पटना में कारोबारी को गोली मारने वाला शूटर गिरफ्तार, 4 लाख की थी सुपारी, मुख्य आरोपी फरार
कारोबारी शुभम राज पर फायरिंग मामले में शूटर गिरफ्तार, 4 लाख की सुपारी
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। राजधानी में कारोबारी शुभम राज को गोली मारने के मामले में पटना पुलिस ने एक और शूटर को गिरफ्तार किया है। रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र में 11 अगस्त को जमीन कारोबारी शुभम राज पर फायरिंग की गई थी। इस मामले में गिरफ्तार शूटर की पहचान सत्यम कुमार (25) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि शुभम राज की हत्या के लिए सत्यम ने 4 लाख रुपये की सुपारी ली थी।
पुलिस ने सत्यम को जक्कनपुर थाना क्षेत्र के बंगाली टोला से गिरफ्तार किया। उसके पास से एक पिस्टल और पांच कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अब उससे पूछताछ कर वारदात में शामिल अन्य लोगों और हत्या की साजिश के पीछे की पूरी कड़ी को जोड़ने में जुटी है।
कारोबारी पर ज्योति पथ में हुई थी फायरिंग
घटना 11 अगस्त को रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के ज्योति पथ पर हुई थी। जमीन कारोबारी शुभम राज वहां से गुजर रहे थे, इसी दौरान बदमाशों ने कारोबारी पर गोली चला दी। फायरिंग में शुभम राज घायल हो गए थे।
वारदात के बाद आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई। घायल कारोबारी को तत्काल इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई।
SIT ने शुरू की थी मामले की जांच
फायरिंग की घटना के बाद रामकृष्ण नगर थाने में मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया। टीम ने तकनीकी जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान शुरू की।
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पुलिस के मुताबिक, सत्यम कुमार की गिरफ्तारी इसी जांच की कड़ी में हुई है। उसके पास से हथियार और कारतूस मिलने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात में उसकी भूमिका क्या थी और उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल थे।
कारोबारी की हत्या की साजिश में पैसों का विवाद
पुलिस की अब तक की जांच में जमीन कारोबार से जुड़े पैसों के विवाद को वारदात की मुख्य वजह बताया जा रहा है। शुभम राज के पिता राजेश राय ने पुलिस को बताया था कि उनके बेटे का जमीन का कारोबार प्रिंस राजपूत और शशि कुमार के साथ चलता था।

पुलिस के अनुसार, शशि कुमार के पास शुभम राज के कमीशन के काफी पैसे थे। शुभम ने जब अपने पैसे वापस मांगे तो दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि पैसे वापस करने के बजाय शशि कुमार ने शुभम को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
इसी साजिश के तहत शूटरों को सुपारी देने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। हालांकि, साजिश में किसकी क्या भूमिका थी और वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया, इसका पूरा खुलासा मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद होने की उम्मीद है।
अब तक चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस कारोबारी मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। सत्यम कुमार से पहले मुन्ना कुमार, अभय कुमार (23) और राहुल कुमार (24) को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस इन सभी आरोपियों से पूछताछ के आधार पर वारदात की कड़ियों को जोड़ रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि शूटरों को किसने संपर्क किया, हथियार कहां से उपलब्ध कराए गए और घटना के बाद आरोपियों ने कहां शरण ली।
कारोबारी पर हमले के पीछे कौन?
मामले में पुलिस का मुख्य फोकस उस व्यक्ति तक पहुंचने पर है, जिस पर सुपारी देने का आरोप है। जांच में यदि यह आरोप पुष्ट होता है तो उसकी गिरफ्तारी के बाद हत्या की कथित साजिश की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जमीन कारोबार से जुड़े विवाद में और कौन-कौन लोग शामिल थे। इसके लिए गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्क और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा सकती है।
सीसीटीवी फुटेज से जांच को मिली मदद
वारदात के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया।

अब सत्यम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग के दौरान उसके साथ कौन मौजूद था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि चार लाख रुपये की सुपारी से जुड़े लेनदेन में किन लोगों की भूमिका थी।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी का इंतजार
पुलिस का मानना है कि मामले में कथित तौर पर सुपारी देने वाले मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरी साजिश का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है। रामकृष्ण नगर में जमीन कारोबारी पर हुई इस फायरिंग ने इलाके में सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए थे।
हालांकि, पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आगे की जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि शुभम राज पर हमला किस योजना के तहत किया गया और इसके पीछे वास्तव में कौन लोग शामिल थे।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
