5G छोड़ 4G फोन क्यों खरीद रहे लोग? बाजार का ट्रेंड क्यों बदला, जानें क्या है वजह
5G छोड़ 4G फोन क्यों खरीद रहे लोग? जानें कीमत और रैम का पूरा गणित
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (नई दिल्ली)। भारत के स्मार्टफोन बाजार में एक बार फिर 4G फोन की मांग बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। जिस बाजार में कुछ साल पहले 5G स्मार्टफोन को भविष्य की तकनीक माना जा रहा था, वहां अब कीमत और फीचर्स के बीच संतुलन तलाश रहे ग्राहक 4G डिवाइस की ओर रुख कर रहे हैं। इसकी बड़ी वजह स्मार्टफोन के महंगे होते कंपोनेंट, रैम की बढ़ती लागत और बजट फोन में फीचर्स से समझौता है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब देश में 5G नेटवर्क का विस्तार हो रहा है, तब ग्राहक पुरानी तकनीक वाले फोन क्यों खरीदना पसंद कर रहे हैं?
4G फोन की मांग क्यों बढ़ रही है?
स्मार्टफोन बाजार में ग्राहकों की प्राथमिकताएं केवल नई तकनीक तक सीमित नहीं हैं। बड़ी संख्या में खरीदार ऐसे फोन चाहते हैं, जो उनकी जरूरतें पूरी करें और बजट पर भी भारी न पड़ें। यही वजह है कि कम कीमत वाले 4G स्मार्टफोन फिर से चर्चा में आ रहे हैं।
बाजार से जुड़े अनुमानों के मुताबिक, कुल स्मार्टफोन बाजार में 4G डिवाइस की हिस्सेदारी 2025 के लगभग 11 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 13 प्रतिशत और 2027 में 15 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। हालांकि, ये अनुमान हैं, अंतिम बिक्री के आंकड़े नहीं। इन संकेतों से पता चलता है कि बजट सेगमेंट में 4G फोन की उपयोगिता अभी खत्म नहीं हुई है।
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खासकर 10,000 रुपये से कम और 10,000 से 20,000 रुपये के बजट में फोन खरीदने वाले ग्राहक कीमत को प्राथमिकता दे रहे हैं। अगर उन्हें कम पैसे में पर्याप्त रैम, अच्छी बैटरी और रोजमर्रा के काम के लिए उपयोगी फीचर्स मिलते हैं, तो वे केवल 5G कनेक्टिविटी के लिए अतिरिक्त रकम खर्च करने से बच सकते हैं।
रैम की बढ़ती कीमतों ने बिगाड़ा स्मार्टफोन का बजट
स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे एक अहम वजह मेमोरी कंपोनेंट की लागत भी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़े डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग सिस्टम की बढ़ती मांग का असर मेमोरी चिप के बाजार पर पड़ सकता है। इससे स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली रैम की लागत बढ़ने पर कंपनियों के सामने मुश्किलें खड़ी होती हैं।
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निर्माताओं के पास मुख्य रूप से दो रास्ते होते हैं। वे फोन की कीमत बढ़ा सकते हैं या फिर कम कीमत बनाए रखने के लिए रैम और दूसरे हार्डवेयर फीचर्स में कटौती कर सकते हैं। इसका सीधा असर बजट स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ता है।

कुछ समय पहले तक 20,000 रुपये के आसपास 6GB और 8GB रैम वाले कई विकल्प उपलब्ध थे। अब इस बजट में ग्राहकों को मॉडल के हिसाब से कम रैम या दूसरे फीचर्स में समझौता करना पड़ सकता है। हालांकि, हर कंपनी और हर मॉडल की स्थिति एक जैसी नहीं है।
यही कारण है कि खरीदार केवल फोन पर 5G लिखा देखकर फैसला नहीं करना चाहते। वे यह भी देखते हैं कि डिवाइस में पर्याप्त रैम, स्टोरेज, बैटरी और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए जरूरी सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं।
5G फोन महंगे, बजट ग्राहकों के सामने विकल्प सीमित
भारत में अक्टूबर 2022 में 5G सेवाओं की शुरुआत के बाद स्मार्टफोन कंपनियों ने तेजी से इस तकनीक वाले डिवाइस बाजार में उतारे। वर्ष 2023 के दौरान 10,000 से 20,000 रुपये के बजट में भी कई 5G विकल्प उपलब्ध होने लगे। इससे उम्मीद बनी कि आने वाले समय में 4G फोन की मांग लगातार कम होती जाएगी।
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लेकिन स्मार्टफोन बाजार में कीमतों और कंपोनेंट की लागत में बदलाव ने तस्वीर को प्रभावित किया है। 5G फोन में इस्तेमाल होने वाले चिपसेट, नेटवर्क से जुड़े हार्डवेयर और अन्य कंपोनेंट की लागत मॉडल के अनुसार अलग-अलग होती है। दूसरी ओर, कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा और उत्पादन लागत भी कीमत तय करने में भूमिका निभाते हैं।
अगर किसी ग्राहक का बजट 15,000 रुपये है, तो उसके सामने एक ऐसा 5G फोन हो सकता है जिसमें रैम या कैमरे की क्षमता सीमित हो। दूसरी तरफ, इसी कीमत के आसपास कोई 4G मॉडल उसकी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बेहतर सुविधाएं दे सकता है।
हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर 4G फोन हर 5G फोन से बेहतर हो। सही विकल्प का फैसला फोन के वास्तविक स्पेसिफिकेशन, कीमत और इस्तेमाल की जरूरतों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
4G फोन किन ग्राहकों के लिए बेहतर विकल्प?
