लीनिंग कराई जाएगी। इसका मकसद विसर्जन से पहले घाटों को साफ और सुरक्षित बनाना है। अधिकारियों को निर्माण, सफाई और सुरक्षा से जुड़े कार्यों में आपसी समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।

दुर्गा पूजा से छठ तक हर वार्ड में 10 अतिरिक्त सफाईकर्मी

पटना में दुर्गा पूजा से लेकर छठ महापर्व तक सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रत्येक वार्ड में 10 अतिरिक्त सफाईकर्मी तैनात किए जाएंगे। त्योहारों के दौरान पूजा पंडालों, प्रमुख सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में कचरे का समय पर उठाव और नियमित सफाई नगर निगम के लिए अहम चुनौती रहती है।

अतिरिक्त कर्मचारियों की मदद से इन क्षेत्रों में सफाई का काम तेज किया जाएगा। अधिकारियों को सफाई व्यवस्था की लगातार निगरानी करने और कचरा जमा होने की स्थिति में तत्काल उठाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

इस व्यवस्था का लाभ केवल पूजा पंडालों तक सीमित नहीं रहेगा। त्योहारों के दौरान बाजारों, प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर भी स्वच्छता बनाए रखने पर जोर रहेगा।

छठ घाटों पर रोशनी और क्षतिग्रस्त संरचनाओं की होगी मरम्मत

नगर निगम ने छठ महापर्व की तैयारियों की भी समीक्षा की है। घाटों पर बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त करने की योजना बनाई जा रही है। संबंधित कार्यों की निविदा प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया गया है।

बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हुए मैनहोल, स्लैब और कैचपिट की भी पहचान की जाएगी। इनकी मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराई जाएगी, ताकि त्योहारों के दौरान लोगों को आवागमन में परेशानी न हो और खुले या टूटे हिस्सों से दुर्घटना का खतरा कम किया जा सके।

नगर निगम की इन तैयारियों के बीच अब प्रमुख चुनौती सभी कार्यों को समय पर पूरा करने की होगी। विसर्जन स्थलों की घेराबंदी, घाटों की सफाई, पर्याप्त रोशनी और अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती से त्योहारों के दौरान व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और शहर की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए इन इंतजामों का समय पर जमीन पर उतरना जरूरी होगा।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट