पटना में हैंड ग्रेनेड मिलने से हड़कंप, 2 संदिग्ध हिरासत में, पूछताछ जारी
पटना के अगमकुआं में जिंदा हैंड ग्रेनेड मिलने से हड़कंप
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना में जिंदा हैंड ग्रेनेड मिलने की खबर से पुलिस और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। अगमकुआं थाना क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान उनके पास से एक जिंदा हैंड ग्रेनेड और 315 बोर की पांच जिंदा गोलियां बरामद होने की बात सामने आई है। घटना शीतला माता मंदिर ओवरब्रिज के पास की बताई जा रही है।
बरामद विस्फोटक को देखते हुए पुलिस ने तत्काल बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया। अधिकारियों के मुताबिक, ग्रेनेड को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों युवकों के पास यह हथियार और कारतूस कहां से पहुंचे और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
पटना में हैंड ग्रेनेड मिलने से मचा हड़कंप
मामला मंगलवार रात का बताया जा रहा है। पुलिस टीम अगमकुआं थाना क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान शीतला माता मंदिर ओवरब्रिज के आसपास दो युवकों की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं। पुलिस ने दोनों को रोककर पूछताछ की और इसके बाद उनकी तलाशी ली गई।
निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: IIT Mumbai में छात्र की मौत से IIT पटना में जांच की मांग…
तलाशी के दौरान पुलिस को पांच जिंदा कारतूस मिले। इसके बाद जब अन्य सामान की जांच की गई तो एक हैंड ग्रेनेड भी बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, बरामद ग्रेनेड जिंदा है। इसकी जानकारी मिलते ही मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई और बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया।
हैंड ग्रेनेड के साथ 5 जिंदा कारतूस बरामद
पुलिस की कार्रवाई में एक हैंड ग्रेनेड के अलावा 315 बोर की पांच जिंदा गोलियां बरामद हुई हैं। यह बरामदगी इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि दोनों संदिग्धों के पास विस्फोटक के साथ कारतूस भी मिले हैं।

पुलिस अब बरामद सामान की तकनीकी जांच करा रही है। ग्रेनेड पर लिखे निशान और उसकी प्रकृति की भी जांच की जा रही है। हालांकि केवल किसी सामान पर लिखे नाम या निशान के आधार पर उसके स्रोत के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
पुलिस ने दो संदिग्धों को किया गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी पहचान रोहित कुमार और सन्नी कुमार के रूप में बताई गई है। दोनों के पटना और नालंदा से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।
खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े
पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ शुरू कर दी है। जांच अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि दोनों के पास हैंड ग्रेनेड और कारतूस किस माध्यम से पहुंचे। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि क्या वे किसी अन्य व्यक्ति के संपर्क में थे।
हैंड ग्रेनेड को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू
बरामद ग्रेनेड को लेकर पुलिस ने किसी तरह का जोखिम नहीं लिया। सूचना मिलने के बाद बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों की निगरानी में विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बरामद वस्तु जिंदा हैंड ग्रेनेड है। ऐसे में उसकी जांच और निष्क्रिय करने की प्रक्रिया विशेषज्ञों की निगरानी में की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस की ओर से मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी रखी गई।
अगमकुआं में पुलिस को कैसे मिली जानकारी?
पुलिस के मुताबिक, क्षेत्र में हथियार और कारतूस की संभावित खरीद-बिक्री को लेकर सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। शीतला माता मंदिर ओवरब्रिज के नीचे कार्रवाई के दौरान दोनों युवक पुलिस के संदेह के घेरे में आए।
पूछताछ और तलाशी के बाद बरामदगी होने पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। अब जांच का मुख्य फोकस हथियारों के नेटवर्क और उनके संभावित स्रोत पर है।
रोहित और सन्नी से अलग-अलग पूछताछ
अगमकुआं थाने की पुलिस दोनों युवकों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है। जांच में यह जानने की कोशिश की जा रही है कि दोनों एक-दूसरे को कब से जानते हैं और क्या वे किसी आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हैं।
इसे भी पढ़ें: जमुई कांड में मुख्य आरोपी का एनकाउंटर, मुठभेड़ में पुलिस ने मारी गोली, अबतक 6 गिरफ्तार
पुलिस उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही उनके मोबाइल फोन, संपर्कों और संभावित आपराधिक कनेक्शन की जांच किए जाने की संभावना है। हालांकि जांच पूरी होने से पहले किसी गिरोह से उनके संबंध को लेकर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
हैंड ग्रेनेड कहां से आया, पुलिस तलाश रही जवाब
मामले का सबसे बड़ा सवाल यही है कि दोनों संदिग्धों तक जिंदा हैंड ग्रेनेड कैसे पहुंचा। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इसे किस व्यक्ति ने उपलब्ध कराया था और क्या इसके पीछे हथियारों की खरीद-बिक्री का कोई नेटवर्क काम कर रहा था।

इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि पांच जिंदा कारतूस और हैंड ग्रेनेड को किसी आपराधिक वारदात में इस्तेमाल करने की योजना थी या नहीं। पुलिस संभावित आपराधिक संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
पटना में बढ़ी पुलिस की सक्रियता
अगमकुआं की इस कार्रवाई के बाद पुलिस की हथियारों और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। राजधानी में भीड़भाड़ वाले इलाकों और महत्वपूर्ण स्थानों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर पुलिस कार्रवाई करती रही है।
इस मामले में भी पुलिस को मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई और तलाशी के दौरान विस्फोटक तथा कारतूस बरामद हुए। अब आगे की जांच यह तय करेगी कि दोनों संदिग्धों की भूमिका क्या थी और बरामद सामान उन्हें किस उद्देश्य से मिला था।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस की जांच कई स्तरों पर चल रही है। एक तरफ बरामद हैंड ग्रेनेड की तकनीकी जांच की जा रही है, वहीं दूसरी ओर दोनों संदिग्धों से पूछताछ कर हथियारों के स्रोत का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस उनके आपराधिक इतिहास और संभावित संपर्कों की भी जांच कर रही है। अगर जांच में किसी बड़े हथियार नेटवर्क या अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो पुलिस आगे कार्रवाई कर सकती है।
अभी इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अगमकुआं थाना क्षेत्र में एक जिंदा हैंड ग्रेनेड और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं तथा दो संदिग्ध पुलिस की हिरासत में हैं। बरामदगी के पीछे वास्तविक मकसद और हथियारों के स्रोत का खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
राज कुमार की रिपोर्ट
