जमुई कांड पर प्रशांत किशोर का सरकार पर हमला, मैथिली ठाकुर के कार्यक्रमों पर भी साधा निशाना; बोले- बेटियों को खुद पढ़ाओ और बचाओ

मैथिली ठाकुर

जमुई कांड पर प्रशांत किशोर का हमला, मैथिली ठाकुर पर भी साधा निशाना

निष्कर्ष भारत संवाददाता-पटना– पटना: भाजपा विधायक और लोकगायिका मैथिली ठाकुर के सार्वजनिक कार्यक्रमों को लेकर जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि दरभंगा के लोगों ने मैथिली ठाकुर को आइकन बनाकर वोट दिया, लेकिन वे अंबानी परिवार के गणेश उत्सव में प्रस्तुति दे रही हैं। वहीं, उनके क्षेत्र के लोग बाढ़ और अपराध जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसी दौरान प्रशांत किशोर ने जमुई कांड को लेकर बिहार सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, वायरल वीडियो और ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ अभियान को लेकर सरकार पर निशाना साधा।

मैथिली ठाकुर के कार्यक्रमों पर प्रशांत किशोर का तंज

प्रशांत किशोर ने अपने बयान में भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर का नाम लेते हुए उनके हालिया सार्वजनिक कार्यक्रमों पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दरभंगा के लोगों ने मैथिली ठाकुर को अपना आइकन मानकर वोट दिया था, लेकिन वह अंबानी परिवार के गणेश उत्सव में प्रस्तुति दे रही हैं। दूसरी ओर, उनके विधानसभा क्षेत्र के लोग बाढ़ और अपराध जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

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प्रशांत किशोर की इस टिप्पणी में जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने का सवाल उठाया गया। उन्होंने यह संकेत देने की कोशिश की कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए। हालांकि, मैथिली ठाकुर के कार्यक्रमों और उनके क्षेत्र में चल रहे कार्यों को लेकर उनके बयान पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया का उल्लेख इस वक्तव्य में नहीं है।

‘मैथिली ठाकुर विधायक हैं, इसलिए रात में घूम सकती हैं’

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रशांत किशोर ने मैथिली ठाकुर के पुराने बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मैथिली ठाकुर विधायक हैं, इसलिए रात में घूम सकती हैं, लेकिन आम लड़कियों के लिए रात में अकेले घूमना उतना सुरक्षित नहीं है।

प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बिहार में सुरक्षा की स्थिति को लेकर अब लड़के भी रात में बाहर निकलने से पहले दो बार सोचते हैं। उनके बयान का मुख्य केंद्र महिलाओं और आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं थीं।

उन्होंने सरकार से कानून-व्यवस्था को लेकर जवाबदेही की मांग करते हुए यह सवाल उठाया कि अगर आम नागरिकों को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है, तो सरकार की जिम्मेदारी किस तरह पूरी हो रही है।

वायरल वीडियो के बाद सामने आया जमुई मामला

जमुई कांड को लेकर प्रशांत किशोर ने वायरल वीडियो और पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि आरोपितों ने घटना का वीडियो नहीं बनाया होता, तो लोगों को इस घटना की जानकारी कैसे मिलती?

उन्होंने वीडियो प्रसारित करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की बात पर सवाल उठाते हुए कहा कि वीडियो सामने आने के बाद ही घटना की जानकारी सार्वजनिक हुई। उनके मुताबिक, कार्रवाई का केंद्र अपराध करने वालों पर होना चाहिए।

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प्रशांत किशोर ने इसी संदर्भ में बिहार में शराब और बालू माफिया के कथित संरक्षण को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो प्रसारित करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की बात होती है, लेकिन अपराध करने वालों पर कार्रवाई नहीं होती।

हालांकि, इन आरोपों के संबंध में पुलिस और सरकार का आधिकारिक पक्ष तथा जांच की वर्तमान स्थिति को अलग-अलग देखना जरूरी है। किसी भी मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही की जा सकती है।

‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ अभियान पर भी निशाना

प्रशांत किशोर ने केंद्र सरकार के ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ अभियान का उल्लेख करते हुए भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि अब नया संदेश यह है कि बेटियों को खुद पढ़ाओ और खुद बचाओ, क्योंकि सरकार कुछ नहीं करने वाली।

उनकी टिप्पणी महिलाओं की सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के जमीनी प्रभाव को लेकर राजनीतिक बहस का हिस्सा है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि केवल योजनाओं और नारों से आगे बढ़कर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को क्या कदम उठाने चाहिए।

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जमुई मामले पर बढ़ता राजनीतिक विवाद

जमुई की घटना के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी नेता सरकार से कार्रवाई और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष संवेदनशील मामलों पर राजनीति करने के आरोप लगा रहा है।

प्रशांत किशोर के बयान ने इस राजनीतिक विवाद को एक और दिशा दी है। उन्होंने जमुई मामले के साथ-साथ पुलिस की कार्यशैली, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और महिलाओं की सुरक्षा को एक साथ उठाया। अब इस मुद्दे पर सरकार और संबंधित जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रियाएं भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन सकती हैं।

जमुई मामले में पुलिस की जांच, आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित पक्ष को मिलने वाली सहायता से जुड़े आधिकारिक अपडेट आगे की स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण होंगे।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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