पटना में प्रॉपर्टी टैक्स के नाम पर फर्जीवाड़ा, रहे अलर्ट, 12 से लगेंगे शिविर

प्रॉपर्टी टैक्स

पटना में प्रॉपर्टी टैक्स के नाम पर फर्जीवाड़े की शिकायतें आई हैं। 12 से 16 अक्टूबर तक शिविर लगेंगे। जानें भुगतान और रसीद जांचने का तरीका।

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना में प्रॉपर्टी टैक्स के नाम पर कथित ठगी और फर्जी रसीद जारी किए जाने की शिकायतों के बाद पटना नगर निगम ने संपत्ति धारकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। निगम के संज्ञान में ऐसे मामले आए हैं, जिनमें प्रॉपर्टी टैक्स के भुगतान और असेसमेंट के नाम पर लोगों से पैसे लिए जाने की शिकायत की गई है। इसे देखते हुए नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी अनधिकृत व्यक्ति के भरोसे टैक्स जमा न करें और भुगतान के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल करें।

इसी बीच प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी सेवाएं आसान बनाने के लिए पटना नगर निगम 12 से 16 अक्टूबर तक निर्धारित स्थानों पर शिविर आयोजित करेगा। इन शिविरों में प्रॉपर्टी टैक्स का निर्धारण, पुनर्निर्धारण और संशोधन सहित संबंधित काम कराए जा सकेंगे। निगम के मुताबिक, इन सेवाओं के लिए अलग से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। ऐसे में संपत्ति धारकों के लिए यह जानना जरूरी है कि शिविर कहां लगेंगे, फर्जी रसीद की पहचान कैसे होगी और प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

प्रॉपर्टी टैक्स के नाम पर कैसे हो सकती है ठगी?

पटना नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान और असेसमेंट के नाम पर कथित फर्जीवाड़े की शिकायतें मिली हैं। ऐसे मामलों में कोई अनधिकृत व्यक्ति खुद को निगम का कर्मचारी या अधिकृत प्रतिनिधि बताकर संपत्ति धारक से पैसे मांग सकता है। भुगतान के बदले फर्जी रसीद देने या टैक्स निर्धारण के नाम पर अतिरिक्त रकम लेने का जोखिम भी बना रहता है।

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संपत्ति कर एक जरूरी नगर निकाय शुल्क है, इसलिए लोग इसे जमा करने के लिए संबंधित कर्मचारियों या एजेंटों पर भरोसा कर लेते हैं। ठग इसी भरोसे का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति आधिकारिक रसीद दिए बिना पैसे मांगता है या टैक्स जमा कराने के बदले अलग से सेवा शुल्क मांगता है, तो सतर्क हो जाएं।

नगर निगम ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे संपत्ति कर का भुगतान केवल आधिकारिक टैक्स काउंटर, निर्धारित शिविर या निगम के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से करें। किसी अनजान व्यक्ति को नकद रकम देने से बचें और हर भुगतान के बाद आधिकारिक रसीद जरूर लें।

पटना में 12 से 16 अक्टूबर तक लगेंगे प्रॉपर्टी टैक्स शिविर

पटना नगर निगम की ओर से संपत्ति कर से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 12 से 16 अक्टूबर तक शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य लोगों को निर्धारित स्थानों पर ही संपत्ति कर से जुड़े काम कराने की सुविधा देना है।

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शिविरों में प्रॉपर्टी टैक्स का नया निर्धारण, पहले से निर्धारित कर का पुनर्निर्धारण और संपत्ति के विवरण में संशोधन जैसे काम कराए जा सकेंगे। निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए निर्धारित स्थानों पर पहुंचें और किसी बिचौलिए के माध्यम से काम कराने से बचें।

पहले चरण में किन वार्डों में लगेंगे शिविर?

नगर निगम की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पहले चरण में नूतन राजधानी अंचल के वार्ड-16 में गर्दनीबाग स्थित कच्ची तालाब के पास सूर्य मंदिर के निकट शिविर लगाया जाएगा।

वहीं पाटलिपुत्र अंचल के वार्ड-22सी में मैनपुरा स्थित सिद्धेश्वर नगर में ग्रीन हेरिटेज के पीछे पार्षद कार्यालय में शिविर आयोजित किया जाएगा। इन स्थानों पर पहुंचकर संबंधित संपत्ति धारक टैक्स निर्धारण और अन्य उपलब्ध सेवाओं के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।

शिविर में जाने से पहले संपत्ति से जुड़े उपलब्ध दस्तावेज और पुरानी टैक्स रसीद साथ रखना उपयोगी होगा। इससे संबंधित विवरण की जांच कराने और संशोधन की जरूरत होने पर प्रक्रिया समझने में मदद मिल सकती है।

