पटना में छठ में 92 घाट और 82 तालाब होंगे तैयार, वार्ड में बढ़ेंगे सफाईकर्मी, मिलेंगी सुविधाएं

पटना

पटना में छठ की तैयारी तेज, 92 घाट और 82 तालाबों पर मिलेंगी सुविधाएं

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर राजधानी पटना में तैयारियां तेज हो गई हैं। गंगा किनारे अर्घ्य देने वाले श्रद्धालुओं से लेकर शहर के तालाबों और पार्कों में छठ पूजा करने वाले व्रतियों तक, सभी की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पटना नगर निगम ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इस बार नकटा दियारा से दीदारगंज बालू घाट तक कुल 92 गंगा घाटों और 82 स्थायी एवं अस्थायी तालाबों, पोखरों तथा पार्कों में अर्घ्य देने की व्यवस्था की जाएगी। पटना नगर निगम का लक्ष्य है कि छठ महापर्व से पहले सभी चिह्नित स्थलों को साफ-सुथरा और सुरक्षित बनाया जाए।

इस बार की तैयारियों में सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ के बाद घाटों पर जमा हुई गाद और क्षतिग्रस्त सीढ़ियां हैं। कई घाटों पर पानी उतरने के बाद भी मिट्टी और गाद की मोटी परत जमा है। ऐसे में नगर निगम ने सफाई, मरम्मत और संपर्क पथों को दुरुस्त करने का काम प्राथमिकता पर रखा है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा खुद लगातार घाटों का निरीक्षण कर रहे हैं और अधिकारियों को समय सीमा के भीतर सभी काम पूरा करने का निर्देश दे रहे हैं।

पटना में छठ पूजा के लिए 92 गंगा घाट और 82 तालाब तैयार होंगे

इस वर्ष छठ महापर्व के लिए पटना नगर निगम ने शहर के दोनों तरह के पूजा स्थलों पर विशेष इंतजाम करने की योजना बनाई है। गंगा किनारे स्थित 92 घाटों के अलावा 82 स्थायी और अस्थायी तालाबों, पोखरों तथा पार्कों में भी अर्घ्य देने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

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पटना नगर निगम के अनुसार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों पर बैरिकेडिंग, पर्याप्त रोशनी, शौचालय, चेंजिंग रूम, पार्किंग और यात्री शेड की व्यवस्था की जाएगी। जिन स्थानों पर बड़ी संख्या में व्रतियों और उनके परिजनों के पहुंचने की संभावना है, वहां भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष इंतजाम होंगे।

छठ के दौरान व्रती कई घंटे तक घाटों पर रहते हैं। ऐसे में उनके ठहरने, कपड़े बदलने और सुरक्षित तरीके से नदी तक पहुंचने की व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पटना नगर निगम तीन चरणों में कराएगा सफाई अभियान

छठ घाटों की सफाई को लेकर नगर निगम ने तीन चरणों की कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत गंगा घाटों, तालाबों, पोखरों, पार्कों और उनसे जुड़े संपर्क रास्तों की सफाई कराई जाएगी।

पहले चरण में घाटों और पूजा स्थलों की प्रारंभिक सफाई तथा वहां मौजूद गाद और कचरे को हटाने का काम किया जा रहा है। दूसरे चरण में 9 से 11 नवंबर तक विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। दीपावली के बाद घाटों पर पूजन सामग्री और अन्य कचरे के जमा होने की आशंका को देखते हुए यह अभियान महत्वपूर्ण होगा।

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इसके बाद तीसरे चरण में 13 से 16 नवंबर तक घाटों, तालाबों और पार्कों की प्रतिदिन सफाई कराई जाएगी। इस दौरान सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी भी की जाएगी, ताकि अर्घ्य के समय श्रद्धालुओं को गंदगी का सामना नहीं करना पड़े।

पटना के प्रत्येक वार्ड में बढ़ेंगे 10 अतिरिक्त सफाईकर्मी

छठ महापर्व के दौरान शहर में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए नगर निगम ने प्रत्येक वार्ड में 10 अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती की है। इससे घाटों के साथ-साथ आसपास की सड़कों, संपर्क पथों और पूजा स्थलों की सफाई व्यवस्था मजबूत होगी।

नगर निगम की ओर से कृत्रिम तालाबों और निर्धारित स्थानों पर डस्टबिन भी रखे जाएंगे, ताकि श्रद्धालु पूजन सामग्री और अन्य कचरा इधर-उधर नहीं फेंकें। सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल छठ के दौरान सफाई करना नहीं, बल्कि पर्व के बाद भी घाटों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखना है।

