Paytm Payments Bank पर RBI का एक्शन, बैंकिंग लाइसेंस रद्द, जानें वजह
Paytm Payments Bank पर RBI का बड़ा एक्शन, बैंकिंग लाइसेंस पहले ही रद्द
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (नई दिल्ली)। Paytm Payments Bank Limited यानी PPBL को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक ने एक और बड़ा कदम उठाया है। RBI ने 7 अक्टूबर 2026 को Paytm Payments Bank को Scheduled Banks की सूची से हटा दिया। यह कार्रवाई बैंक का लाइसेंस रद्द किए जाने और उसके बाद शुरू हुई बंद करने की प्रक्रिया का अगला चरण है। इससे पहले RBI ने 24 अप्रैल 2026 को Paytm Payments Bank का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था।
बैंक का लाइसेंस रद्द होने के बाद PPBL के लिए सामान्य बैंकिंग कारोबार जारी रखने का रास्ता पहले ही बंद हो चुका था। अब Scheduled Banks की सूची से नाम हटने के साथ उसकी बैंकिंग इकाई के रूप में स्थिति में एक और बड़ा बदलाव दर्ज हुआ है। RBI की कार्रवाई का सीधा संबंध Paytm Payments Bank से है, न कि Paytm ऐप की सभी सेवाओं से।
Paytm Payments Bank पर RBI ने क्यों लिया एक्शन?
RBI ने 24 अप्रैल 2026 को पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द करते हुए कई गंभीर नियामकीय कारण गिनाए थे। केंद्रीय बैंक के मुताबिक बैंक के कामकाज और प्रबंधन का तरीका बैंक और उसके जमाकर्ताओं के हितों के प्रतिकूल था। RBI ने यह भी कहा था कि बैंक Payments Bank लाइसेंस की शर्तों का पालन करने में विफल रहा।
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केंद्रीय बैंक ने Banking Regulation Act, 1949 की धारा 22(4) के तहत लाइसेंस रद्द किया था। RBI ने यह भी कहा था कि बैंक को जारी रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य या सार्वजनिक हित पूरा नहीं होगा। साथ ही बैंक को बंद करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में आवेदन करने की बात कही गई थी।
Paytm Payments Bank की मुश्किलें अचानक नहीं बढ़ीं
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर नियामकीय कार्रवाई की शुरुआत कई साल पहले हो गई थी। मार्च 2022 में RBI ने बैंक को नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था। इसके बाद बैंक की गतिविधियों और सिस्टम की जांच की गई।

जनवरी 2024 में RBI ने बैंक पर कई अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए। इन प्रतिबंधों के तहत नए डिपॉजिट और कई तरह के क्रेडिट ट्रांजैक्शन पर रोक लगाई गई। इसके बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक के पेमेंट्स कारोबार में अन्य पार्टनर बैंकों की भूमिका बढ़ती गई।
आखिर Scheduled Bank क्या होता है?
अब सवाल है कि Scheduled Banks की सूची से Paytm Payments Bank को हटाए जाने का मतलब क्या है? RBI Act, 1934 की दूसरी अनुसूची में शामिल बैंक Scheduled Bank कहलाते हैं। ऐसे बैंकों को केंद्रीय बैंक की ओर से कुछ नियामकीय और बैंकिंग सुविधाएं मिलती हैं।
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PPBL का नाम इस सूची से हटना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बैंक का लाइसेंस पहले ही रद्द हो चुका है। यानी यह कोई अलग से शुरू हुई कार्रवाई नहीं बल्कि बैंकिंग कारोबार बंद होने की व्यापक नियामकीय प्रक्रिया का हिस्सा है।
Paytm Payments Bank अब बंद होने की प्रक्रिया में
पेटीएम पेमेंट्स बैंक के लाइसेंस रद्द होने के बाद मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा। अदालत ने 8 जुलाई 2026 के आदेश और उसके बाद 22 जुलाई के आदेश के तहत PPBL को बंद करने की प्रक्रिया को मंजूरी दी। अदालत ने पूर्व SBI अधिकारी गिरिकुमार एम. नायर को Official Liquidator नियुक्त किया।
लिक्विडेटर को बैंक के बोर्ड से जुड़े अधिकारों और बैंक को बंद करने की प्रक्रिया से संबंधित जिम्मेदारियां दी गई हैं। इसका उद्देश्य बैंक की संपत्तियों, देनदारियों, जमाकर्ताओं और अन्य दावों का नियमानुसार निपटारा करना है।
Paytm Payments Bank के ग्राहकों के पैसे का क्या होगा?
