पटना में बड़ा हादसा, गैस रिसाव से मां और 3 बच्चे झुलसे, अस्पताल में भर्ती
पटना में गैस रिसाव से लगी आग, मां और तीन बच्चे झुलसे
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना में सोमवार देर रात गैस रिसाव के बाद रसोई में अचानक आग लगने से एक महिला और उसके तीन बच्चे झुलस गए। घटना पटना सिटी के मेहंदीगंज थाना क्षेत्र के रानीपुर नीमतल मोहल्ले की बताई जा रही है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल घर पहुंचकर आग की चपेट में आए चारों लोगों को बाहर निकाला और इलाज के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल यानी NMCH पहुंचाया। चारों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
घायलों में 30 वर्षीय रोहिणी देवी और उनके तीन बच्चे रितिक कुमार, सृष्टि कुमारी और स्वीटी कुमारी शामिल हैं। बताया गया है कि बच्चों की उम्र क्रमश: 7, 9 और 10 वर्ष है। घटना के बाद मेहंदीगंज थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की।
पटना में खाना बनाते समय हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, पटना में सोमवार देर रात रोहिणी देवी अपने घर की रसोई में खाना बना रही थीं। इसी दौरान उनके तीनों बच्चे भी रसोई के आसपास मौजूद थे। अचानक गैस का रिसाव शुरू हो गया। कुछ ही देर में रसोई में गैस फैल गई और इसके बाद आग लग गई।
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आग लगते ही महिला और बच्चे उसकी चपेट में आ गए। हादसे के दौरान घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों और आसपास के लोगों को घटना की जानकारी हुई तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे।
स्थानीय लोगों ने चारों को घर से बाहर निकाला
आग लगने के बाद आसपास के लोगों ने बिना देर किए बचाव का प्रयास शुरू किया। स्थानीय लोगों ने घर के अंदर से रोहिणी देवी और उनके तीनों बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी घायलों को इलाज के लिए पटना के NMCH ले जाया गया।
घटना के बाद मोहल्ले में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। आसपास के लोग यह जानने की कोशिश करते रहे कि आखिर गैस रिसाव कैसे हुआ और देखते ही देखते आग इतनी तेजी से कैसे फैल गई।
NMCH में मां और तीनों बच्चों का इलाज
हादसे में झुलसे चारों लोगों को पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है। घायलों की स्थिति को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
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पटना में परिजनों और स्थानीय लोगों के लिए घटना बेहद चिंता का विषय बनी हुई है। हादसे के बाद परिवार के लोग अस्पताल में मौजूद हैं और घायलों के उपचार पर नजर बनाए हुए हैं।
पटना पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद मेहंदीगंज थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटानी शुरू की।
मेहंदीगंज थानाध्यक्ष के अनुसार, महिला और उसके तीन बच्चों के झुलसने की जानकारी मिली है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि गैस सिलेंडर या गैस कनेक्शन से रिसाव किस कारण हुआ और इसके बाद आग लगने की स्थिति कैसे बनी। जांच के बाद ही हादसे की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी।
गैस रिसाव से आग लगने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे की वजह गैस रिसाव माना जा रहा है। हालांकि गैस का रिसाव सिलेंडर, रेगुलेटर, पाइप या चूल्हे के किसी हिस्से से हुआ था या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
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गैस रिसाव होने पर रसोई में एलपीजी जमा हो सकती है। ऐसे में ज्वलनशील गैस किसी चिंगारी या आग के संपर्क में आने पर तेजी से आग पकड़ सकती है। घरेलू रसोई में इस तरह की स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है, इसलिए गैस की गंध महसूस होने पर तुरंत सावधानी बरतना जरूरी होता है।
पटना में हादसे के बाद सुरक्षा को लेकर सवाल
इस घटना ने घरेलू गैस सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। खासकर छोटे और कम हवादार रसोईघरों में गैस रिसाव होने पर खतरा बढ़ सकता है। गैस सिलेंडर और उससे जुड़े उपकरणों की समय-समय पर जांच जरूरी मानी जाती है।
रेगुलेटर, रबर पाइप और चूल्हे के कनेक्शन में खराबी होने पर गैस रिसाव हो सकता है। कई बार मामूली रिसाव का पता समय पर नहीं चल पाता और गैस धीरे-धीरे रसोई में जमा होती रहती है। ऐसे में किसी भी तरह की आग या चिंगारी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
गैस की गंध आए तो क्या करें?
घरेलू गैस से जुड़ी किसी भी तरह की गंध महसूस होने पर सबसे पहले घबराने के बजाय सावधानी बरतनी चाहिए। यदि सुरक्षित तरीके से संभव हो तो गैस का रेगुलेटर बंद किया जाना चाहिए। इसके बाद घर के दरवाजे और खिड़कियां खोलकर हवा का आवागमन बढ़ाना चाहिए।

गैस रिसाव की स्थिति में माचिस, लाइटर या किसी अन्य खुले ज्वलन स्रोत का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। बिजली के स्विच को ऑन या ऑफ करने से भी बचना चाहिए, क्योंकि उससे चिंगारी पैदा होने का खतरा हो सकता है। लोगों को सुरक्षित तरीके से घर से बाहर निकलकर संबंधित गैस एजेंसी या आपातकालीन सेवा को सूचना देनी चाहिए।
पटना हादसे में जांच से खुलेगा पूरा मामला
पुलिस की जांच जारी है। घटनास्थल से जानकारी जुटाने के साथ यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गैस रिसाव की शुरुआत कैसे हुई और आग किस कारण से भड़की।
पुलिस यह भी देख सकती है कि रसोई में गैस सिलेंडर और उससे जुड़े उपकरणों की स्थिति कैसी थी। हादसे के दौरान घर में मौजूद लोगों और आसपास के प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी ली जा सकती है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जिस तरह तत्काल मदद पहुंचाई, उससे चारों घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका। अब परिवार की चिंता घायलों के उपचार और उनकी स्थिति को लेकर है।
रानीपुर नीमतल की इस घटना में फिलहाल किसी की मौत की सूचना नहीं है। रोहिणी देवी और उनके तीनों बच्चों का NMCH में इलाज चल रहा है। पुलिस हादसे की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गैस रिसाव किस वजह से हुआ और आग लगने की परिस्थितियां क्या थीं।
राज कुमार की रिपोर्ट