छठ घाटों पर होगी तीन स्तरीय बैरिकेडिंग, खतरनाक घाटों पर लाल निशान

छठ के दौरान गंगा घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को नदी के गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए तीन स्तरीय रेलिंग और बैरिकेडिंग की जाएगी। बांस-बल्लों से तैयार बैरिकेडिंग को मजबूत बनाने के लिए क्रॉस बैरिकेडिंग भी की जाएगी।

घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं को रास्तों की जानकारी देने के लिए साइनेज, बैनर और फ्लैक्स लगाए जाएंगे। इसके साथ ही जिन घाटों पर पानी की गहराई अधिक है या जहां फिसलन और अन्य खतरे मौजूद हैं, उन्हें पहले से चिह्नित किया जाएगा।

खतरनाक स्थानों पर चेतावनी संबंधी सूचना प्रदर्शित की जाएगी। ऐसे हिस्सों को लाल कपड़े से घेरकर श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी। नगर निगम ने संपर्क पथों से खुले बिजली के तार, पेड़ों की टूटी डालियां और अन्य बाधाएं हटाने का भी निर्देश दिया है।

92 गंगा घाटों को 23 सेक्टरों में बांटा गया

छठ की तैयारियों को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए पटना के 92 गंगा घाटों को 23 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में पर्यवेक्षी और निगरानी अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

इन अधिकारियों की जिम्मेदारी अपने-अपने क्षेत्र में चल रहे सफाई, मरम्मत, रोशनी और सुरक्षा संबंधी कार्यों की निगरानी करना होगा। सभी काम निर्धारित एसओपी के अनुसार पूरे कराने का निर्देश दिया गया है।

इससे नगर निगम को एक साथ सभी घाटों की स्थिति पर नजर रखने और किसी भी तरह की समस्या सामने आने पर तत्काल कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने 18 घाटों का किया निरीक्षण

छठ की तैयारियों के बीच नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने लगातार दूसरे दिन गुरुवार को गंगा घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और अभियंताओं की टीम के साथ बांकीपुर अंचल के सभी 18 घाटों की स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण किए गए घाटों में टीएन बनर्जी घाट, वंशीघाट, दरभंगा हाउस घाट, लॉ कॉलेज घाट, रौशन घाट और चौधरी टोला घाट समेत अन्य घाट शामिल रहे।

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने सफाई और मरम्मत कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण इस बार घाटों पर पिछले वर्षों की तुलना में अधिक गाद जमा हुई है। कई जगहों पर सीढ़ियां और पोर्टिको के हिस्से अब भी पानी में डूबे हुए हैं। पानी उतरने के बाद इन हिस्सों की सफाई और मरम्मत में अतिरिक्त समय लग सकता है।

नगर आयुक्त ने घाटों की डीप क्लीनिंग कराने के साथ क्षतिग्रस्त सीढ़ियों, पोर्टिको और अन्य हिस्सों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर पूरी करने को कहा।

गंगा का जलस्तर घटने से बढ़ सकती है श्रद्धालुओं की परेशानी

छठ पूजा की तैयारियों के बीच गंगा के जलस्तर में होने वाला बदलाव भी नगर निगम के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। नवंबर के मध्य तक गंगा का जलस्तर और नीचे जाने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में कई घाटों पर श्रद्धालुओं को अर्घ्य देने के लिए नदी तक पहुंचने के लिए पहले की तुलना में अधिक दूरी तय करनी पड़ सकती है।

इसी संभावना को देखते हुए नगर आयुक्त ने अधिकारियों को संपर्क पथों की स्थिति का पहले से आकलन करने और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।

अब नगर निगम के सामने चुनौती यह है कि बाढ़ के बाद खराब हुई घाटों की स्थिति को समय रहते ठीक किया जाए और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए।

कुल मिलाकर पटना में इस बार छठ महापर्व को लेकर तैयारियों का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। 92 गंगा घाट, 82 तालाब और पार्क, प्रत्येक वार्ड में अतिरिक्त सफाईकर्मी और सुरक्षा के लिए तीन स्तरीय बैरिकेडिंग जैसी व्यवस्थाओं पर काम चल रहा है। अब श्रद्धालुओं की नजर इस बात पर रहेगी कि नगर निगम इन तैयारियों को छठ से पहले कितनी प्रभावी तरीके से पूरा कर पाता है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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