मानसून की विदाई से पहले बदला मौसम, 19 जिलों में अलर्ट, पटना में छाए रहेंगे बादल

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बिहार मानसून में फिर बदलाव, 19 जिलों में बारिश का अलर्ट

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम के प्रभाव से बिहार के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं। राजधानी पटना समेत राज्य के कई जिलों में बादल छाने और बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग की ताजा जानकारी के मुताबिक 23 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि 24 और 25 सितंबर को कई इलाकों में बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।

हालांकि 22 सितंबर के लिए मानसून को लेकर बिहार में उपखंड स्तर पर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसके बावजूद मौसम में बदलाव के संकेत लगातार बने हुए हैं। ऐसे में अगले कुछ दिनों में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मानसून तेजी से बदल सकता है।

बिहार मानसून में फिर बढ़ी बारिश की गतिविधि

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन पूर्वी भारत में इसका असर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना स्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र मजबूत होकर डिप्रेशन में बदल गया है। इसके आगे और मानसून संगठित होने की संभावना जताई गई है।

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मानसून प्रणाली के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों के साथ पूर्वी भारत के अन्य हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसका असर बिहार तक पहुंचने की संभावना के कारण राज्य में आने वाले दिनों के मौसम पर विशेष नजर रखी जा रही है।

पटना में छाए रहेंगे बादल, बारिश की संभावना

मानसून के कारण राजधानी पटना में 22 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के पटना केंद्र के पूर्वानुमान में 23 और 24 सितंबर को भी बारिश तथा गरज-चमक की स्थिति की संभावना बताई गई है। 25 सितंबर को पटना में सामान्य से अधिक बादल और मध्यम बारिश की संभावना दर्ज की गई है।

मानसून के तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। बादल और बारिश के कारण दिन के तापमान में कमी आ सकती है, जबकि उमस का असर कुछ समय तक बना रह सकता है।

मानसून 23 सितंबर से पकड़ सकता है रफ्तार

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 23 सितंबर से बिहार में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं।

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24 और 25 सितंबर को स्थिति और सक्रिय होने का अनुमान है। इन दोनों दिनों में बिहार के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।

19 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर मंगलवार को पटना समेत बिहार के 19 जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट की जानकारी सामने आई है। इसका मतलब यह है कि संबंधित इलाकों में मौसम खराब होने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि आधिकारिक जिला-वार चेतावनी में अलग-अलग तारीखों के लिए चेतावनी का स्तर अलग हो सकता है, इसलिए स्थानीय मौसम अपडेट को प्राथमिकता देना जरूरी है।

राज्य के अन्य जिलों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की संभावना है, लेकिन स्थानीय स्तर पर बूंदाबांदी और गरज के साथ बारिश से इनकार नहीं किया गया है।

बंगाल की खाड़ी का सिस्टम क्यों है महत्वपूर्ण?

बिहार में मौसम के इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली को प्रमुख कारण माना जा रहा है। 21 सितंबर को आईएमडी की जानकारी के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना सिस्टम डिप्रेशन में बदल चुका था। मौसम विभाग ने इसके अगले 24 घंटों में डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना जताई थी।

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यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इसी वजह से बिहार में भी अगले कुछ दिनों के मौसम को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है।

दक्षिण और मध्य बिहार पर भी असर

मौसम में होने वाले इस बदलाव का असर दक्षिण और मध्य बिहार के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों में बादल छाने के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। कुछ स्थानों पर अचानक तेज बारिश और बिजली चमकने की स्थिति भी बन सकती है।

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बिहार के मौसम में बदलाव, 13 जिलों में यलो अलर्ट और बारिश का अनुमान

बारिश का असर खेती और दैनिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। खेतों में खड़ी फसलों के लिए बारिश कुछ क्षेत्रों में उपयोगी हो सकती है, लेकिन अत्यधिक बारिश होने पर जलजमाव और फसल नुकसान जैसी स्थानीय समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

मानसून के दौरान वज्रपात से सावधानी जरूरी

बारिश के साथ वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। गरज-चमक शुरू होने पर खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से भी बचने की सलाह दी जाती है।

ग्रामीण इलाकों में किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों के लिए विशेष सतर्कता जरूरी है। अचानक मौसम बदलने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाना बेहतर माना जाता है।

25 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम?

आईएमडी पटना की चेतावनी के अनुसार 23 सितंबर को भारी बारिश, जबकि 24 और 25 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 26 से 28 सितंबर तक भी बिहार में भारी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने का पूर्वानुमान है।

इससे संकेत मिलता है कि मानसून की विदाई के बीच बिहार में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। हालांकि किसी विशेष जिले में कितनी बारिश होगी, यह स्थानीय मौसम प्रणाली और उसके मार्ग पर निर्भर करेगा।

22 सितंबर को मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की संभावना है, लेकिन 23 सितंबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 24 और 25 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है। खासकर पटना और दक्षिण-मध्य बिहार के क्षेत्रों में बादल और बारिश का असर अगले कुछ दिनों तक दिखाई दे सकता है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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