पटना में नाबालिग से छेड़खानी, कार्रवाई नहीं हुई तो भड़का आक्रोश, सड़क पर मचा बवाल

नाबालिग

पटना में नाबालिग से छेड़खानी पर बवाल, सड़क पर आगजनी और जाम

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। जानीपुर थाना क्षेत्र के फरीदपुर इलाके में नाबालिग लड़की से कथित छेड़खानी और फब्तियां कसने के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर शनिवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना की शिकायत किए जाने के बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग एकजुट हुए और नौबतपुर शिवाला से दानापुर रेलवे स्टेशन जाने वाली मुख्य सड़क को जाम कर दिया।

प्रदर्शन के दौरान सड़क पर आगजनी भी की गई। इससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। नाबालिग के साथ हुई घटना की सूचना मिलने के बाद कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। बाद में प्रदर्शन समाप्त कराया गया और यातायात सामान्य करने की कोशिश शुरू हुई।

पटना में नाबालिग के साथ छेड़खानी का आरोप

जानकारी के अनुसार, फरीदपुर पंचायत की महादलित बस्ती की एक नाबालिग लड़की खेत में काम कर रही अपनी मां के पास जा रही थी। परिजनों का आरोप है कि रास्ते में कुछ युवकों ने नाबालिग साथ छेड़खानी की और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।

निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: IIT Mumbai में छात्र की मौत से IIT पटना में जांच की मांग…

नाबालिग से घटना के बाद लड़की ने अपने परिवार को इसकी जानकारी दी। इसके बाद परिजन जानीपुर थाना पहुंचे और आरोपित युवकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिवार की ओर से पुलिस को शिकायत दिए जाने की बात कही गई है।

मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि घटना में शामिल बताए जा रहे सभी युवकों की पहचान हो चुकी है या नहीं। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों और संबंधित लोगों की भूमिका की स्थिति स्पष्ट होगी।

शिकायत के बाद कार्रवाई को लेकर उठे सवाल

परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत के बाद तत्काल कार्रवाई नहीं होने से बस्ती में नाराजगी बढ़ती चली गई। ग्रामीणों का कहना था कि नाबालिग से जुड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े

इसी मांग को लेकर शनिवार को बड़ी संख्या में लोग मुख्य सड़क पर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने आरोपित युवकों की गिरफ्तारी की मांग की और सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

घटना के बाद प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ यातायात को सामान्य कराने की चुनौती भी खड़ी हो गई। भीड़ बढ़ने के कारण पुलिस ने अतिरिक्त बल की मदद से स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।

नाबालिग मामले के विरोध में सड़क पर आगजनी

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सड़क पर आगजनी की। आगजनी और प्रदर्शन के कारण नौबतपुर शिवाला से दानापुर रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई।

रास्ता बंद होने के कारण दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ वाहनों के शीशे क्षतिग्रस्त होने की सूचना भी सामने आई है।

इसे भी पढ़ें: वित्त रहित शिक्षकों के लिए खुशखबरी, सम्राट सरकार ने खोला खजाना, 461 करोड़ रुपये जारी

प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मामले में आरोपित युवकों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। काफी देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाया और मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया।

पांच थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा

हंगामे की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम के साथ कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। जानीपुर के अलावा शाहपुर, खगौल, नौबतपुर और नेउरा थाना की पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया।

पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। अधिकारियों ने लोगों से सड़क खाली करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। काफी समझाने-बुझाने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और सड़क जाम समाप्त कराया गया। इसके बाद पुलिस ने यातायात बहाल कराने की प्रक्रिया शुरू की।

पटना पुलिस ने जांच और कार्रवाई का दिया भरोसा

फुलवारीशरीफ पुलिस अनुमंडल के एसडीपीओ-2 उपेंद्र चौधरी ने मामले की जानकारी मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जानीपुर थाना पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस अधिकारी के अनुसार, मामले की जांच की जाएगी और उपलब्ध तथ्यों तथा शिकायत के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। ऐसे में अब पुलिस के सामने घटना की पूरी जानकारी जुटाने, शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करने और संबंधित लोगों की पहचान करने की जिम्मेदारी है।

नाबालिग से जुड़े मामले में पुलिस जांच महत्वपूर्ण

नाबालिग से संबंधित शिकायत होने के कारण पुलिस के लिए मामले की जांच संवेदनशील तरीके से करना जरूरी है। घटना के संबंध में पीड़िता और उसके परिवार से मिली जानकारी, संभावित प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा घटनास्थल से जुड़े तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है।

पुलिस यह भी देख सकती है कि कथित घटना किस स्थान पर हुई और उस समय वहां कौन-कौन लोग मौजूद थे। जांच में उपलब्ध अन्य साक्ष्य भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। फिलहाल आरोपों की जांच जारी है और पुलिस की ओर से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

सड़क जाम से कई किलोमीटर तक प्रभावित रहा यातायात

प्रदर्शन का सीधा असर इलाके की यातायात व्यवस्था पर पड़ा। मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रुकने के कारण दोनों ओर लंबी कतारें लग गईं। सड़क पर प्रदर्शन और आगजनी के चलते आम यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों की तलाश करनी पड़ी। पुलिस के पहुंचने और प्रदर्शन समाप्त होने के बाद जाम हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद धीरे-धीरे यातायात बहाल कराया गया।

घटना ने कानून-व्यवस्था पर भी खड़े किए सवाल

मामले में स्थानीय लोगों का आक्रोश इस बात को लेकर सामने आया कि शिकायत के बाद कार्रवाई की गति को लेकर वे संतुष्ट नहीं थे। हालांकि पुलिस की ओर से अब मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं, सड़क जाम और आगजनी के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति भी चुनौतीपूर्ण बनी। प्रशासन के लिए अब एक तरफ नाबालिग से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच और दूसरी तरफ इलाके में शांति तथा यातायात व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

फिलहाल जानीपुर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में किन लोगों की भूमिका थी और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर कौन-कौन से कानूनी कदम उठाए जाते हैं।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

You may have missed