पटना को ट्रैफिक जाम से मुक्त करने की तैयारी, GPO आरओबी पर मालवाहक वाहन बैन, 21 सितंबर से ट्रायल

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पटना ट्रैफिक जाम रोकने को GPO ROB पर मालवाहक वाहन होंगे बैन

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना ट्रैफिक जाम की समस्या से लोगों को राहत दिलाने के लिए यातायात पुलिस ने नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। राजधानी के GPO आरओबी पर पीक आवर्स में मालवाहक वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई जाएगी। यह व्यवस्था 21 सितंबर 2026 से ट्रायल के तौर पर लागू होगी। ट्रैफिक के कारण सुबह और शाम के व्यस्त समय में मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा, ताकि इस मार्ग पर यातायात का दबाव कम किया जा सके और वाहनों की आवाजाही को सुचारू बनाया जा सके।

यातायात विभाग के अनुसार, 28 अगस्त 2026 से मीठापुर-महुली एलिवेटेड फ्लाईओवर से GPO गोलंबर की ओर आने वाले वाहनों का दबाव बढ़ा है। लगातार बढ़ते ट्रैफिक के कारण सुबह और शाम के पीक आवर्स में इस इलाके में वाहनों की रफ्तार प्रभावित होती है। कई बार स्थिति ऐसी बन जाती है कि GPO आरओबी और आसपास के मार्गों पर लंबा जाम लग जाता है।

पटना ट्रैफिक जाम रोकने के लिए दो समय में पाबंदी

ट्रैफिक की नई व्यवस्था के तहत GPO आरओबी पर मालवाहक वाहनों के परिचालन को दिन में दो समयावधियों में प्रतिबंधित किया जाएगा। सुबह 9 बजे से 11 बजे तक और शाम 6 बजे से रात 8:30 बजे तक मालवाहक वाहनों को इस मार्ग पर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

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इन समयावधियों को इसलिए चुना गया है क्योंकि इन्हीं घंटों में शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव अपेक्षाकृत अधिक रहता है। कार्यालय जाने और लौटने वाले लोगों के साथ स्कूल, कॉलेज, बाजार और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े वाहनों की संख्या भी बढ़ जाती है। ऐसे में बड़े मालवाहक वाहनों के कारण सड़क पर जगह कम पड़ने और यातायात की गति प्रभावित होने की स्थिति बनती है।

GPO ROB पर 21 सितंबर से शुरू होगा ट्रायल

पटना ट्रैफिक पुलिस की ओर से यह व्यवस्था फिलहाल स्थायी प्रतिबंध के रूप में लागू नहीं की जा रही है। 21 सितंबर से इसे प्रायोगिक आधार पर शुरू किया जाएगा। ट्रायल के दौरान यह देखा जाएगा कि मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने से GPO आरओबी और उससे जुड़े प्रमुख मार्गों पर यातायात की स्थिति में कितना सुधार आता है।

प्रशासन ट्रायल के दौरान वाहनों की आवाजाही, जाम की स्थिति और वैकल्पिक मार्गों पर पड़ने वाले दबाव का आकलन करेगा। इसके बाद व्यवस्था को आगे जारी रखने या उसमें बदलाव करने को लेकर निर्णय लिया जा सकता है।

ट्रैफिक जाम का कारण बना बढ़ता वाहनों का दबाव

यातायात विभाग के मुताबिक, मीठापुर-महुली एलिवेटेड फ्लाईओवर के शुरू होने के बाद GPO गोलंबर की दिशा में आने वाले यातायात का दबाव बढ़ा है। बड़ी संख्या में वाहन इस कॉरिडोर का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके कारण GPO आरओबी के आसपास यातायात प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो गया है।

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खासकर पीक आवर्स में छोटे वाहनों के साथ मालवाहक वाहनों की मौजूदगी यातायात की गति को प्रभावित कर सकती है। मालवाहक वाहनों का आकार सामान्य वाहनों की तुलना में बड़ा होता है और कई परिस्थितियों में उनके कारण सड़क पर वाहनों के लिए उपलब्ध जगह भी कम हो जाती है। इसी को देखते हुए फिलहाल व्यस्त समय में इनके परिचालन को नियंत्रित करने का फैसला लिया गया है।

किन मालवाहक वाहनों पर लागू होगा नियम?

