पटना के 75 वार्डों में लगेंगी 7,500 नई स्ट्रीट लाइटें, नवंबर में शुरू होगा काम, दूर होगा अंधेरा

स्ट्रीट

पटना के 75 वार्डों में लगेंगी 7,500 नई स्ट्रीट लाइटें, नवंबर से शुरुआत

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना में सड़कों और गलियों के अंधेरे को दूर करने के लिए नगर निगम ने बड़ी तैयारी की है। शहर के सभी 75 वार्डों में 7,500 नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। इससे उन इलाकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां शाम होते ही रोशनी की कमी के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। नगर निगम ने लाइटों की खरीदारी और वार्डों तक उनकी आपूर्ति के लिए समयसीमा तय की है। योजना के तहत 31 अक्टूबर तक सभी वार्डों में लाइटें पहुंचाने का लक्ष्य है, जबकि नवंबर के पहले सप्ताह से इन्हें लगाने का काम शुरू होने की उम्मीद है।

इस पहल का उद्देश्य केवल सड़कों को रोशन करना नहीं, बल्कि शहर की मौजूदा प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाना भी है। नई लाइटें लगाने के साथ पुरानी और खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत पर भी जोर दिया जा रहा है। नगर निगम ने मरम्मत की रफ्तार बढ़ाने की योजना बनाई है, ताकि लोगों को अंधेरे से जल्द राहत मिल सके।

पटना के 75 वार्डों में लगेंगी नई स्ट्रीट लाइटें

नगर निगम की योजना के अनुसार, पटना के प्रत्येक वार्ड को 100 नई स्ट्रीट लाइटें उपलब्ध कराई जाएंगी। इस तरह सभी 75 वार्डों में कुल 7,500 लाइटें लगाने का लक्ष्य रखा गया है। निगम प्रशासन के मुताबिक, लाइटों की खरीदारी का काम एजेंसी के माध्यम से किया जा रहा है। एजेंसी ने 29 अक्टूबर तक खरीदारी पूरी करने का आश्वासन दिया है।

इसके बाद लाइटों को संबंधित वार्डों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नगर निगम ने 31 अक्टूबर तक आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है। यदि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार काम आगे बढ़ता है, तो नवंबर के पहले सप्ताह से नई लाइटें लगाने का अभियान शुरू हो सकता है।

निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: बिहार में आज MLC चुनाव, वोटर्स ने बताया किन मुद्दों पर दे रहे वोट

त्योहारों के दौरान शहर में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। बाजारों, मुख्य सड़कों और मोहल्लों में देर शाम तक गतिविधियां जारी रहती हैं। ऐसे में खराब या कम रोशनी वाली स्ट्रीट लाइटें लोगों की परेशानी बढ़ाती हैं। नई लाइटों की स्थापना से इस समस्या को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

जरूरत के हिसाब से चुनी जाएंगी स्ट्रीट लाइट लगाने की जगहें

नई स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए स्थानों का चयन स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है। नगर निगम ने वार्ड पार्षदों के सुझाव और अपने आंतरिक सर्वे को आधार बनाया है। इसका मकसद उन इलाकों की पहचान करना है, जहां पर्याप्त रोशनी नहीं है या मौजूदा लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं।

खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े

नई लाइटें संबंधित वार्डों के सैनेटरी इंस्पेक्टर (एसआई) को सौंपी जाएंगी। इसके बाद निर्धारित स्थानों पर उन्हें लगाने की व्यवस्था की जाएगी। सड़कों, संकरी गलियों और सार्वजनिक स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी। जहां पुरानी स्ट्रीट लाइट पूरी तरह खराब हो चुकी है और उसकी मरम्मत संभव नहीं है, वहां नई लाइट लगाई जाएगी।

इस व्यवस्था से उम्मीद है कि लाइटों का इस्तेमाल उन स्थानों पर अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा, जहां उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। हालांकि, अभियान की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि चिह्नित स्थानों पर समय से लाइटें लगती हैं या नहीं और स्थापना के बाद उनका रखरखाव किस तरह किया जाता है।

रोजाना एक हजार खराब स्ट्रीट लाइटें ठीक करने की तैयारी

नई लाइटें लगाने के साथ पटना नगर निगम पुरानी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने पर भी ध्यान दे रहा है। फिलहाल शहर में प्रतिदिन लगभग 600 से 700 खराब लाइटों की मरम्मत की जा रही है। निगम ने इस संख्या को बढ़ाकर रोजाना एक हजार लाइटें ठीक करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इसके लिए अलग-अलग इलाकों में मरम्मत टीमें तैनात की गई हैं। प्रत्येक टीम में तीन सदस्य हैं और कुल 26 टीमें इस काम में लगी हुई हैं। ये टीमें खराब लाइटों की पहचान कर उन्हें ठीक करने के साथ स्विच, वायरिंग और अन्य तकनीकी समस्याओं का समाधान भी कर रही हैं।