15 और 16 अक्टूबर को यहां लगेंगे शिविर

दूसरे चरण में 15 और 16 अक्टूबर को दो स्थानों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। नूतन राजधानी अंचल के वार्ड-17 में चांदपुर बेला स्थित सामुदायिक भवन में, पटना-गया लाइन की मुख्य सड़क के पास शिविर लगेगा।

इसके अलावा पाटलिपुत्र अंचल के वार्ड-23 में बोरिंग रोड चौराहे के पास सुधा मिल्क पार्लर के निकट शिविर आयोजित किया जाएगा। इन शिविरों में भी संपत्ति कर से संबंधित निर्धारित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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संपत्ति धारकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने वार्ड और अंचल के अनुसार सही स्थान की जानकारी लेकर ही पहुंचें। किसी एजेंट के बताए स्थान या भुगतान संबंधी दावे पर भरोसा करने से पहले नगर निगम से पुष्टि कर लेना बेहतर होगा।

प्रॉपर्टी टैक्स की फर्जी रसीद की पहचान कैसे करें?

पटना नगर निगम की आधिकारिक टैक्स रसीद पर क्यूआर कोड अंकित होता है। इसके जरिए संपत्ति से संबंधित विवरण, ऑर्डर आईडी और आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध रसीद की डिजिटल प्रति का लिंक प्राप्त किया जा सकता है।

रसीद मिलने के बाद उस पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करके विवरण की जांच करें। यह भी देखें कि रसीद पर दर्ज जानकारी संबंधित संपत्ति और भुगतान से मेल खाती है या नहीं। यदि क्यूआर कोड से सही जानकारी नहीं मिलती, रसीद का विवरण संदिग्ध लगता है या भुगतान की पुष्टि नहीं होती, तो उसे तुरंत सही मानकर स्वीकार न करें।

ऐसी स्थिति में नगर निगम के आधिकारिक टैक्स काउंटर या निर्धारित शिविर में रसीद का सत्यापन कराया जा सकता है। केवल कागज पर मुहर या लोगो देखकर रसीद को असली मान लेना उचित नहीं है। संदेह होने पर आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करना जरूरी है।

संपत्ति कर की सेवाएं निःशुल्क, अलग शुल्क देने से बचें

पटना नगर निगम के अनुसार, प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान, निर्धारण, पुनर्निर्धारण और संशोधन संबंधी सेवाओं के लिए कोई अलग सेवा शुल्क नहीं लिया जाता है। नागरिकों को केवल निर्धारित संपत्ति कर की मूल राशि और नियमानुसार लागू दंड राशि का भुगतान करना होगा।

यदि कोई व्यक्ति टैक्स निर्धारण या रसीद जारी कराने के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगता है, तो पहले उसकी वैधता की पुष्टि करें। भुगतान का प्रमाण और आधिकारिक रसीद सुरक्षित रखें। टैक्स की राशि जमा करने से पहले यह भी जांच लें कि भुगतान किस आधिकारिक माध्यम से किया जा रहा है।

पटना नगर निगम के आधिकारिक टैक्स काउंटर कहां हैं?

संपत्ति कर संबंधी जानकारी और रसीद सत्यापन के लिए नागरिक निगम के विभिन्न अंचलों के आधिकारिक काउंटरों पर संपर्क कर सकते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रमुख स्थान इस प्रकार हैं:

  • अजीमाबाद अंचल: मीना बाजार, गुलजारबाग, पटना सिटी।
  • पटना सिटी अंचल: मीना बाजार, गुलजारबाग, पटना सिटी।
  • बांकीपुर अंचल: सामुदायिक भवन, वार्ड-38, कदमकुआं मेन रोड, मछली गली के पास।
  • कंकड़बाग अंचल: टेम्पो स्टैंड के पास, कंकड़बाग।
  • नूतन राजधानी अंचल: कमरा नंबर-5, जीएसटी भवन के सामने, वीर चंद पटेल मार्ग।
  • पाटलिपुत्र अंचल: सिन्हा लाइब्रेरी के सामने, छज्जूबाग रोड, छज्जूबाग।

ठगी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

प्रॉपर्टी टैक्स जमा करते समय किसी अनधिकृत व्यक्ति को पैसे न दें। आधिकारिक पोर्टल, टैक्स काउंटर या निर्धारित शिविर का ही इस्तेमाल करें। भुगतान के बाद रसीद जरूर लें और उस पर दर्ज विवरण तथा क्यूआर कोड की जांच करें। यदि कोई व्यक्ति अतिरिक्त शुल्क मांगता है या फर्जी रसीद देने का संदेह होता है, तो मामले की पुष्टि नगर निगम से कराएं।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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