एक चरण में ही होगी TRE-4 की परीक्षा, छात्रों की बड़ी जीत, सीएम सम्राट ने की घोषणा
TRE-4 परीक्षा एक चरण में होगी, छात्रों का आंदोलन खत्म
निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। TRE-4 परीक्षा को लेकर बिहार में पिछले कई दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया। राज्य सरकार ने शिक्षक भर्ती परीक्षा को एक चरण में कराने की मांग स्वीकार कर ली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस बार TRE-4 परीक्षा एकल चरण में आयोजित की जाएगी।
सरकार के इस फैसले को पटना में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की बड़ी जीत माना जा रहा है। छात्रों की मांग थी कि शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन उसी तरह किया जाए, जिस तरह पिछली तीन शिक्षक भर्ती परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। सरकार ने इस मांग पर सहमति जताते हुए परीक्षा को एक चरण में कराने का निर्णय लिया है।
TRE-4 पर सरकार ने लिया बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर सरकार शुरू से गंभीर रही है। अब सरकार ने फैसला किया है कि TRE-4 परीक्षा एकल चरण में आयोजित की जाएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि परीक्षा से संबंधित इस निर्णय के अलावा छात्रों के हित में नौ अन्य महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। सरकार की ओर से विभिन्न प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, परीक्षाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और अभ्यर्थियों की शिकायतों का समाधान करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है।
परीक्षा सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन
राज्य सरकार ने विभिन्न परीक्षाओं में सुधार के लिए अनुशंसाएं देने के उद्देश्य से ‘परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति’ गठित की है। यह समिति परीक्षाओं से जुड़े नियमों, प्रक्रिया और अभ्यर्थियों की समस्याओं का अध्ययन करेगी।
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सरकार के अनुसार समिति की अध्यक्षता पटना हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश करेंगे। समिति को विभिन्न परीक्षाओं से संबंधित छात्रों की शिकायतें सुनने की जिम्मेदारी भी दी गई है।

इस फैसले को परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों की शिकायतों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से प्रक्रिया में सुधार की मांग उठती रही है।
‘वन कैंडिडेट-वन रिजल्ट’ पर भी सहमति
छात्रों की एक प्रमुख मांग ‘वन कैंडिडेट-वन रिजल्ट’ को लेकर भी थी। सरकार ने इस मांग पर भी सहमति जताई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य एक ही अभ्यर्थी से संबंधित परिणामों को लेकर पैदा होने वाली उलझन को कम करना है।
छात्र संगठनों की ओर से लगातार मांग की जा रही थी कि भर्ती परीक्षाओं और परिणामों की प्रक्रिया स्पष्ट और अभ्यर्थी हितैषी हो। सरकार के ताजा फैसलों में इस मांग को शामिल किया गया है।
विद्यार्थी सहयोग पोर्टल से शिकायतों का समाधान
सरकार ने छात्रों की समस्याओं और शिकायतों के जल्द समाधान के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ शुरू करने की जानकारी भी दी है।

सरकार का दावा है कि इन माध्यमों के जरिए छात्रों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर किया जा रहा है। इससे अभ्यर्थियों को अपनी शिकायत दर्ज कराने और उसके समाधान की स्थिति जानने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है।
सरकार ने कहा है कि छात्रों के कल्याण और उनके बेहतर भविष्य के लिए वह लगातार काम कर रही है।
18 अगस्त से गर्दनीबाग में चल रहा था धरना
TRE-4 परीक्षा को एक चरण में कराने की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में छात्र 18 अगस्त से धरने पर बैठे थे। आंदोलन के दौरान छात्र नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर अनशन भी शुरू किया था।
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सरकार की घोषणा के बाद आंदोलनकारियों में राहत देखने को मिली। छात्र नेता अमन और जहान्वी ने अपना अनशन खत्म कर दिया। शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने छात्र नेता अमन को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
सरकार और छात्रों के बीच बने इस गतिरोध के खत्म होने के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर TRE-4 परीक्षा की आगे की प्रक्रिया और आधिकारिक कार्यक्रम पर रहेगी।
छात्रों ने बताया संघर्ष की जीत
सरकार के फैसले के बाद छात्र नेताओं ने इसे आंदोलन की सफलता बताया। छात्र नेता सौरभ ने कहा कि सरकार ने छात्रों की सभी मांगें मान ली हैं। उन्होंने इसे छात्र एकता और संघर्ष की जीत बताया।
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का मुख्य जोर परीक्षा प्रक्रिया को पिछली शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के अनुरूप रखने पर था। एक चरण में परीक्षा कराने की घोषणा के बाद अब छात्रों को उम्मीद है कि आगे की भर्ती प्रक्रिया भी स्पष्ट और समयबद्ध तरीके से पूरी होगी।
TRE-4 अभ्यर्थियों की अब आगे की नजर
TRE-4 परीक्षा को एक चरण में कराने का फैसला आने के बाद हजारों अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ी अनिश्चितता दूर हुई है। हालांकि अब उनकी नजर परीक्षा की आधिकारिक तारीख, आवेदन से जुड़ी प्रक्रिया, परीक्षा केंद्र और अन्य दिशा-निर्देशों पर होगी।
सरकार की ओर से परीक्षा सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति और विद्यार्थी सहयोग व्यवस्था शुरू किए जाने से भविष्य में अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल बिहार में TRE-4 परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन खत्म हो गया है। सरकार के फैसले ने एक ओर अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग पूरी की है, वहीं दूसरी ओर परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर नए संस्थागत कदमों की शुरुआत भी की है। अब चुनौती इस फैसले को प्रभावी ढंग से लागू करने और परीक्षा प्रक्रिया को समय पर पूरा करने की होगी।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
