PMCH में MBBS की पढ़ाई अब स्मार्ट क्लास में, 1 अक्टूबर से शुरुआत, जानें क्या खास
PMCH में 1 अक्टूबर से स्मार्ट क्लास, MBBS छात्रों को मिलेगा फायदा
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। PMCH यानी पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अब MBBS की पढ़ाई स्मार्ट क्लास में होगी। छात्रों की लंबे समय से चली आ रही क्लासरूम संबंधी शिकायतों को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने शिक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाने का फैसला लिया है। 1 अक्टूबर से बैच के इंट्रैक्शन सेशन के साथ स्मार्ट क्लास की शुरुआत होगी। इसके लिए व्याख्यान कक्ष संख्या-1 और 2 में 30 सितंबर तक स्मार्ट बोर्ड लगाए जाएंगे।
स्मार्ट बोर्ड लगने के बाद नियमित MBBS कक्षाओं में भी इनका इस्तेमाल किया जाएगा। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को लेक्चर, डायग्राम, चार्ट और डिजिटल अध्ययन सामग्री स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराना है। बड़े लेक्चर हॉल में पीछे बैठने वाले छात्रों को ब्लैक बोर्ड देखने और शिक्षक की आवाज सुनने में होने वाली परेशानी को भी दूर करने की कोशिश की जाएगी।
PMCH में अब ब्लैक बोर्ड के साथ स्मार्ट बोर्ड
PMCH के बड़े व्याख्यान कक्षों में लंबे समय से छात्रों की यह शिकायत रही है कि पीछे की कतार में बैठने पर ब्लैक बोर्ड पर लिखी सामग्री साफ दिखाई नहीं देती। कई बार शिक्षक की आवाज भी अंतिम पंक्ति तक स्पष्ट रूप से नहीं पहुंच पाती थी। इससे लेक्चर के दौरान छात्रों को महत्वपूर्ण बिंदु समझने और नोट करने में परेशानी होती थी।
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नई व्यवस्था में शिक्षक केवल ब्लैक बोर्ड पर लिखकर पढ़ाने तक सीमित नहीं रहेंगे। स्मार्ट बोर्ड के जरिए डिजिटल प्रेजेंटेशन, तस्वीर, चार्ट, डायग्राम और अन्य अध्ययन सामग्री स्क्रीन पर प्रदर्शित की जा सकेगी। इससे कक्षा के अलग-अलग हिस्सों में बैठे छात्रों को एक जैसी अध्ययन सामग्री देखने का अवसर मिलेगा।
मेडिकल पढ़ाई में डायग्राम से समझना होगा आसान
मेडिकल शिक्षा में कई विषय ऐसे हैं, जिनमें सिर्फ लिखकर समझाना पर्याप्त नहीं होता। शरीर की संरचना, विभिन्न अंगों की स्थिति, बीमारी से जुड़े बदलाव और दवाओं के प्रभाव जैसे विषयों को समझाने में तस्वीर और डायग्राम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
PMCH की स्मार्ट क्लास में डिजिटल सामग्री के इस्तेमाल से ऐसे विषयों को छात्रों के सामने बड़े स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जा सकेगा। इससे शिक्षक किसी डायग्राम या चित्र को सीधे स्क्रीन पर दिखाकर उसके अलग-अलग हिस्सों की व्याख्या कर सकेंगे।
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खासकर शरीर रचना विज्ञान, पैथोलॉजी और फार्माकोलॉजी जैसे विषयों में विजुअल सामग्री का इस्तेमाल छात्रों के लिए उपयोगी हो सकता है। इससे लेक्चर के दौरान जानकारी को समझने और दोबारा अध्ययन करने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
PMCH में ऑडियो सिस्टम भी होगा बेहतर
सिर्फ स्मार्ट बोर्ड लगाने के साथ PMCH प्रशासन ने ऑडियो व्यवस्था को बेहतर करने पर भी ध्यान दिया है। कक्षा में माइक्रोफोन और पर्याप्त क्षमता वाले स्पीकर की व्यवस्था की जाएगी, ताकि शिक्षक की आवाज लेक्चर हॉल की अंतिम पंक्ति तक स्पष्ट रूप से पहुंच सके।
बड़े व्याख्यान कक्ष में एक साथ बड़ी संख्या में छात्रों के बैठने के कारण आवाज की स्पष्टता महत्वपूर्ण होती है। खासकर लंबे लेक्चर के दौरान यदि आवाज पीछे तक ठीक से नहीं पहुंचती है तो छात्रों को विषय समझने में परेशानी होती है। नई ऑडियो व्यवस्था से इस समस्या को कम करने की कोशिश की जा रही है।
