घाटों पर गंदगी के खिलाफ सख्ती, पटना में 2.90 लाख वसूला गया जुर्माना, 150 कर्मी तैनात

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घाटों पर गंदगी फैलाने वालों पर सख्ती, पटना में 2.90 लाख जुर्माना

निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। पटना में गंगा का जलस्तर घटने के साथ ही गंगा घाटों की सफाई को लेकर नगर निगम ने अभियान तेज कर दिया है। घाटों पर जमा सिल्ट, जलकुंभी, कचरा और दूसरे अवशेषों को हटाने के लिए विशेष डीप क्लीनिंग कराई जा रही है। प्रमुख घाटों पर करीब 150 सफाईकर्मियों को तैनात किया गया है। वहीं, सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम ने सख्ती भी बढ़ा दी है। पिछले छह महीनों में स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों से करीब 2.90 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है।

नगर निगम की ओर से घाट पर नियमित सफाई के साथ कचरा उठाव की व्यवस्था भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ने से पहले घाटों को साफ और व्यवस्थित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके लिए जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कर्मचारियों और संसाधनों की भी व्यवस्था की जा रही है।

घाटों की डीप क्लीनिंग का अभियान तेज

गंगा का जलस्तर कम होने के बाद घाट की सीढ़ियों और आसपास के हिस्सों में जमा गंदगी साफ करने का काम शुरू किया गया है। लंबे समय तक पानी में डूबे रहने के कारण कई जगहों पर सिल्ट और अन्य अवशेष जमा हो जाते हैं। पानी उतरने के बाद इन्हें हटाना जरूरी हो जाता है।

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नगर निगम की टीम ऐसे स्थानों की पहचान कर सफाई करा रही है। घाट की सीढ़ियों के साथ किनारे के हिस्सों से भी कचरा हटाया जा रहा है। जलकुंभी और दूसरे जैविक अवशेषों को भी सफाई अभियान के तहत हटाया जा रहा है।

इस विशेष अभियान का उद्देश्य केवल घाट को देखने में साफ रखना नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराना भी है।

घाटों पर 150 सफाईकर्मियों की तैनाती

प्रमुख गंगा घाट पर सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 150 सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। इन कर्मचारियों के जरिए नियमित सफाई, कचरा उठाव और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सफाई का काम कराया जा रहा है।

नगर निगम ने कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था भी लागू की है। इससे यह निगरानी रखने में मदद मिलती है कि निर्धारित स्थान पर सफाईकर्मी अपनी ड्यूटी कर रहे हैं या नहीं।

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सफाई कार्य की नियमित निगरानी भी की जा रही है। अधिकारियों की ओर से जरूरत के अनुसार संबंधित टीमों को अतिरिक्त सफाई और कचरा उठाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

घाटों पर गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना

सफाई अभियान के साथ नगर निगम ने घाटों पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी तेज की है। स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों से पिछले छह महीनों में करीब 2.90 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है।

नगर निगम की कोशिश है कि केवल सफाई करने के बजाय लोगों को गंदगी फैलाने से भी रोका जाए। इसके लिए घाटों पर निगरानी के साथ लोगों को स्वच्छता नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, घाटों की सफाई को लगातार बनाए रखने के लिए लोगों का सहयोग जरूरी है। यदि सफाई के तुरंत बाद दोबारा कचरा या पूजा सामग्री घाटों पर फेंकी जाती है, तो अभियान का असर लंबे समय तक कायम रखना मुश्किल होगा।

त्योहारों में बढ़ जाती है घाटों पर भीड़

पटना के गंगा घाटों पर त्योहारों और विशेष धार्मिक अवसरों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। भीड़ बढ़ने के साथ घाटों पर सफाई व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। पूजा-पाठ के दौरान बड़ी मात्रा में फूल-माला, कपड़े और दूसरी सामग्री घाटों तक पहुंचती है।

नगर निगम ऐसे अवसरों पर अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती के साथ जरूरी उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी करता है। कचरा उठाने की व्यवस्था भी भीड़ और जरूरत के अनुसार बढ़ाई जाती है।

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नगर निगम का प्रयास है कि त्योहारों के दौरान घाटों पर सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो और श्रद्धालुओं को साफ-सुथरा वातावरण मिल सके।

घाटों पर पूजा सामग्री नहीं डालने की अपील

नगर निगम ने श्रद्धालुओं से गंगा और घाटों पर पूजा के फूल-माला समेत अन्य जैविक सामग्री नहीं डालने की अपील की है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि फूल और अन्य जैविक सामग्री को मिट्टी में डालकर खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसके अलावा पूजा में इस्तेमाल होने वाले वस्त्र और दूसरी उपयोगी सामग्री को घाटों या नदी में फेंकने के बजाय दोबारा इस्तेमाल करने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।

नगर निगम का मानना है कि पूजा सामग्री को गंगा में डालने से नदी और उसके आसपास के क्षेत्र की स्वच्छता प्रभावित होती है। ऐसे में धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण और स्वच्छता का ध्यान रखना भी जरूरी है।

घाटों की सफाई में नागरिकों की भागीदारी जरूरी

नगर निगम की ओर से सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कर्मचारियों की तैनाती, नियमित निगरानी और जुर्माने जैसी कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद घाटों को लंबे समय तक साफ रखने के लिए नागरिकों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

घाटों पर आने वाले लोगों से अपील की जा रही है कि वे कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें और गंगा में किसी तरह की सामग्री न फेंकें। पूजा सामग्री के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है।

जलस्तर बढ़ने से पहले सफाई पर जोर

गंगा का जलस्तर फिलहाल कम होने के कारण नगर निगम के पास घाटों की व्यापक सफाई करने का अवसर है। अधिकारियों का प्रयास है कि जलस्तर दोबारा बढ़ने से पहले घाटों के अधिक से अधिक हिस्से की सफाई पूरी कर ली जाए।

इसके लिए सफाईकर्मियों के साथ उपकरणों और कचरा उठाव की व्यवस्था को भी सक्रिय रखा गया है। जहां ज्यादा गंदगी मिल रही है, वहां अतिरिक्त सफाई कराई जा रही है।

पटना के गंगा घाटों को साफ और व्यवस्थित रखने के लिए नगर निगम की ओर से अभियान लगातार जारी रखने की बात कही गई है। प्रशासनिक प्रयासों के साथ यदि घाटों पर आने वाले लोग भी स्वच्छता नियमों का पालन करें, तो सफाई व्यवस्था को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखना आसान होगा।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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