दिल्ली में प्रदर्शन का बिहार में असर, पटना में अलर्ट, फोर्स तैनात; यात्री बेहाल
बिहार में अलर्ट, पटना में फोर्स तैनात; दिल्ली रूट की ट्रेनें प्रभावित
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन का असर बिहार तक पहुंच गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने की मांग को लेकर होने वाले आंदोलन के मद्देनजर बिहार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पटना के गांधी मैदान, जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। वहीं, दिल्ली से जुड़ी कई प्रमुख ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
पटना में संभावित मार्च और प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। प्रमुख चौराहों पर बैरिकेडिंग की गई है और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। दूसरी ओर, दिल्ली जाने और वहां से बिहार लौटने की तैयारी कर रहे यात्रियों को अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही स्टेशन पहुंचने की सलाह दी गई है। प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में भी व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, जिसका असर रेल और मेट्रो सेवाओं पर पड़ा है।
बिहार में अलर्ट, पटना के प्रमुख चौराहों पर सुरक्षा बढ़ी
CJP के प्रदर्शन को लेकर बिहार प्रशासन अलर्ट मोड में है। गांधी मैदान में रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों की तैनाती की जानकारी सामने आई है। जेपी गोलंबर पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और बिहार पुलिस के जवान तैनात हैं। डाकबंगला चौराहे पर लोहे की शील्ड से बैरिकेडिंग की गई है। शहर के प्रमुख स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ने से आवाजाही करने वाले लोगों की भी नजर सुरक्षा व्यवस्था पर बनी हुई है।
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प्रशासन की ओर से यह कदम संभावित प्रदर्शन और भीड़ जुटने की आशंका के मद्देनजर उठाया गया है। दिल्ली में आंदोलन के लिए अलग-अलग स्थानों से लोगों के पहुंचने की योजना के बीच बिहार में भी सतर्कता बरती जा रही है।
हालांकि, बिहार में सुरक्षा व्यवस्था के कारण आम लोगों को कितनी देर तक परेशानी होगी, इसे लेकर स्थिति स्थानीय प्रशासन के अगले निर्देशों पर निर्भर करेगी। यात्रियों और शहर में काम से निकलने वाले लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा के लिए पर्याप्त समय लेकर निकलें और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें।
बिहार आने वाली ट्रेनों पर पड़ा दिल्ली प्रदर्शन का असर
दिल्ली में सुरक्षा इंतजामों के कारण रेलवे सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। 10 अक्टूबर को नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से संबंधित कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन रद्द किया गया। इसका असर बिहार से दिल्ली जाने वाली और दिल्ली से बिहार लौटने वाली सेवाओं पर भी पड़ा है।
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रिपोर्टों के मुताबिक, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, तेजस राजधानी, मगध एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। इनमें कुछ ट्रेनें 9 अक्टूबर को अपने शुरुआती स्टेशन से नहीं चलीं, जिसके कारण उनके संबंधित वापसी परिचालन पर भी असर पड़ा।
रेलवे ने नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच संभावित भीड़ और यातायात बाधा को देखते हुए संबंधित ट्रेनों को शुरुआती स्टेशन से ही रद्द करने का निर्णय लिया था। यह फैसला सभी रेल सेवाओं के सामान्य रूप से बंद होने के बराबर नहीं है। यात्रियों को अपनी ट्रेन के नंबर और यात्रा की तारीख के अनुसार स्थिति जांचनी चाहिए।
संपूर्ण क्रांति, तेजस राजधानी और मगध एक्सप्रेस प्रभावित
दिल्ली रूट पर परिचालन में बदलाव से बिहार के यात्रियों की मुश्किलें बढ़ी हैं। बिहार से प्रभावित ट्रेनों में प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
- संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस
- तेजस राजधानी एक्सप्रेस
- मगध एक्सप्रेस
- अमृत भारत एक्सप्रेस
इन ट्रेनों के प्रभावित होने से पटना, राजेंद्र नगर टर्मिनल और इस्लामपुर से यात्रा करने वाले यात्रियों की योजनाएं बिगड़ी हैं। कुछ यात्रियों ने पहले से आरक्षण करा रखा था, जबकि कई लोगों को दिल्ली पहुंचने के बाद दूसरी यात्रा करनी थी।
पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र के हवाले से आई जानकारी के मुताबिक, शनिवार को राजेंद्र नगर से दिल्ली जाने वाली अप दिशा की कोई नई ट्रेन रद्द नहीं की गई थी। यह जानकारी पहले से रद्द की गई ट्रेनों के प्रभाव से अलग है। इसलिए यात्रियों को यह समझना चाहिए कि किसी ट्रेन का दिल्ली से नहीं लौट पाना और पटना से दिल्ली जाने वाली ट्रेन का रद्द होना दो अलग स्थितियां हैं।
ट्रेन रद्द होने से यात्री परेशान, जरूरी यात्रा पर संकट
ट्रेनों के परिचालन में बदलाव का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ा है, जिन्होंने पहले से यात्रा की योजना बना रखी थी। एक यात्री ने बताया कि उन्होंने अपनी मां के साथ दिल्ली जाने के लिए करीब एक महीने पहले आरक्षण कराया था। उनकी मां को दिल्ली से सऊदी अरब की फ्लाइट पकड़नी थी और मक्का जाने के लिए लगभग एक लाख रुपये का पैकेज भी बुक था। ट्रेन रद्द होने के बाद उन्हें आगे की यात्रा को लेकर चिंता सताने लगी।

यात्री के मुताबिक, फ्लाइट और धार्मिक यात्रा की बुकिंग पहले से होने के कारण अचानक ट्रेन रद्द होना बड़ी परेशानी बन गया है। ऐसी स्थिति में यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेन, सड़क मार्ग या अन्य उपलब्ध साधनों पर विचार करना पड़ सकता है। हालांकि, वैकल्पिक व्यवस्था का खर्च और समय दोनों अलग हो सकते हैं।
पटना से दिल्ली जा रहे एक अन्य यात्री पवन साहू ने कहा कि वह CJP के प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन ट्रेन रद्द होने से उनकी यात्रा प्रभावित हुई। उन्होंने आंदोलन के प्रति समर्थन भी जताया। इस तरह रेल सेवाओं में बदलाव का असर केवल प्रदर्शन में शामिल होने वालों पर ही नहीं, बल्कि सामान्य यात्रियों और जरूरी काम से दिल्ली जाने वाले लोगों पर भी पड़ा है।
दिल्ली में हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात, मेट्रो पर भी प्रतिबंध
दिल्ली में जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था सख्त की गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राजधानी में हजारों पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर प्रवेश और निकास द्वार बंद करने के निर्देश भी लागू किए गए।
रिपोर्टों में 45 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास संबंधी प्रतिबंधों तथा 250 से अधिक ट्रेनों के रद्द होने की जानकारी दी गई है। कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर भी अस्थायी प्रतिबंध की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, अलग-अलग सेवाओं पर लागू पाबंदियों का समय और दायरा अलग हो सकता है। यात्रियों को संबंधित विभागों की ताजा सूचना देखनी चाहिए।
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CJP का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR रोकने की मांग से जुड़ा है। प्रदर्शन से पहले कुछ समर्थकों को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी आई हैं। इन घटनाओं के बीच सुरक्षा व्यवस्था और आम नागरिकों की आवाजाही को लेकर बहस तेज हो गई है।
ट्रेन से निकलने से पहले ऐसे जांचें अपनी गाड़ी का स्टेटस
रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि स्टेशन के लिए घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि कर लें। इसके लिए रेलवे हेल्पलाइन 139, RailOne ऐप, NTES ऐप और रेलवे के आधिकारिक सूचना माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
यात्रियों को खास तौर पर ट्रेन नंबर, यात्रा की तारीख, शुरुआती स्टेशन और गंतव्य स्टेशन की जानकारी मिलान करनी चाहिए। यदि ट्रेन रद्द है, तो टिकट रिफंड और वैकल्पिक यात्रा के संबंध में रेलवे के नियमों की जानकारी लें। जिन यात्रियों को फ्लाइट या दूसरी ट्रेन पकड़नी है, वे अतिरिक्त समय लेकर चलें और अपनी अगली बुकिंग की शर्तें भी जांच लें।
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के कारण सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था में किए गए बदलावों का असर पटना सहित बिहार के यात्रियों पर पड़ रहा है। पटना में सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ आम लोगों की आवाजाही और जरूरी यात्राओं को कम से कम प्रभावित करना है।
राज कुमार की रिपोर्ट