खराब AC की समस्या भी दूर की गई
PMCH की कक्षाओं में गर्मी और खराब एसी की समस्या भी छात्रों के लिए परेशानी का कारण रही थी। कॉलेज प्रशासन के अनुसार एसी से जुड़ी समस्या को हाल में ठीक किया गया है। इसके बाद अब क्लासरूम की अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि बेहतर शिक्षण व्यवस्था के लिए सिर्फ डिजिटल बोर्ड पर्याप्त नहीं है। कक्षा में उचित तापमान, स्पष्ट आवाज और सभी छात्रों को अध्ययन सामग्री दिखाई देना भी जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए क्लासरूम की व्यवस्थाओं में सुधार किया जा रहा है।
MBBS छात्रों की उपस्थिति पर भी सख्ती
क्लासरूम की सुविधाओं में सुधार का फैसला ऐसे समय हुआ है, जब PMCH प्रशासन MBBS छात्रों की उपस्थिति को लेकर पहले से सख्त रुख अपना रहा है। जानकारी के अनुसार 2022 बैच के करीब 200 MBBS छात्रों की वर्तमान उपस्थिति लगभग 45 प्रतिशत से भी कम बताई जा रही है।
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कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। छात्रों को दिसंबर तक न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति पूरी करनी है। प्रशासन की ओर से पहले भी उपस्थिति बढ़ाने के लिए निर्देश और अल्टीमेटम दिए गए थे, लेकिन छात्रों की संख्या अपेक्षा के अनुरूप नहीं पहुंच रही थी।
PMCH प्रशासन ने छात्रों की शिकायतों पर भी दिया ध्यान
एक ओर कॉलेज प्रशासन छात्रों से नियमित कक्षाओं में उपस्थित होने की अपेक्षा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर छात्रों की ओर से उठाई गई क्लासरूम संबंधी समस्याओं पर भी ध्यान दिया गया है। प्रशासन ने शिक्षण व्यवस्था में तकनीकी सुधार का निर्णय इसी दिशा में लिया है।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कक्षा में आने वाले छात्रों को लेक्चर समझने में तकनीकी या बुनियादी सुविधाओं की वजह से परेशानी न हो। स्मार्ट बोर्ड, बेहतर ऑडियो सिस्टम और सुधरी हुई कूलिंग व्यवस्था को इसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।
75 फीसदी अटेंडेंस जरूरी, सेंटअप पर असर
PMCH की प्राचार्य प्रो. गीता सिन्हा ने कहा कि छात्रों की सुविधा के लिए कक्षाओं को स्मार्ट बनाया जा रहा है। आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ छात्रों को नियमित कक्षाओं में उपस्थित रहने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
उन्होंने कहा कि जिन छात्रों की उपस्थिति 75 प्रतिशत पूरी नहीं होगी, उन्हें सेंटअप में शामिल होने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में छात्रों के लिए स्मार्ट क्लास की सुविधा के साथ नियमित उपस्थिति बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होगा।
1 अक्टूबर से शुरू होगी नई व्यवस्था
PMCH के व्याख्यान कक्ष संख्या-1 और 2 में 30 सितंबर तक स्मार्ट बोर्ड लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद 1 अक्टूबर से बैच के इंट्रैक्शन सेशन के साथ नई व्यवस्था शुरू होगी। आगे चलकर नियमित MBBS कक्षाओं में भी स्मार्ट बोर्ड का इस्तेमाल किया जाएगा।
नई व्यवस्था से PMCH में मेडिकल छात्रों की पढ़ाई को तकनीक से जोड़ने की दिशा में बदलाव की शुरुआत होगी। कॉलेज प्रशासन का फोकस अब क्लासरूम की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के साथ शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर है। वहीं छात्रों के सामने नियमित उपस्थिति पूरी करने की जिम्मेदारी भी बनी रहेगी।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