RBI ने लाइसेंस रद्द करने के समय कहा था कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक के पास अपनी पूरी deposit liability चुकाने के लिए पर्याप्त liquidity है। इसका अर्थ है कि बैंक के जमाकर्ताओं की देनदारी के भुगतान के लिए पर्याप्त संसाधन होने की बात RBI ने कही थी।
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हालांकि बैंक के बंद होने की प्रक्रिया में कुछ खातों के लिए KYC, बैलेंस और अन्य दावों का सत्यापन जरूरी हो सकता है। इसलिए ग्राहकों से जुड़े मामलों का निपटारा अब liquidation process के तहत किया जा रहा है।
Paytm ऐप बंद नहीं हुआ, यह अंतर समझना जरूरी
पेटीएम पेमेंट्स बैंक और Paytm ऐप को एक ही चीज समझना सही नहीं है। Paytm एक डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म है, जबकि Paytm Payments Bank अलग बैंकिंग इकाई थी।
RBI की कार्रवाई PPBL के खिलाफ है। इसका मतलब यह नहीं है कि Paytm ऐप की सभी सेवाएं बंद हो गई हैं। Paytm की UPI, QR भुगतान, Soundbox, कार्ड मशीन और Payment Gateway जैसी सेवाएं अलग-अलग बैंकिंग पार्टनर्स और मल्टी-बैंक मॉडल के जरिए जारी रह सकती हैं। मौजूदा रिपोर्टों के अनुसार PPBL की बंदी का Paytm की इन मुख्य सेवाओं पर सीधा असर नहीं है।
Paytm यूजर्स को क्या समझना चाहिए?
अगर कोई व्यक्ति Paytm ऐप का इस्तेमाल UPI भुगतान, मोबाइल रिचार्ज या दूसरे डिजिटल पेमेंट के लिए करता है तो उसे Paytm Payments Bank के बंद होने और Paytm ऐप की सेवाओं के बीच अंतर समझना चाहिए।
किसी बैंक का लाइसेंस रद्द होना और उस कंपनी से जुड़े डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म की सभी सेवाओं का बंद होना दो अलग-अलग बातें हैं। Paytm ने पहले ही अपने कई प्रमुख कारोबारों को दूसरे बैंकिंग पार्टनर्स के साथ जोड़ने की दिशा में बदलाव किया था।
RBI की कार्रवाई का अगला चरण क्या होगा?
अब Paytm Payments Bank की प्रक्रिया मुख्य रूप से winding-up और liquidation से जुड़ी है। Official Liquidator बैंक की संपत्तियों और देनदारियों का आकलन करेगा, जमाकर्ताओं और अन्य संबंधित पक्षों के दावों की प्रक्रिया देखेगा और लागू कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई करेगा।
अगस्त 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने winding-up प्रक्रिया में सहायता के लिए EY Restructuring LLP को Process Advisor/Liquidation Support/Winding-Up Advisor नियुक्त करने की अनुमति भी दी थी। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार बैंक के पास बड़ी संख्या में ग्राहक और अन्य creditors हैं, इसलिए पूरी प्रक्रिया में समय लग सकता है।
Paytm Payments Bank की कहानी में आया नया मोड़
Paytm Payments Bank को Scheduled Banks की सूची से हटाया जाना उसके बैंकिंग कारोबार के अंत की प्रक्रिया में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। पहले RBI ने लाइसेंस रद्द किया, फिर दिल्ली हाईकोर्ट ने winding-up का आदेश दिया और अब Scheduled Banks की सूची से नाम हटा दिया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम से यह भी स्पष्ट होता है कि बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं में नियामकीय अनुपालन कितना महत्वपूर्ण है। RBI ने लगातार कार्रवाई के दौरान जमाकर्ताओं के हितों और बैंकिंग नियमों के पालन को अपनी प्रमुख चिंता बताया।
फिलहाल Paytm यूजर्स के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि Paytm Payments Bank और Paytm की मौजूदा डिजिटल पेमेंट सेवाओं को अलग-अलग समझें। PPBL की बैंकिंग इकाई बंद होने की प्रक्रिया में है, जबकि Paytm की दूसरी सेवाएं पार्टनर बैंकों के माध्यम से चल सकती हैं। आने वाले समय में liquidation प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ जमाकर्ताओं और अन्य हितधारकों से जुड़े मामलों के निपटारे की तस्वीर और साफ होगी।
राज कुमार की रिपोर्ट
