टेंडर घोटाले में ED का शिकंजा तेज, IAS धर्मेंद्र कुमार से पूछताछ, 6 अफसर रडार पर

टेंडर

Rishu Shree Tender Scam

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में रिशु श्री से जुड़े कथित टेंडर घोटाले की जांच तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समन पर IAS अधिकारी धर्मेंद्र कुमार बुधवार को पटना स्थित ED कार्यालय पहुंचे। उनसे सरकारी टेंडरों में कथित अनियमितता, रिशु श्री से संबंध और संभावित लेन-देन को लेकर पूछताछ की जानी है। इससे पहले ED IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा और IAS सुनील यादव से भी पूछताछ कर चुकी है। इस मामले में अब तक छह IAS अधिकारियों को समन भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

रिशु श्री टेंडर घोटाला: IAS धर्मेंद्र कुमार से ED की पूछताछ

बिहार में कथित टेंडर घोटाले को लेकर ED की जांच का दायरा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच गया है। बुधवार को IAS धर्मेंद्र कुमार ED के पटना कार्यालय पहुंचे। उन्हें जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए बुलाया था। अब उनसे रिशु श्री से जुड़े सरकारी टेंडरों और कथित अनियमितताओं के संबंध में सवाल किए जाने की संभावना है।

इससे पहले सोमवार को IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा और मंगलवार को IAS सुनील यादव से पूछताछ की गई थी। जानकारी के मुताबिक, सुनील यादव से करीब साढ़े सात घंटे तक सवाल-जवाब हुए। जांच एजेंसी संबंधित अधिकारियों से टेंडर प्रक्रिया, कथित लेन-देन और रिशु श्री के साथ उनके संबंधों को लेकर जानकारी जुटा रही है।

हालांकि, किसी अधिकारी को समन जारी होना या पूछताछ के लिए बुलाया जाना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।

छह IAS अधिकारियों को भेजा गया समन

रिशु श्री से जुड़े मामले में ED ने छह IAS अधिकारियों को समन भेजा है। इनमें आनंद किशोर, संतोष कुमार मल्ल, धर्मेंद्र कुमार, योगेश कुमार सागर, अभिलाषा कुमारी शर्मा और सुनील यादव के नाम शामिल हैं।

जांच एजेंसी इन अधिकारियों से सरकारी टेंडरों के आवंटन और रिशु श्री से जुड़े कथित लेन-देन के संबंध में पूछताछ करना चाहती है। जानकारी के अनुसार, योगेश कुमार सागर ने पूछताछ के लिए अगले सप्ताह का समय मांगा था। वहीं, आनंद किशोर समेत अन्य अधिकारियों को 30 अक्टूबर तक पूछताछ के लिए बुलाए जाने की बात सामने आई है।

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ED की जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि सरकारी ठेकों की प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता हुई थी या नहीं और रिशु श्री को कथित तौर पर किस प्रकार फायदा पहुंचाया गया।

हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद बढ़ी चर्चा

रिशु श्री की जमानत याचिका विजिलेंस कोर्ट से खारिज होने के बाद उसने हाईकोर्ट का रुख किया था। 15 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले में बड़े अधिकारियों की भूमिका और उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे।

अदालत की टिप्पणी के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की कथित भूमिका को लेकर चर्चा तेज हुई। इसी बीच ED की ओर से IAS अधिकारियों को समन भेजे जाने से मामले ने और तूल पकड़ लिया है।

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हालांकि, अदालत की टिप्पणी और ED की जांच को किसी अधिकारी के खिलाफ दोष साबित होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही संबंधित आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

कौन है रिशु श्री, जिस पर लगे हैं गंभीर आरोप?

रिशु श्री मूल रूप से बिहार के सारण जिले का रहने वाला बताया जाता है। उसका नाम वरिष्ठ IAS अधिकारी संजीव हंस और अन्य अधिकारियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार तथा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सामने आया है।

जांच एजेंसी के आरोपों के मुताबिक, रिशु श्री सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से कथित संपर्क के जरिए टेंडरों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पहले हासिल कर लेता था। आरोप है कि इस जानकारी का इस्तेमाल टेंडर की शर्तों को प्रभावित करने और पसंदीदा ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जाता था।

जांच में कथित कमीशन और उसके संभावित बंटवारे की आशंका की भी पड़ताल की गई है। इन आरोपों की अंतिम स्थिति संबंधित साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

अधिकारियों की पोस्टिंग और विदेश यात्राएं भी जांच के दायरे में

जांच से जुड़े विवरणों में रिशु श्री पर पसंद के अधिकारियों की पोस्टिंग कराने की कोशिश करने का आरोप भी शामिल है। आरोप के मुताबिक, सीतामढ़ी में नगर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिलाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को 25 लाख रुपये दिए जाने की बात सामने आई थी। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

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इसके अलावा, BUDCO के तत्कालीन प्रबंध निदेशक IAS योगेश कुमार सागर और उनके परिवार की विदेश यात्राओं का खर्च कथित तौर पर रिशु श्री द्वारा उठाए जाने की बात भी जांच में सामने आई थी। जून 2024 में ऑस्ट्रिया यात्रा का उल्लेख किया गया था।

IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा और उनके परिवार की विदेश यात्रा पर करीब 19 लाख रुपये खर्च किए जाने के आरोप की भी जांच हुई। वहीं, BMSICL के तत्कालीन MD धर्मेंद्र कुमार की विदेश यात्राओं और रिशु श्री से जुड़ी संस्थाओं को मिले ठेकों के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल की गई।

265.73 करोड़ की संपत्ति और धमकी देने के आरोप

मामले में 265.73 करोड़ रुपये की संपत्ति का भी जिक्र सामने आया है। ED कथित भ्रष्टाचार, संपत्ति और सरकारी ठेकों के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है। छापेमारी के दौरान रिशु श्री के घर से नकदी और जेवरात मिलने की बात भी सामने आई थी।

इसके अतिरिक्त, 10 सितंबर 2025 को ED ने पटना के SSP को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि रिशु श्री फेसटाइम और टेलीग्राम के जरिए अधिकारियों को आत्महत्या की धमकी दे रहा था। समन से बचने के लिए कथित फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का सहारा लेने का आरोप भी लगाया गया था।

अब पूछताछ से क्या सामने आएगा?

फिलहाल ED की जांच में सरकारी टेंडरों, कथित लेन-देन, विदेश यात्राओं और अधिकारियों के साथ रिशु श्री के संबंधों की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। IAS धर्मेंद्र कुमार से पूछताछ इसी जांच का हिस्सा है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पूछताछ के दौरान कौन-सी जानकारी सामने आती है और क्या जांच एजेंसी को कथित अनियमितताओं के संबंध में ठोस साक्ष्य मिलते हैं। मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष और जांच के आधिकारिक निष्कर्ष भी महत्वपूर्ण होंगे।

Nishkarsh Bharat

भूमि आर्या की रिपोर्ट