पटना में रेलवे ट्रैक पर मिले युवक-युवती के शव, 4 दिन से थे लापता, मची सनसनी

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पटना में रेलवे ट्रैक पर मिले युवक-युवती के शव, छात्रा चार दिन से थी लापता

निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। बिहार की राजधानी पटना के कुम्हरार इलाके में शुक्रवार को रेलवे ट्रैक पर युवक और युवती के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृत युवती की पहचान पटना की शैली रानी के रूप में हुई है। वह टीपीएस कॉलेज में स्नातक के पांचवें सेमेस्टर की छात्रा थी। परिजनों के मुताबिक, शैली 5 अक्टूबर को घर से निकली थी, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटी। उसके लापता होने की शिकायत कंकड़बाग थाने में दर्ज कराई गई थी। वहीं, पटना के रेलवे ट्रैक पर मिले युवक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

पटना में घटना की सूचना मिलने के बाद पटना के राजेंद्रनगर टर्मिनल जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। शुरुआती जानकारी में ट्रेन से कटने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, घटना की वास्तविक परिस्थितियों और मौत के कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। दूसरी ओर, छात्रा के पिता ने हत्या की आशंका जताते हुए पटना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बेटी चार दिनों से लापता थी, लेकिन उसे खोजने में पुलिस सफल नहीं रही।

पटना में रेलवे ट्रैक पर दो शव मिलने से हड़कंप

पटना के कुम्हरार इलाके में रेलवे ट्रैक पर दो शव मिलने की खबर फैलते ही आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। एक शव युवती का था, जिसकी पहचान शैली रानी के रूप में की गई। दूसरे शव की पहचान के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। दोनों के बीच क्या संबंध था और वे घटनास्थल तक कैसे पहुंचे, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

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प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। अधिकारियों के सामने युवक की पहचान करना, दोनों के बीच संबंधों की जानकारी जुटाना और घटना से पहले की गतिविधियों का पता लगाना अहम चुनौती है। रेलवे ट्रैक पर शव मिलने के बाद यह भी जांच का विषय है कि दोनों की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है।

पटना की छात्रा शैली रानी चार दिनों से थी लापता

शैली रानी टीपीएस कॉलेज में स्नातक के पांचवें सेमेस्टर की पढ़ाई कर रही थी। परिजनों के अनुसार, वह 5 अक्टूबर को घर से निकली थी। इसके बाद उसका परिवार से संपर्क नहीं हो पाया। काफी तलाश करने और दोस्तों से जानकारी जुटाने के बावजूद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो कंकड़बाग थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई।

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परिवार के लोगों का कहना है कि शैली के अचानक लापता होने से वे लगातार परेशान थे। उन्हें उम्मीद थी कि पुलिस उसकी तलाश कर उसे सुरक्षित घर वापस लाएगी। लेकिन शुक्रवार को रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की खबर ने परिवार को झकझोर दिया।

परिजनों के मुताबिक, शैली पढ़ाई से जुड़े काम के सिलसिले में घर से निकली थी। उसके चचेरे भाई मनोज कुमार ने बताया कि वह फॉर्म भरने के लिए एनआईटी जाने की बात कहकर निकली थी। इसके बाद वह लापता हो गई। परिवार ने उसके दोस्तों और परिचितों से भी पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी।

पिता ने जताई हत्या की आशंका, पुलिस पर उठाए सवाल

शैली के पिता संजीव कुमार प्रजापति महावीर आरोग्य संस्थान में कर्मचारी हैं। उन्होंने बेटी की मौत को लेकर हत्या की आशंका जताई है। उनका दावा है कि बेटी की हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंका गया है। हालांकि, यह परिजनों का आरोप है और इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।

पिता का कहना है कि शैली चार दिनों से लापता थी। परिवार ने उसकी तलाश के लिए पुलिस से मदद मांगी थी, लेकिन बेटी का पता नहीं चल पाया। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब उनकी बेटी का पता नहीं चल रहा था, तब उसकी तलाश में क्या कदम उठाए गए।

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परिवार के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि शैली घर से निकलने के बाद कहां रही और किन लोगों के संपर्क में थी। उसके लापता होने से लेकर रेलवे ट्रैक पर शव मिलने तक की घटनाओं की कड़ी जोड़ना अब जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

शैली तीन बच्चों में सबसे बड़ी थी। उसकी मौत से परिवार में मातम पसरा है। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और घटना की सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं।

पटना केस में दुबई से आया था लोन का फोन

इस मामले में एक और जानकारी सामने आई है। शैली के चचेरे भाई मनोज कुमार के अनुसार, उसके लापता होने के बाद परिवार को दुबई से फोन आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा कि शैली ने 10 हजार रुपये का ऑनलाइन लोन लिया है और रकम वापस नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मनोज के मुताबिक, फोन करने वाले ने खुद को दुबई से बोलने वाला बताया था। उन्होंने जवाब दिया कि शैली के घर लौटने पर इस मामले का हिसाब साफ किया जा सकता है। परिवार ने यह भी बताया कि शैली ऑनलाइन काफी सक्रिय रहती थी।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि फोन करने वाले व्यक्ति की पहचान क्या है, लोन किस माध्यम से लिया गया था और इस कॉल का छात्रा के लापता होने या मौत से कोई संबंध है या नहीं। इन तथ्यों की जांच जरूरी है। केवल फोन कॉल के आधार पर किसी व्यक्ति या घटना को मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

यदि कॉल से जुड़ी जानकारी जांच में प्रासंगिक पाई जाती है, तो संबंधित नंबर, कॉल रिकॉर्ड और ऑनलाइन लेनदेन के विवरण से मामले की पड़ताल में मदद मिल सकती है।

युवक की पहचान और मौत की वजह तलाश रही पुलिस

रेलवे ट्रैक पर मिले युवक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस के लिए यह पता लगाना भी जरूरी है कि युवक और शैली एक-दूसरे को जानते थे या नहीं। दोनों एक ही स्थान पर कैसे पहुंचे और घटना से पहले उनके साथ क्या हुआ, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।

राजेंद्रनगर टर्मिनल जीआरपी ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की है। पुलिस घटना की परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और मृतकों की पहचान से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों और दुबई से आए कथित फोन की जानकारी को भी तथ्यों के आधार पर परखा जाना जरूरी है।

यह कहना जल्दबाजी होगी कि मामला आत्महत्या का है या हत्या का। शुरुआती आशंकाओं को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। घटना की सही वजह जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

परिवार को जवाब का इंतजार, जांच पर टिकी निगाहें

शैली की मौत ने परिवार के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घर से निकलने के बाद वह कहां गई, चार दिनों तक उसका पता क्यों नहीं चल सका, युवक कौन था और दुबई से आए फोन का इस मामले से कोई संबंध था या नहीं—इन सभी सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं।

परिजन पुलिस की भूमिका की जांच और घटना की सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं। वहीं, पुलिस के सामने मृत युवक की पहचान करने और घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने की चुनौती है।

पटना के कुम्हरार में हुई इस घटना को लेकर अब लोगों की नजर जांच पर टिकी है। फिलहाल सबसे जरूरी है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही घटना के कारणों का खुलासा किया जाए।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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