नेपाल बाढ़: मांझी बोले- चीन की लापरवाही से बिहार पर संकट
नेपाल बाढ़ पर जीतन राम मांझी ने चीन पर साधा निशाना।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता गया। नेपाल बाढ़ को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। गया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा हम के प्रमुख जीतन राम मांझी ने नेपाल में आई भीषण बाढ़ और बिहार पर मंडरा रहे संभावित खतरे को लेकर बड़ा बयान दिया।
उन्होंने नेपाल में आई तबाही के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि तिब्बत में बाढ़ के पानी को नियंत्रित करने की पर्याप्त व्यवस्था होती, तो नेपाल और भारत के मैदानी इलाकों को इतनी गंभीर स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। मांझी के इस बयान के बाद नेपाल की बाढ़ अंतरराष्ट्रीय जल प्रबंधन और बिहार में संभावित बाढ़ के खतरे को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है।
नेपाल बाढ़ पर मांझी ने चीन को घेरा
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि नेपाल में बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। उन्होंने दावा किया कि बाढ़ के कारण लोगों की जान गई है और बड़ी संख्या में मकान तथा निजी और सार्वजनिक संपत्तियां प्रभावित हुई हैं।
मांझी ने तिब्बत में जल प्रबंधन को लेकर चीन की भूमिका पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि यदि चीन तिब्बत को अपना हिस्सा मानता है, तो वहां बाढ़ के पानी को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम भी किए जाने चाहिए थे।
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उनके मुताबिक तिब्बत से निकलने वाले जलप्रवाह का असर नीचे के इलाकों पर पड़ता है। ऐसे में ऊपरी क्षेत्रों में पानी को नियंत्रित करने की व्यवस्था होने पर नेपाल और उसके बाद भारत के मैदानी क्षेत्रों पर दबाव कम किया जा सकता था।
नेपाल से बिहार की ओर बढ़ते पानी पर चिंता
मांझी ने कहा कि नेपाल में बाढ़ के कारण नदियों में पानी बढ़ा है और इसका असर बिहार के सीमावर्ती इलाकों पर पड़ सकता है। नेपाल से आने वाली नदियां बिहार के लिए पहले से ही संवेदनशील विषय रही हैं, खासकर मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ने पर कई इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो जाता है।

उन्होंने कहा कि नेपाल में उत्पन्न हुई स्थिति का असर बिहार तक पहुंच सकता है। इसी वजह से राज्य में जलस्तर और नदियों की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी है।
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हालांकि केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल बिहार में स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, जितनी शुरुआती आशंकाओं के आधार पर मानी जा रही थी। उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय प्रशासन की तैयारियों पर भरोसा रखने की अपील की।
नेपाल की त्रासदी पर जताई चिंता
केंद्रीय मंत्री ने नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण वहां जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने और संपत्ति के नुकसान का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे गंभीर मानवीय संकट बताया।
मांझी के बयान का एक बड़ा हिस्सा आपदा के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव और जल प्रबंधन से जुड़ा रहा। उनका कहना था कि नदियों के जलप्रवाह को लेकर भारत, नेपाल और चीन के बीच समन्वय बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि ऊपरी क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों का प्रभाव निचले इलाकों में रहने वाली आबादी पर पड़ सकता है।
नेपाल की बाढ़ से बिहार में फिलहाल हालात नियंत्रण में
बाढ़ के संभावित खतरे के बीच जीतन राम मांझी ने बिहार की मौजूदा स्थिति को लेकर लोगों को राहत देने वाली बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य में फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं और प्रशासन जलस्तर पर लगातार निगरानी रख रहा है।
उनके अनुसार केंद्र सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासनिक मशीनरी को सतर्क रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर राहत और बचाव अभियान तुरंत शुरू किया जा सके।

मांझी ने संकेत दिया कि आपदा की स्थिति में समय पर प्रतिक्रिया सबसे महत्वपूर्ण होती है। इसलिए संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को पहले से तैयार रखने पर जोर दिया जा रहा है।
नेपाल से जुड़े खतरे पर प्रशासन अलर्ट
बिहार की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि नेपाल में होने वाली भारी बारिश और वहां नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का असर राज्य के कई हिस्सों में दिखाई दे सकता है। इसी कारण नेपाल से आने वाले पानी की स्थिति पर नजर रखना बिहार के लिए लगातार जरूरी बना रहता है।
मांझी ने कहा कि सरकार संभावित परिस्थितियों को लेकर तैयार है। राहत और बचाव से जुड़े अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं और प्रभावित होने वाले इलाकों की स्थिति पर निगरानी की जा रही है। हालांकि उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
बिहार सरकार की तैयारियों पर मांझी को भरोसा
केंद्रीय मंत्री ने बिहार सरकार की तैयारियों पर भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए राहत एवं बचाव के लिए माइक्रो प्लान तैयार किया गया है।
इसका उद्देश्य जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाना, सुरक्षित स्थानों पर लोगों को ले जाना और आपात स्थिति में प्रशासनिक संसाधनों का तेजी से इस्तेमाल करना है। मांझी ने कहा कि सरकार नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होती हैं तो प्रशासन राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी तरीके से संचालित करेगा।
नेपाल बाढ़ पर बयान से गरमाई राजनीति
नेपाल में आई बाढ़ अब केवल प्राकृतिक आपदा तक सीमित चर्चा नहीं रह गई है। बिहार में इसके संभावित प्रभाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है। जीतन राम मांझी का चीन पर सीधा आरोप इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा माना जा रहा है।
मांझी ने अपने बयान के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जल प्रबंधन और पड़ोसी देशों के बीच सहयोग की जरूरत का मुद्दा उठाया है। वहीं बिहार के लिए तत्काल प्राथमिकता नदियों के जलस्तर की निगरानी और संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारी है।
नेपाल की बाढ़ से लोगों से सतर्क रहने की अपील
केंद्रीय मंत्री ने बिहारवासियों को आश्वस्त किया कि सरकार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की।
फिलहाल प्रशासन की नजर नेपाल से आने वाले पानी और बिहार की नदियों के जलस्तर पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में बारिश और जलप्रवाह की स्थिति के आधार पर बाढ़ का खतरा कितना बढ़ता या घटता है, यह स्पष्ट होगा। इस बीच नेपाल की स्थिति और बिहार में संभावित असर को लेकर सरकारी एजेंसियों की निगरानी जारी है।
अमन की रिपोर्ट