स्ट्रीट लाइटों के खराब होने की वजह केवल बल्ब या लाइट की खराबी नहीं होती। कई बार वायरिंग, स्विच या बिजली आपूर्ति से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों के कारण भी रोशनी बंद हो जाती है। इसलिए मरम्मत अभियान में इन सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है।

जिन लाइटों को ठीक करना संभव नहीं होगा, उन्हें बदलने की व्यवस्था की जाएगी। इससे निगम को खराब लाइटों की समस्या दूर करने में मदद मिल सकती है। रोजाना एक हजार लाइटें ठीक करने का लक्ष्य पूरा होता है या नहीं, यह मरम्मत टीमों की कार्यक्षमता और शिकायतों के निपटारे की गति पर निर्भर करेगा।

बंद स्ट्रीट लाइट की शिकायत के लिए जारी नंबर

पटना नगर निगम ने स्ट्रीट लाइटों से जुड़ी शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर और व्हाट्सऐप चैटबॉट की सुविधा उपलब्ध कराई है। यदि किसी सड़क, गली या मोहल्ले में लाइट बंद है, तो लोग निगम के कंट्रोल रूम तक अपनी शिकायत पहुंचा सकते हैं।

शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नंबर 155304 जारी किया गया है। इसके अलावा व्हाट्सऐप चैटबॉट नंबर 9264447449 पर भी जानकारी दी जा सकती है। शिकायत मिलने के बाद संबंधित तकनीकी टीम को समस्या के समाधान के लिए भेजने की व्यवस्था है।

इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए लोगों को अपने इलाके में खराब स्ट्रीट लाइट की जानकारी स्पष्ट रूप से देनी चाहिए, ताकि संबंधित स्थान की पहचान करने और टीम भेजने में आसानी हो। शिकायत के बाद समस्या का समाधान नहीं होने पर दोबारा संपर्क करना भी उपयोगी हो सकता है।

नगर निगम की शिकायत व्यवस्था तभी प्रभावी साबित होगी, जब दर्ज शिकायतों पर समय से कार्रवाई हो और लोगों को समस्या के समाधान की जानकारी मिल सके। इसलिए मरम्मत अभियान के साथ शिकायतों की निगरानी भी अहम होगी।

पटना में 82 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटें

नगर निगम क्षेत्र में फिलहाल 82 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं। इन लाइटों के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी ईईएसएल (EESL) एजेंसी के पास है। शहर के इतने बड़े प्रकाश नेटवर्क को चालू रखना निगम के लिए नियमित निगरानी और मरम्मत की मांग करता है।

नई 7,500 लाइटों की स्थापना से मौजूदा व्यवस्था का विस्तार होगा। वहीं, पुरानी लाइटों की मरम्मत की गति बढ़ाने से उन इलाकों को फायदा मिल सकता है, जहां नई लाइट लगाने के बजाय मौजूदा व्यवस्था को ठीक करना पर्याप्त होगा।

शहर की प्रकाश व्यवस्था बेहतर होने से रात में पैदल चलने वालों, स्थानीय दुकानदारों और देर शाम घर लौटने वाले लोगों को सुविधा मिल सकती है। पर्याप्त रोशनी से सड़कों और गलियों में आवाजाही भी अधिक सहज हो सकती है। हालांकि, स्ट्रीट लाइटें लगाने के साथ उनका नियमित रखरखाव जरूरी रहेगा, ताकि कुछ ही समय बाद वही इलाके फिर अंधेरे में न डूब जाएं।

नवंबर में शुरू होने वाले काम पर रहेंगी नजरें

पटना में 7,500 नई स्ट्रीट लाइटें लगाने की योजना शहर की प्रकाश व्यवस्था सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। निगम ने खरीदारी, आपूर्ति और स्थापना के लिए समयसीमा तय की है। अब मुख्य चुनौती निर्धारित समय पर लाइटों को वार्डों तक पहुंचाने और जरूरत वाले स्थानों पर लगाने की होगी।

यदि नई लाइटों की स्थापना और पुरानी लाइटों की मरम्मत दोनों अभियान तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ते हैं, तो शहर के कई अंधेरे इलाकों को राहत मिल सकती है। लोगों के लिए यह भी जरूरी है कि वे बंद लाइटों की शिकायत समय पर दर्ज कराएं, ताकि तकनीकी टीमें समस्या को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कर सकें।

नवंबर के पहले सप्ताह से प्रस्तावित स्थापना अभियान की प्रगति पर शहरवासियों की नजर रहेगी। योजना का वास्तविक असर तब दिखेगा, जब नई लाइटें चालू होंगी, खराब लाइटों की शिकायतों का समय पर निपटारा होगा और पटना के वार्डों में रात के समय रोशनी की स्थिति बेहतर होगी।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

You may have missed