पाकिस्तान को ICC का बड़ा झटका, 11 WTC पॉइंट कटे; लगा भारी जुर्माना

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WTC पॉइंट्स कटने के साथ पाकिस्तान पर ICC का भारी जुर्माना

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (नई दिल्ली)। WTC पॉइंट्स कटने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 3-0 की करारी हार के बाद अब इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। बर्मिंघम में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में धीमी ओवर-रेट के कारण पाकिस्तान पर मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही टीम के 11 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) पॉइंट्स भी काट लिए गए हैं।

इंग्लैंड के खिलाफ पूरी टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। तीनों मुकाबलों में टीम को हार का सामना करना पड़ा। लीड्स में खेले गए पहले टेस्ट में पाकिस्तान पारी और 103 रन से हारा। इसके बाद लॉर्ड्स में दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने 194 रन से जीत दर्ज की। वहीं बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेले गए तीसरे और आखिरी टेस्ट में पाकिस्तान को 8 विकेट से शिकस्त मिली। सीरीज में पाकिस्तान एक भी मुकाबला जीत नहीं सका।

WTC में हार के बाद ICC की सख्ती

सीरीज खत्म होने के तुरंत बाद पाकिस्तान को ICC की कार्रवाई का सामना करना पड़ा। ICC के मुताबिक तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान की टीम तय समय में अपने ओवर पूरे नहीं कर सकी। समय की अनुमति और अन्य छूट को ध्यान में रखने के बाद भी टीम निर्धारित समय से 11 ओवर पीछे रह गई।

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धीमी ओवर-रेट को लेकर ICC के नियम काफी स्पष्ट हैं। नियमों के मुताबिक निर्धारित समय में कम फेंके गए प्रत्येक ओवर के लिए खिलाड़ियों पर उनकी मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है। हालांकि इस जुर्माने की अधिकतम सीमा मैच फीस के 50 प्रतिशत तक होती है। पाकिस्तान की टीम पर 11 ओवर की कमी के बावजूद अधिकतम 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। लेकिन पाकिस्तान के लिए परेशानी सिर्फ आर्थिक जुर्माने तक सीमित नहीं रही। कम ओवर के लिए टीम के WTC खाते से भी अंक काटे गए।

11 WTC पॉइंट्स की सीधी कटौती

ICC के नियमों के अनुसार निर्धारित समय में जितने ओवर कम फेंके जाते हैं, उतने ही WTC पॉइंट्स की पेनल्टी टीम पर लगाई जाती है। पाकिस्तान की टीम 11 ओवर पीछे रही, इसलिए उसके कुल WTC पॉइंट्स में से 11 अंक काट लिए गए।

इस फैसले का सीधा असर पाकिस्तान की वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की स्थिति पर पड़ा है। पहले से ही अंक तालिका में संघर्ष कर रही टीम के लिए 11 अंकों की कटौती बड़ा झटका मानी जा रही है। पाकिस्तान का पॉइंट प्रतिशत पहले 14.81 था, जो इस कार्रवाई के बाद घटकर महज 4.63 हो गया है।

ICC ने बताया कि यह फैसला मैच रेफरी रंजन मदुगले, ऑन-फील्ड अंपायर पॉल राइफेल और क्रिस गैफनी, तीसरे अंपायर अलाहुदीन पालेकर तथा चौथे अंपायर रसेल वॉरेन की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया।

पाकिस्तान की WTC उम्मीदों को बड़ा झटका

पाकिस्तान ने मौजूदा WTC चक्र में अब तक 9 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें टीम को सिर्फ दो मुकाबलों में जीत मिली है, जबकि सात मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। लगातार खराब प्रदर्शन और अब WTC पॉइंट्स की कटौती ने टीम की स्थिति बेहद कमजोर कर दी है।

इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में पाकिस्तान की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं। तीन मैचों की सीरीज में टीम को हर मुकाबले में इंग्लैंड के सामने संघर्ष करना पड़ा। तीसरे टेस्ट में भी पाकिस्तान के लिए मुकाबला बचाना मुश्किल रहा और इंग्लैंड ने 8 विकेट से जीत हासिल कर सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया।

ऐसे में ICC की सजा पाकिस्तान के लिए दोहरी मार लेकर आई है। एक तरफ टीम को मैदान पर लगातार हार मिली, वहीं दूसरी तरफ धीमी ओवर-रेट के कारण आर्थिक जुर्माने के साथ महत्वपूर्ण WTC अंक भी गंवाने पड़े।

WTC अंक तालिका में पाकिस्तान की हालत खराब

11 अंकों की कटौती के बाद पाकिस्तान WTC अंक तालिका में 9वें स्थान पर बना हुआ है, लेकिन उसका पॉइंट प्रतिशत काफी नीचे चला गया है। WTC में सिर्फ मैच जीतना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि टीम के प्रदर्शन को पॉइंट प्रतिशत के आधार पर भी देखा जाता है। इसी वजह से एक टेस्ट की हार या अतिरिक्त अंक की कटौती भी अंतिम स्थिति पर बड़ा असर डाल सकती है।

पाकिस्तान के लिए अब आगे के मुकाबले काफी अहम हो गए हैं। यदि टीम को WTC चक्र में अपनी स्थिति सुधारनी है तो उसे आने वाले टेस्ट मैचों में लगातार जीत दर्ज करनी होगी। साथ ही ओवर-रेट से जुड़ी गलतियों से भी बचना होगा, क्योंकि भविष्य में इस तरह की पेनल्टी दोबारा हुई तो टीम की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

नवंबर में श्रीलंका से होगी पाकिस्तान की भिड़ंत

पाकिस्तान का अगला WTC असाइनमेंट नवंबर में होना है। टीम अपने घर में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। रावलपिंडी और लाहौर में होने वाली इस सीरीज पर पाकिस्तान की नजरें रहेंगी। इंग्लैंड के खिलाफ मिली 3-0 की हार के बाद श्रीलंका के खिलाफ घरेलू सीरीज पाकिस्तान के लिए वापसी का मौका होगी। टीम को न केवल टेस्ट मैच जीतने होंगे, बल्कि पूरे मुकाबले में बेहतर अनुशासन भी दिखाना होगा। खासतौर पर ओवर-रेट को लेकर टीम मैनेजमेंट पर अतिरिक्त दबाव रहेगा।

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में ऑस्ट्रेलिया शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। उसके खाते में 96 अंक हैं और पॉइंट प्रतिशत 80 है। दक्षिण अफ्रीका 36 अंकों और 75 प्रतिशत पॉइंट प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है।

न्यूजीलैंड छह टेस्ट मैचों में 72.22 प्रतिशत पॉइंट प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है। वहीं बांग्लादेश ने डार्विन में मिली जीत के बाद भारत को पीछे छोड़ दिया है। बांग्लादेश छह मैचों में 55.56 प्रतिशत पॉइंट प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर बताया गया है।

WTC के मौजूदा समीकरण में हर टीम के लिए पॉइंट प्रतिशत बेहद महत्वपूर्ण है। प्रतियोगिता के अंत में अंक तालिका की शीर्ष दो टीमें फाइनल में जगह बनाएंगी। WTC फाइनल 9 से 13 जून के बीच ओवल में खेला जाना है।

पाकिस्तान के लिए अब रास्ता आसान नहीं है। 9 टेस्ट में सिर्फ दो जीत, सात हार और फिर 11 WTC पॉइंट्स की कटौती ने टीम को काफी पीछे धकेल दिया है। नवंबर में श्रीलंका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज से पाकिस्तान के पास वापसी का मौका जरूर होगा, लेकिन इसके लिए टीम को मैदान पर नतीजे देने के साथ-साथ ICC के नियमों का भी पूरी तरह पालन करना होगा।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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