हर स्मार्टफोन यूजर को तेज नेटवर्क की जरूरत नहीं होती। कई लोगों का मोबाइल इस्तेमाल कॉलिंग, व्हाट्सऐप, सोशल मीडिया, ऑनलाइन भुगतान, वीडियो देखने और सामान्य इंटरनेट ब्राउजिंग तक सीमित रहता है। ऐसे ग्राहकों के लिए अच्छी स्थिति वाला 4G नेटवर्क और पर्याप्त फीचर्स वाला फोन उपयोगी साबित हो सकता है।
कम बजट वाले विद्यार्थी, सामान्य इस्तेमाल करने वाले ग्राहक और ऐसे लोग जो फोन पर बहुत अधिक रकम खर्च नहीं करना चाहते, 4G डिवाइस पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, फोन खरीदने से पहले अपने क्षेत्र में नेटवर्क की उपलब्धता और कंपनी की सॉफ्टवेयर सपोर्ट नीति देखना जरूरी है।
इसके उलट, जो लोग बड़े आकार की फाइलें डाउनलोड करते हैं, ऑनलाइन गेमिंग करते हैं, नियमित रूप से हाई-क्वालिटी वीडियो देखते हैं या लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करना चाहते हैं, उनके लिए 5G फोन बेहतर निवेश हो सकता है। यहां भी फोन का प्रोसेसर, बैटरी और नेटवर्क की वास्तविक उपलब्धता अहम भूमिका निभाते हैं।
देसी कंपनियों की वापसी से बढ़ सकती है प्रतिस्पर्धा
बजट स्मार्टफोन की मांग बढ़ने की संभावना के बीच भारतीय बाजार में घरेलू ब्रांडों की गतिविधियां भी चर्चा में हैं। बोल्ट और Mivi जैसी कंपनियों ने स्मार्टफोन सेगमेंट में अपने उत्पाद पेश किए हैं। इन कंपनियों की मौजूदगी से कम कीमत वाले फोन के बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना है।
अगर कंपनियां कम कीमत पर उपयोगी फीचर्स और भरोसेमंद बिक्री के बाद की सेवा उपलब्ध कराती हैं, तो ग्राहकों को अधिक विकल्प मिल सकते हैं। हालांकि, किसी ब्रांड की सफलता केवल कम कीमत पर निर्भर नहीं करती। फोन की गुणवत्ता, सॉफ्टवेयर अपडेट, वारंटी, सर्विस सेंटर और लंबे समय तक इस्तेमाल करने की क्षमता भी महत्वपूर्ण हैं।
इसलिए ग्राहकों को नया फोन खरीदते समय केवल विज्ञापन या शुरुआती कीमत देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी की विश्वसनीयता और फोन की वास्तविक उपयोगिता की जांच करना भी जरूरी है।
टेलीकॉम कंपनियों के लिए क्या है चिंता की बात?
5G सेवाओं के विस्तार में टेलीकॉम कंपनियों ने नेटवर्क और बुनियादी ढांचे पर निवेश किया है। ऐसे में अगर बजट ग्राहक बड़ी संख्या में 4G फोन खरीदते हैं, तो 5G नेटवर्क अपनाने की रफ्तार कुछ हद तक प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, 4G फोन की बिक्री बढ़ने का अर्थ यह नहीं है कि 5G डेटा की खपत निश्चित रूप से घट जाएगी। इसका वास्तविक असर ग्राहकों की संख्या, नेटवर्क कवरेज, डेटा प्लान और उनके इस्तेमाल के तौर-तरीकों पर निर्भर करेगा। 5G फोन खरीदने वाले ग्राहकों की संख्या और नेटवर्क पर होने वाले वास्तविक ट्रैफिक के आंकड़े ही इस बदलाव की सही तस्वीर पेश कर सकते हैं।
फोन खरीदने से पहले इन बातों पर दें ध्यान
नया स्मार्टफोन खरीदते समय ग्राहक को अपने बजट और जरूरतों के बीच संतुलन बनाना चाहिए। यदि फोन का इस्तेमाल सामान्य कामों के लिए है, तो अच्छा 4G मॉडल भी पर्याप्त हो सकता है। लेकिन लंबे समय तक फोन चलाने की योजना है, तो 5G सपोर्ट वाले विकल्पों की कीमत और फीचर्स की तुलना करना समझदारी होगी।
खरीदारी से पहले रैम, स्टोरेज, बैटरी, प्रोसेसर, सॉफ्टवेयर अपडेट और सर्विस सपोर्ट की जांच करें। साथ ही यह भी देखें कि आपके इलाके में 5G नेटवर्क उपलब्ध है या नहीं।
स्मार्टफोन बाजार में 4G फोन की संभावित वापसी बताती है कि ग्राहकों के लिए कीमत आज भी बड़ा फैसला करने वाला कारक है। नई तकनीक का आकर्षण अपनी जगह है, लेकिन जब बजट सीमित हो और फीचर्स से समझौता करना पड़े, तो खरीदार पुराने लेकिन किफायती विकल्प पर भी विचार करते हैं। आने वाले समय में कंपनियों के लिए असली चुनौती यही होगी कि वे ग्राहकों को उचित कीमत पर बेहतर तकनीक और उपयोगी फीचर्स उपलब्ध करा सकें।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
