UGC बिल पर यूपी में हंगामा, आगरा के बाद फिरोजाबाद में बवाल, सड़कों पर उतरे लोग

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UGC बिल के विरोध में आगरा और फिरोजाबाद में प्रदर्शन तेज हुआ

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (आगरा)। उत्तर प्रदेश में UGC बिल और उससे जुड़े नए प्रावधानों को लेकर विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला तेज होता दिखाई दे रहा है। रविवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आगरा और फिरोजाबाद में प्रदर्शन हुए। फिरोजाबाद में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी गांधी पार्क में जुटे और धरने पर बैठकर नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारी जिला मुख्यालय की ओर बढ़ने लगे।

रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद बैरिकेडिंग हटाने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्कामुक्की की स्थिति बन गई। वहीं आगरा में UGC के विरोध में ट्रैक्टर मार्च का आयोजन किया गया। मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई थी। इससे पहले भी आगरा में UGC के नए नियमों को लेकर विरोध प्रदर्शन और पुलिस के साथ टकराव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

फिरोजाबाद में गांधी पार्क से शुरू हुआ प्रदर्शन

फिरोजाबाद में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के आह्वान पर प्रदर्शनकारी गांधी पार्क में एकत्र हुए। बड़ी संख्या में लोग महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने UGC बिल के खिलाफ नारे लगाए और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया।

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कुछ देर बाद प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए जिला मुख्यालय की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी। विवेकानंद चौराहे के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बैरिकेडिंग हटाने को लेकर विवाद शुरू हो गया।

बैरिकेडिंग को लेकर पुलिस से धक्कामुक्की

स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्कामुक्की शुरू हो गई और मामला तीखी झड़प तक पहुंच गया।

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प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस दौरान उनका ज्ञापन भी छीन लिया गया। हालांकि पुलिस और प्रशासन की ओर से घटना के सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अलग-अलग स्तर पर की जानी बाकी है।

प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों के घायल होने की सूचना भी सामने आई है। बताया गया कि दो लोगों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया। तीन लोगों के घायल होने की बात भी कही जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

UGC प्रदर्शन के बीच चार थानों की पुलिस तैनात

स्थिति बिगड़ने की सूचना के बाद आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। अधिकारियों की मौजूदगी में भीड़ को नियंत्रित करने और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया गया। पुलिस बल की तैनाती बढ़ाए जाने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।

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प्रदर्शनकारी पुलिस की कार्रवाई से नाराज होकर विवेकानंद चौराहे के पास ही बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। काफी देर तक चले प्रदर्शन के कारण शहर के मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ और जाम की स्थिति बनी रही।

बाद में कुछ प्रदर्शनकारी फिर गांधी पार्क पहुंचे और वहां दोबारा धरना शुरू कर दिया। प्रशासन की कोशिश रही कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो और यातायात व्यवस्था सामान्य की जा सके।

आगरा में UGC विरोध के बीच ट्रैक्टर मार्च

उधर आगरा में भी UGC के विरोध में प्रदर्शन का असर दिखाई दिया। यूजीसी मुक्ति मोर्चा की ओर से ट्रैक्टर मार्च और सभा का कार्यक्रम घोषित किया गया था। मुड़ी चौराहे से जिला मुख्यालय तक प्रस्तावित मार्च को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने पहले से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी।

आगरा में इससे पहले भी UGC से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान सड़क जाम और पुलिस के साथ तकरार की स्थिति बन चुकी है। 18 सितंबर को एत्मादपुर क्षेत्र में प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने रास्ते में भारी बल और अन्य अवरोध लगाए थे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प के बाद कुछ समय के लिए मार्ग भी प्रभावित हुआ था।

पुलिस की नाकाबंदी के बावजूद ट्रैक्टर लेकर आगे बढ़े लोग

रविवार को आगरा में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर सुबह से ही मुड़ी चौराहे के आसपास लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। प्रदर्शनकारियों की संख्या को देखते हुए पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई। प्रशासन की ओर से मार्च को नियंत्रित रखने के लिए कई स्थानों पर निगरानी की गई।

प्रदर्शनकारियों की ओर से ट्रैक्टर मार्च निकालने की कोशिश की गई। पुलिस की नाकाबंदी के बावजूद कुछ लोग ट्रैक्टरों को खेतों की ओर ले गए और दूसरे रास्तों से आगे बढ़ने का प्रयास किया। इससे प्रशासन के सामने भीड़ और यातायात नियंत्रण की चुनौती बढ़ गई।

UGC को लेकर पहले से चल रहा है विरोध

UGC के नए नियमों को लेकर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पहले से विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं। जनवरी 2026 में भी कानपुर, उन्नाव, हमीरपुर समेत कई जिलों में नए UGC नियमों को लेकर प्रदर्शन की रिपोर्ट सामने आई थी। प्रदर्शनकारियों ने इन प्रावधानों पर आपत्तियां जताते हुए बदलाव या वापसी की मांग की थी।

आगरा में भी पिछले कुछ महीनों से इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग संगठनों की ओर से धरना, सत्याग्रह, महापंचायत और प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं। सितंबर में आगरा में UGC एक्ट के विरोध में सत्याग्रह और बाद में ट्रैक्टर मार्च की तैयारियों की खबरें सामने आई थीं। ([Jagran][3])

प्रदर्शन के बीच प्रशासन के सामने चुनौती

आगरा और फिरोजाबाद में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती रही। एक तरफ प्रदर्शनकारियों को अपनी मांग रखने के लिए जगह और रास्ता उपलब्ध कराना था, वहीं दूसरी तरफ मुख्य सड़कों पर यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी था।

फिरोजाबाद में बैरिकेडिंग के पास हुई धक्कामुक्की और आगरा में ट्रैक्टर मार्च को लेकर पुलिस की तैनाती इसी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा रही। प्रशासन की कोशिश रही कि स्थिति ज्यादा न बिगड़े और प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत कराया जा सके।

फिलहाल UGC से जुड़े विरोध प्रदर्शनों को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गतिविधियां जारी हैं। आगरा और फिरोजाबाद की घटनाओं के बाद प्रशासन की निगरानी बढ़ गई है। आने वाले दिनों में प्रदर्शनकारी संगठनों की अगली रणनीति और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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