प्रशासन के निर्देश के अनुसार, प्रतिबंधित समय में GPO आरओबी पर मालवाहक वाहनों के प्रवेश को रोका जाएगा। वाहन चालकों को निर्धारित समय के बाहर ही इस मार्ग का इस्तेमाल करना होगा।

हालांकि, इस व्यवस्था को लागू करने के दौरान यातायात पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। मौके पर तैनात पुलिसकर्मी प्रतिबंधित समय में आने वाले वाहनों की निगरानी करेंगे और जरूरत के अनुसार उन्हें वैकल्पिक मार्ग की ओर भेज सकते हैं।

इससे मालवाहक वाहनों के चालकों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनानी होगी। विशेष रूप से शहर में सामान पहुंचाने वाले व्यावसायिक वाहनों को डिलीवरी का समय इस तरह तय करना होगा कि प्रतिबंधित अवधि के दौरान उन्हें GPO आरओबी से होकर नहीं गुजरना पड़े।

ट्रैफिक जाम से बचने के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाएं

प्रशासन ने आम लोगों और वाहन चालकों से अपील की है कि 21 सितंबर से नई व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं। प्रतिबंधित समय के दौरान मालवाहक वाहन चालक वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।

आम वाहन चालकों को भी सलाह दी गई है कि पीक आवर्स में GPO आरओबी और आसपास के मार्गों पर निकलने से पहले यातायात की स्थिति की जानकारी ले लें। यदि किसी मार्ग पर वाहनों का दबाव अधिक हो तो दूसरे उपलब्ध मार्ग का इस्तेमाल किया जा सकता है।

प्रशासन का उद्देश्य किसी एक वर्ग के वाहन चालकों को परेशान करना नहीं, बल्कि व्यस्त समय में यातायात के दबाव को नियंत्रित करना है। ट्रायल के दौरान सामने आने वाली परिस्थितियों के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

ट्रैफिक नियम तोड़ा तो होगी कार्रवाई

यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रतिबंधित समय में नियमों का उल्लंघन करने वाले मालवाहक वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसलिए वाहन चालकों को नई व्यवस्था की जानकारी रखते हुए ही GPO आरओबी से गुजरना होगा।

पुलिस की कोशिश रहेगी कि प्रतिबंध लागू होने से पहले वाहन चालकों को इसकी जानकारी मिल सके। इसके लिए संबंधित क्षेत्र में यातायात संकेत और पुलिसकर्मियों की तैनाती व्यवस्था का हिस्सा हो सकती है।

पटना में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की कोशिश

राजधानी में लगातार बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के बीच यातायात प्रबंधन बड़ी चुनौती बना हुआ है। प्रमुख चौराहों, फ्लाईओवर और संपर्क मार्गों पर पीक आवर्स में वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में यातायात पुलिस अलग-अलग स्तर पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के उपाय करती रही है।

GPO आरओबी पर मालवाहक वाहनों के लिए समय आधारित प्रतिबंध भी इसी तरह का कदम है। इसका वास्तविक प्रभाव 21 सितंबर से शुरू होने वाले ट्रायल के दौरान सामने आएगा।

इससे पीक आवर्स में वाहनों की रफ्तार बेहतर होती है और जाम की स्थिति में कमी आती है तो प्रशासन इस व्यवस्था को आगे भी जारी रखने पर विचार कर सकता है। वहीं, यदि किसी दूसरे मार्ग पर अतिरिक्त दबाव बनता है तो यातायात व्यवस्था में बदलाव भी किया जा सकता है।

21 सितंबर से शुरू होने वाले ट्रायल को लेकर वाहन चालकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर मालवाहक वाहनों के चालकों को सुबह 9 से 11 बजे और शाम 6 से रात 8:30 बजे के बीच GPO आरओबी का इस्तेमाल करने से बचना होगा। इससे न केवल नियमों का पालन होगा, बल्कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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