ईशान किशन का दोहरा शतक, बिहार के लाल ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में रचा इतिहास

ईशान किशन

ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में 270 रन की शानदार पारी खेली

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में बल्ले से ऐसा कमाल किया है, जिसने उनके फर्स्ट क्लास करियर में एक और बड़ा अध्याय जोड़ दिया। ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने साउथ जोन के खिलाफ चेन्नई में खेले जा रहे फाइनल मुकाबले में शानदार दोहरा शतक जड़ा। वह 334 गेंदों पर 270 रन की बड़ी पारी खेलकर आउट हुए। अपनी पारी के दौरान उन्होंने 26 चौके और 2 छक्के लगाए।

ईस्ट जोन के लिए यह पारी इसलिए भी खास है क्योंकि लंबे अंतराल के बाद ईशान ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में दोहरा शतक लगाया है। उन्होंने करीब 10 साल बाद इस फॉर्मेट में 200 रन का आंकड़ा पार किया। इससे पहले उन्होंने 2016 में रणजी ट्रॉफी के दौरान दिल्ली के खिलाफ 273 रन की पारी खेलकर अपने फर्स्ट क्लास करियर का पहला शतक और दोहरा शतक लगाया था।

ईशान किशन ने फाइनल में संभाली पारी

दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। टीम को शुरुआती दौर में ही अच्छी शुरुआत मिली। वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने पहले विकेट के लिए 100 रन की साझेदारी की। सूर्यवंशी ने 37 गेंदों पर 44 रन बनाए, जबकि अभिमन्यु ईश्वरन ने 72 रन की पारी खेली।

इसके बाद शिखर मोहन ने भी 85 रन बनाकर टीम के स्कोर को मजबूत किया। हालांकि, ईस्ट जोन को लगातार अंतराल पर विकेट गंवाने पड़े। ऐसे समय में ईशान किशन ने मोर्चा संभाला और पारी को एक छोर से आगे बढ़ाते रहे।

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ईशान ने शुरुआत में संभलकर बल्लेबाजी की और धीरे-धीरे अपनी पारी को बड़े स्कोर में बदला। जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, उनके शॉट्स में तेजी आती गई। उन्होंने साउथ जोन के गेंदबाजों पर दबाव बनाया और टीम को विशाल स्कोर की तरफ पहुंचा दिया।

270 रन पर आउट हुए ईशान किशन

ईशान किशन ने 270 रन की पारी के लिए 334 गेंदों का सामना किया। इस दौरान उन्होंने 26 चौके और 2 छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उन्होंने लंबी पारी के दौरान धैर्य बनाए रखा और खराब गेंदों का पूरा फायदा उठाया।

ईशान 250 रन के आसपास पहुंचने के बाद काफी थके हुए नजर आए। 130.2 ओवर में एक रन लेने के बाद उन्होंने मैदान पर थकान महसूस की। इसके बाद फिजियो मैदान पर पहुंचे और उनसे बातचीत की। कुछ देर बाद ईशान ने बल्लेबाजी जारी रखी। आखिरकार वह 270 रन के स्कोर पर आउट हो गए। हालांकि, तब तक वह ईस्ट जोन को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे।

10 साल बाद दोहरा शतक

ईशान किशन के लिए यह दोहरा शतक व्यक्तिगत तौर पर भी बेहद अहम है। उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में इससे पहले 2016 में दिल्ली के खिलाफ 273 रन बनाए थे। वह मुकाबला उनके करियर के शुरुआती दौर का था और उसी पारी में उन्होंने अपना पहला फर्स्ट क्लास शतक लगाया था।

अब करीब एक दशक बाद ईशान ने फिर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में दोहरा शतक लगाया है। इस पारी के साथ उनके फर्स्ट क्लास क्रिकेट में शतकों की संख्या 10 हो गई है। टीम इंडिया के लिए सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके ईशान के लिए घरेलू फर्स्ट क्लास क्रिकेट में इस तरह की लंबी पारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दलीप ट्रॉफी जैसे बड़े घरेलू मुकाबले में कप्तानी करते हुए दोहरा शतक बनाना उनके प्रदर्शन को और खास बनाता है।

ईस्ट जोन ने खड़ा किया बड़ा स्कोर

ईशान किशन के दोहरे शतक के अलावा कुमार कुशाग्र ने भी ईस्ट जोन के लिए शानदार शतकीय पारी खेली। कुशाग्र ने 132 गेंदों पर 101 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। कुशाग्र ने ईशान के साथ मिलकर टीम के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। हालांकि, 101 रन के निजी स्कोर पर चामा मिलिंद की गेंद पर वह त्रिपुराना विजय के हाथों कैच आउट हो गए।

ईस्ट जोन के बल्लेबाजों के लगातार अच्छे प्रदर्शन की वजह से टीम ने दूसरे दिन 9 विकेट पर 700 से अधिक रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। इस दौरान साउथ जोन के गेंदबाजों को लगातार दबाव बनाने में परेशानी हुई।

साउथ जोन के गेंदबाज बेअसर

साउथ जोन की तरफ से चामा मिलिंद और त्रिपुराना विजय ने दो-दो विकेट हासिल किए। अभिमन्यु ईश्वरन रन आउट हुए। हालांकि, ईस्ट जोन के बड़े स्कोर के सामने गेंदबाज अपेक्षित दबाव नहीं बना सके।

साउथ जोन के प्रमुख तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज भी इस मुकाबले में अब तक प्रभाव नहीं छोड़ सके हैं। उन्होंने 17 ओवर में 109 रन खर्च किए और उन्हें अभी तक कोई विकेट नहीं मिला है। ईस्ट जोन के बल्लेबाजों ने उनकी गेंदों का भी जमकर सामना किया।

ईशान किशन की पारी ने बदला मुकाबले का रुख

फाइनल जैसे मुकाबले में 270 रन की पारी का असर सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहता। ईशान किशन की इस पारी ने ईस्ट जोन को मुकाबले में बेहद मजबूत स्थिति दिलाई है। टीम को शुरुआती साझेदारियों से अच्छी नींव मिली और बाद में ईशान ने उसे विशाल स्कोर में बदलने का काम किया।

कप्तान के तौर पर ईशान की यह पारी टीम के लिए भी महत्वपूर्ण रही। एक छोर से लगातार रन बनाते हुए उन्होंने गेंदबाजों को लंबे समय तक मैदान पर मेहनत करने के लिए मजबूर किया। उनकी पारी में आक्रामकता और धैर्य दोनों देखने को मिले।

बिहार से आने वाले ईशान किशन के इस प्रदर्शन ने घरेलू क्रिकेट में उनकी वापसी और फर्स्ट क्लास फॉर्म को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है। दलीप ट्रॉफी फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में दोहरा शतक बनाकर उन्होंने एक बार फिर दिखाया कि लंबे फॉर्मेट में भी वह बड़ी पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं।

ईस्ट जोन अब इस मजबूत स्कोर का फायदा उठाकर साउथ जोन पर दबाव बनाने की कोशिश करेगा। वहीं, साउथ जोन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती ईस्ट जोन के बल्लेबाजों द्वारा बनाए गए विशाल स्कोर का जवाब देने की होगी। फाइनल मुकाबले में आगे गेंद और बल्ले के बीच मुकाबला किस दिशा में जाता है, यह आने वाली पारियों से तय होगा।

Nishkarsh Bharat

पटना से राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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