लालू परिवार में फिर लौटेंगी रोहिणी आचार्य? पिता के पास आने का किया ऐलान, बोलीं- बेटी का फर्ज निभाऊंगी
Rohini Acharya ने पिता लालू प्रसाद यादव के पास लौटने का ऐलान किया है।
निष्कर्ष भारत संवाददाता- पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। कुछ समय पहले परिवार और राजनीति से दूरी बनाने का ऐलान करने वाली उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने अब पिता के पास लौटने की बात कही है। रोहिणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लालू प्रसाद के साथ अपनी तस्वीरें साझा करते हुए भावुक संदेश लिखा है। उनके इस पोस्ट के बाद एक बार फिर लालू परिवार को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में कहा कि उनके लिए उनके पिता की खुशी और उनका आशीर्वाद सबसे ज्यादा मायने रखता है। उन्होंने यह भी लिखा कि पिता का बुलावा उनके लिए किसी आदेश से कम नहीं है। इसी के साथ उन्होंने जल्द अपने पिता के पास आने और एक बेटी का फर्ज निभाने की बात कही।
हालांकि, रोहिणी ने यह साफ नहीं किया है कि उनका लौटना केवल पारिवारिक स्तर पर है या इसका भविष्य में उनकी राजनीतिक भूमिका पर भी कोई असर पड़ेगा।
पिता के बुलावे पर लौटने की बात
रोहिणी आचार्य का नया पोस्ट उनके और लालू प्रसाद के रिश्ते को लेकर चर्चा का केंद्र बन गया है। इससे पहले भी वह कई मौकों पर अपने पिता के प्रति भावनात्मक जुड़ाव जाहिर करती रही हैं। जुलाई 2026 में गुरु पूर्णिमा के मौके पर भी उन्होंने लालू प्रसाद को अपना गुरु बताते हुए तस्वीर साझा की थी।

अब नए पोस्ट में उन्होंने पिता की खुशी और आशीर्वाद को प्राथमिकता बताते हुए उनके पास आने की बात कही है। हालांकि, उन्होंने वापसी की कोई निश्चित तारीख या आगे की राजनीतिक भूमिका को लेकर जानकारी नहीं दी है।
नवंबर 2025 में परिवार से दूरी का किया था ऐलान
रोहिणी आचार्य ने नवंबर 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद राजनीति छोड़ने और परिवार से खुद को अलग करने का ऐलान किया था। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा था कि वह राजनीति छोड़ रही हैं और परिवार से नाता तोड़ रही हैं। उस समय उन्होंने संजय यादव और रमीज का नाम लेते हुए उन्हें अपने फैसले के लिए जिम्मेदार बताया था।
निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: छोटे सरकार अनंत सिंह पर गाज गिरना तय, नीतीश कुमार के आवास पर JDU की बड़ी आपात बैठक
इसके बाद रोहिणी ने सार्वजनिक बयानों में परिवार के भीतर कथित विवाद और अपमान को लेकर भी कई बातें कही थीं। उनके बयानों के बाद लालू परिवार को लेकर बिहार की राजनीति में चर्चा तेज हो गई थी।
हालांकि, रोहिणी की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। इसलिए इन दावों को आरोपों के रूप में ही देखा गया है।
किडनी डोनेट करने के बाद आई थीं चर्चा में
रोहिणी आचार्य साल 2022 में उस समय देशभर में चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव को किडनी डोनेट की थी। लालू प्रसाद का सिंगापुर में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था और रोहिणी इस प्रक्रिया में डोनर बनी थीं।
उस दौरान रोहिणी ने सोशल मीडिया पर अपने पिता को लेकर कई भावुक पोस्ट भी किए थे। पिता के प्रति उनके लगाव और किडनी दान के फैसले की काफी चर्चा हुई थी।
2024 में सारण से लड़ा था लोकसभा चुनाव
रोहिणी आचार्य ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पहली बार सक्रिय चुनावी राजनीति में कदम रखा था। RJD ने उन्हें सारण लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। यह सीट लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक सफर से भी जुड़ी रही है।
खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े
चुनाव में उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के राजीव प्रताप रूडी से हुआ था। चुनाव परिणाम में रोहिणी को हार का सामना करना पड़ा।
चुनाव प्रचार के दौरान रोहिणी ने खुद को सारण की बेटी बताते हुए जनता से समर्थन मांगा था। उन्होंने उस समय अपने पिता को किडनी देने और परिवार के प्रति अपनी भूमिका का भी जिक्र किया था।
अब क्या होगी रोहिणी की भूमिका?
रोहिणी आचार्य के ताजा पोस्ट ने लालू परिवार में उनके भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वह सिर्फ अपने पिता के पास पारिवारिक रूप से लौट रही हैं या आने वाले समय में फिर से राजनीतिक गतिविधियों में नजर आएंगी।
फिलहाल उनके पोस्ट से राजनीतिक वापसी की पुष्टि नहीं होती है। उन्होंने मुख्य रूप से अपने पिता, उनकी खुशी और उनके आशीर्वाद की बात की है।
ये भी पढ़े: अनंत-नीरज विवाद पर नीतीश सख्त, कहा- चुनाव जीतना प्राथमिकता, बबाल जारी
इसलिए आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रोहिणी आचार्य की यह वापसी केवल पिता-पुत्री के रिश्ते तक सीमित रहती है या इसका असर RJD और लालू परिवार की राजनीतिक गतिविधियों पर भी दिखाई देता है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
