पटना में सर्पदंश से भाई-बहन की मौत, बाढ़ के बाद बढ़ा खतरा
पटना में सर्पदंश से भाई-बहन की मौत, बाढ़ के बाद बढ़ा सांपों का खतरा
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। पटना से सटे पुनपुन थाना क्षेत्र में सर्पदंश की दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। लखनपार पंचायत के समकूड़ा गांव में रात के समय घर में सो रहे भाई-बहन को जहरीले सांप ने डस लिया। परिजन दोनों को इलाज के लिए पटना ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है, जबकि पूरे गांव में शोक का माहौल है।
मृत बच्चों की पहचान 10 वर्षीय मोनू कुमार और 8 वर्षीय काजल कुमारी के रूप में हुई है। दोनों रामू कुमार के बच्चे थे। रामू मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनके तीन बच्चों में से दो की मौत एक ही घटना में हो गई।
सर्पदंश से दो बच्चों की मौत
जानकारी के अनुसार, समकूड़ा गांव में दोनों बच्चे रात में अपने घर में सो रहे थे। इसी दौरान जहरीले सांप ने दोनों को डस लिया। कुछ देर बाद परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो घर में अफरा-तफरी मच गई।
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सर्पदंश के बाद परिजनों ने बिना समय गंवाए दोनों बच्चों को इलाज के लिए पटना ले जाने की कोशिश की। गंभीर हालत में उन्हें लेकर परिजन अस्पताल की ओर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही दोनों की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
सर्पदंश से बच्चों की मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी घटना से स्तब्ध हैं। एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत से समकूड़ा गांव में मातम पसरा हुआ है।
बाढ़ के बाद सर्पदंश का बढ़ा खतरा
ग्रामीणों के मुताबिक, पुनपुन नदी में बाढ़ आने के बाद आसपास के इलाकों में सर्पदंश का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ का पानी बढ़ने पर सांप और दूसरे जीव-जंतु सुरक्षित जगह की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर आने लगते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस दौरान घरों और आसपास के क्षेत्रों में सांप दिखाई देने की घटनाएं बढ़ी हैं।
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समकूड़ा गांव में जिस जगह दोनों बच्चे सो रहे थे, वह टाल के किनारे स्थित मिट्टी का घर बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ के पानी और आसपास की स्थिति के कारण ऐसे घरों में सांपों के पहुंचने की आशंका बनी रहती है।
हालांकि, बच्चों को सांप ने किस प्रजाति के सांप ने डसा और घटना किस परिस्थिति में हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सर्पदंश की घटना से गांव में दहशत
दो बच्चों की मौत के बाद ग्रामीणों में भी डर का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश और बाढ़ के दौरान सांपों के बिलों में पानी भर जाता है। ऐसे में सांप सूखी और ऊंची जगहों की तलाश में घरों और आबादी वाले इलाकों तक पहुंच सकते हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को सर्पदंश से बचाव के लिए जागरूक करने और जरूरी चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। खासकर रात में घरों में सोने वाले लोगों और बच्चों को लेकर ग्रामीण अधिक सतर्क रहने की बात कह रहे हैं।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुनपुन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों बच्चों की पहचान की और घटना की जानकारी जुटाई। पुनपुन थानाध्यक्ष बमबम कुमार ने बताया कि दोनों बच्चे समकूड़ा गांव के रहने वाले थे और उनकी पहचान कर ली गई है।
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पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद मौत की परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी और स्पष्ट हो सकेगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सर्पदंश से मोनू और काजल की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पिता रामू मजदूरी कर परिवार की जिम्मेदारी संभालते हैं। तीन बच्चों में से दो की मौत के बाद परिवार के सामने दुख की बड़ी घड़ी है।

गांव के लोग परिवार को ढांढस बंधाने के लिए घर पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी कम उम्र में दोनों बच्चों की मौत बेहद दुखद है। घटना ने बाढ़ के दौरान ग्रामीण इलाकों में जहरीले जीव-जंतुओं से जुड़े खतरे को भी सामने ला दिया है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में सावधानी जरूरी
पुनपुन और आसपास के इलाकों में बाढ़ के बाद रिहायशी क्षेत्रों में सांपों के आने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों को सावधानी बरतने की जरूरत है। रात में घर के फर्श, बिस्तर और आसपास के हिस्से की जांच करना, बिना रोशनी के बाहर नहीं निकलना और सांप दिखाई देने पर उससे दूरी बनाए रखना जरूरी है।
सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचना जरूरी है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर उपचार मिलने से जहरीले सांप के काटने के मामलों में जान बचाने की संभावना बढ़ती है।
समकूड़ा गांव में दो मासूम बच्चों की मौत के बाद मातम पसरा है। पुलिस पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराने के साथ मामले की जांच कर रही है। वहीं, ग्रामीण बाढ़ के बीच सांपों के बढ़ते खतरे को लेकर चिंतित हैं।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
