समस्तीपुर की घटना पर तेजस्वी का हमला, कहा- बिहार में अब ‘राक्षस राज’, सरकार खामोश

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तेजस्वी ने समस्तीपुर घटना पर सरकार को घेरा, कार्रवाई पर उठाए सवाल

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार के समस्तीपुर में सड़क पर एक लड़की से कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव के पास की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया निगरानी के दौरान वीडियो सामने आने के बाद तकनीकी जांच की गई और घटनास्थल की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसी मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर निशाना साधा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।

समस्तीपुर घटना पर तेजस्वी का सरकार पर हमला

तेजस्वी यादव ने समस्तीपुर की घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में महिलाओं और लड़कियों से जुड़ी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और सरकार को इन मामलों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए इस्तीफे की मांग भी दोहराई।

तेजस्वी ने यह भी कहा कि अगर मुख्यमंत्री अपनी कही बात पर कायम हैं तो उन्हें जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए। उनके बयान का केंद्र कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा रहा। इससे पहले जमुई की घटना को लेकर भी तेजस्वी सरकार के खिलाफ मुखर रहे हैं और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं।

‘राक्षस राज’ वाले बयान पर गरमाई सियासत

समस्तीपुर मामले को लेकर तेजस्वी यादव ने बिहार की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाते हुए ‘राक्षस राज’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर घटनाओं को लेकर सरकार के कुछ नेता इन्हें मामूली या छिटपुट घटनाओं के तौर पर पेश कर रहे हैं।

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तेजस्वी ने सवाल उठाया कि क्या समस्तीपुर की घटना को भी इसी तरह देखा जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्या कार्रवाई अपराध की प्रकृति के बजाय आरोपी की जाति देखकर होगी। ये तेजस्वी यादव द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। इनके समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने आने की जानकारी नहीं है।

सरकार की ओर से क्या कहा गया?

तेजस्वी यादव के आरोपों के बीच बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने घटनाओं को लेकर अलग पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि अपराध की घटनाएं केवल बिहार तक सीमित नहीं हैं और अमेरिका तथा जापान जैसे देशों में भी घटनाएं होती हैं। उनका कहना था कि किसी भी समाज में अपराध को पूरी तरह खत्म कर देना आसान नहीं है, लेकिन यह भी देखना जरूरी है कि घटना के बाद पुलिस कितनी तेजी से कार्रवाई करती है।

अशोक चौधरी ने समस्तीपुर मामले में पुलिस कार्रवाई की ओर ध्यान दिलाया। इस मामले में पुलिस ने वीडियो सामने आने के बाद तकनीकी जांच की और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

समस्तीपुर में पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा

पुलिस के अनुसार, वीडियो 23 सितंबर की शाम सोशल मीडिया निगरानी के दौरान सामने आया। तकनीकी सत्यापन के बाद घटनास्थल की पहचान कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव के पास बांध किनारे सड़क के रूप में हुई। पुलिस ने बताया कि घटना करीब एक सप्ताह पुरानी बताई जा रही है।

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इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की और कुछ ही घंटों में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में विकास कुमार, राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान के नाम सामने आए हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

वीडियो के आधार पर शुरू हुई जांच

समस्तीपुर पुलिस के मुताबिक मामले में वायरल वीडियो की तकनीकी जांच महत्वपूर्ण रही। पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे स्थान की पहचान करने के बाद वहां से जुड़े लोगों और संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद आरोपियों को चिह्नित कर कार्रवाई की गई।

पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार वीडियो में दिखाई दे रही लड़की प्रथमदृष्टया नाबालिग प्रतीत होती है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली सामग्री साझा नहीं करने की अपील की है।

जमुई के बाद समस्तीपुर घटना ने बढ़ाई चिंता

समस्तीपुर की घटना ऐसे समय सामने आई है, जब जमुई में भी एक नाबालिग छात्र-छात्रा से सार्वजनिक स्थान पर कथित बदसलूकी का मामला राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। जमुई की घटना को लेकर तेजस्वी यादव पहले ही राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर हमला कर चुके हैं। वहां पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है और मामले को लेकर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है।

इन दो घटनाओं के सामने आने से बिहार में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है। विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार की ओर से पुलिस कार्रवाई और कानून के तहत कदम उठाए जाने की बात कही जा रही है।

श्याम रजक ने भी जताई चिंता

जदयू विधायक श्याम रजक ने समस्तीपुर की घटना को चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही है। उनका बयान सत्ता पक्ष के उस रुख को दर्शाता है जिसमें घटना की गंभीरता स्वीकार करने के साथ पुलिस कार्रवाई को भी सामने रखा गया है।

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इस बीच विपक्ष का सवाल यह है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं सरकार की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि घटना के बाद त्वरित कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी भी कानून-व्यवस्था की प्रक्रिया का हिस्सा है।

तेजस्वी के बयान से बढ़ा राजनीतिक दबाव

समस्तीपुर मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद राजनीतिक विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। तेजस्वी यादव इस घटना को बिहार में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा के बड़े मुद्दे से जोड़ रहे हैं। दूसरी तरफ सरकार के मंत्री पुलिस की कार्रवाई और घटनाओं के बाद उठाए जा रहे कदमों को सामने रख रहे हैं।

मामले में अब पुलिस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। आरोपियों से पूछताछ, उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी। किसी भी आरोपी के खिलाफ आरोप साबित होना न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

पीड़िता की पहचान सार्वजनिक न करने की अपील

पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स और आम लोगों से अपील की है कि घटना से जुड़े ऐसे वीडियो या पोस्ट साझा न करें जिनसे पीड़िता की पहचान सामने आती हो। नाबालिग से जुड़े मामलों में पीड़िता की पहचान की गोपनीयता कानूनी रूप से महत्वपूर्ण है।

समस्तीपुर मामले में चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और पुलिस जांच जारी है। दूसरी ओर तेजस्वी यादव के बयान के बाद यह मामला बिहार की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन गया है। अब आगे पुलिस जांच और सरकार की कार्रवाई के साथ-साथ इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी किस दिशा में जाती है, इस पर नजर रहेगी।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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