गांधी मैदान का बदलेगा लुक, पटना में बनेंगे कियोस्क, छोटे कारोबारियों को मिलेगा रोजगार
गांधी मैदान में कियोस्क, साइकिल ट्रैक और ग्रीन कॉरिडोर का प्रस्ताव
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। गांधी मैदान समेत पटना के कई प्रमुख इलाकों की तस्वीर बदलने की तैयारी है। शहर के खाली और कम उपयोग वाले स्थानों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए अर्बन ग्रीन एंड रिक्रिएशनल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस योजना में गांधी मैदान की बाहरी और आंतरिक परिधि के साथ पटेल गोलंबर से एयरपोर्ट होते हुए शेखपुरा मोड़ तक का मार्ग और मीठापुर-करबिगहिया के बीच फ्लाईओवर के नीचे का इलाका शामिल है।
प्रस्तावित योजना का उद्देश्य शहर में हरियाली बढ़ाने के साथ पैदल चलने वालों, साइकिल सवारों और छोटे कारोबारियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके तहत व्यवस्थित फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, स्ट्रीट लाइट, बैठने की जगह, लैंडस्केप क्षेत्र और वेंडिंग जोन विकसित करने की परिकल्पना की गई है।
गांधी मैदान के बाहर बनेंगे वेंडिंग कियोस्क
गांधी मैदान की बाहरी परिधि को व्यवस्थित सार्वजनिक क्षेत्र के तौर पर विकसित करने की योजना है। यहां छोटे कारोबारियों के लिए वेंडिंग कियोस्क बनाए जाने का प्रस्ताव है। चाय-नाश्ता, फल और अन्य रिफ्रेशमेंट बेचने वाली दुकानों को एक समान डिजाइन में तैयार करने की योजना है।
इस व्यवस्था से सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से दुकान लगाने की समस्या को कम किया जा सकता है। कारोबारियों को निर्धारित स्थान मिलने से वेंडिंग व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी और गांधी मैदान के आसपास आने-जाने वाले लोगों को भी सुविधाजनक तरीके से खाने-पीने की चीजें मिल सकेंगी।
कियोस्क के साथ आसपास चौड़े फुटपाथ, हरियाली, बैठने की जगह और पर्याप्त रोशनी की भी परिकल्पना की गई है। इससे गांधी मैदान की बाहरी परिधि को केवल यातायात क्षेत्र के बजाय एक उपयोगी सार्वजनिक स्थान के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
गांधी मैदान में ऑटो स्टैंड और कचरा प्रबंधन भी होगा व्यवस्थित
गांधी मैदान के प्रमुख गेट क्षेत्रों के पास मौजूद ऑटो स्टैंड को भी व्यवस्थित करने का प्रस्ताव है। इसके लिए वाहनों के खड़े होने की जगह को बेहतर तरीके से विकसित करने और पैदल यात्रियों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराने की योजना है।
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कचरा प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई है। प्रस्तावित डिजाइन में गीले, सूखे और रिसाइकिल होने वाले कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन लगाने की व्यवस्था है। बेंच, छोटे लैंडस्केप क्षेत्र और स्ट्रीट लाइट लगाने से लोगों को बेहतर सार्वजनिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।
गांधी मैदान के अंदर साइकिल ट्रैक और वॉकिंग स्पेस
गांधी मैदान की आंतरिक परिधि को भी नए स्वरूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। यहां पैदल चलने के लिए व्यवस्थित पथ, अधिक हरियाली और लोगों के बैठने के लिए स्थान तैयार करने की योजना है।

प्रस्तावित डिजाइन में कुछ हिस्सों में अलग साइकिल ट्रैक का विकल्प भी रखा गया है। इससे गांधी मैदान के आसपास का खुला क्षेत्र केवल आने-जाने के लिए इस्तेमाल होने के बजाय टहलने, आराम करने और साइकिल चलाने के लिए भी उपयोगी बनाया जा सकेगा।
शहर में साइकिल और पैदल आवागमन को बढ़ावा देने के लिहाज से भी यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, प्रस्तावित डिजाइन को जमीन पर लागू करने से पहले संबंधित विभागों की स्वीकृति और तकनीकी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
पटेल गोलंबर से एयरपोर्ट तक बनेगा ग्रीन कॉरिडोर
पटेल गोलंबर से एयरपोर्ट होते हुए शेखपुरा मोड़ तक के मार्ग को ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव है। इस मार्ग पर व्यवस्थित फुटपाथ, अलग साइकिल ट्रैक और अधिक हरियाली विकसित करने की योजना है।
सड़क के डिवाइडर और किनारों पर पौधारोपण के साथ पूरे मार्ग को आकर्षक बनाने की परिकल्पना की गई है। फुटपाथ पर टैक्टाइल पट्टी लगाने का भी प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य दृष्टिबाधित लोगों के लिए पैदल आवाजाही को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
सड़क किनारे सजावटी स्ट्रीट लाइट, गमले और पौधों की कतार लगाने के साथ दीवारों पर बिहार की कला और संस्कृति से जुड़े चित्र प्रदर्शित करने की योजना भी प्रस्तावित डिजाइन का हिस्सा है।
इससे पटेल गोलंबर-एयरपोर्ट मार्ग को शहर के प्रमुख प्रवेश मार्ग के रूप में अधिक आकर्षक बनाने की कोशिश की जाएगी। साथ ही पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों के लिए अलग सुविधाएं विकसित होने से सड़क के उपयोग का तरीका भी बेहतर हो सकता है।
मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर के नीचे बदलेगा नजारा
पटना के मीठापुर से करबिगहिया के बीच फ्लाईओवर के नीचे के खाली क्षेत्र को भी उपयोगी सार्वजनिक स्थान में बदलने का प्रस्ताव है। आमतौर पर कम इस्तेमाल होने वाले इन स्थानों में पौधों से सजे लैंडस्केप क्षेत्र विकसित किए जाने की योजना है।
फ्लाईओवर के पिलरों के बीच हरियाली, पैदल पथ और बैठने की जगह बनाई जा सकती है। यहां पर्याप्त रोशनी लगाने का भी प्रस्ताव है, जिससे शाम के समय लोगों की आवाजाही के लिए क्षेत्र को अधिक सुरक्षित और उपयोगी बनाया जा सके।
पैदल यात्रियों के लिए टैक्टाइल पथ और अलग-अलग तरह के कूड़ेदान लगाने की योजना भी शामिल है। इससे फ्लाईओवर के नीचे के स्थान को अनियोजित पार्किंग या खाली क्षेत्र के बजाय व्यवस्थित सार्वजनिक सुविधा के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
तीन इलाकों में एक साथ शहरी बदलाव की तैयारी
प्रस्तावित योजना में पटना के तीन अलग-अलग हिस्सों को शामिल किया गया है। गांधी मैदान क्षेत्र में सार्वजनिक सुविधाओं और वेंडिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर है। पटेल गोलंबर से एयरपोर्ट और शेखपुरा मोड़ तक हरित कॉरिडोर विकसित करने की परिकल्पना है। वहीं मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर के नीचे के क्षेत्र को हरित सार्वजनिक स्थान के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव है।

पूरी योजना में हरियाली, पैदल यात्री सुविधा, साइकिल ट्रैक, स्ट्रीट लाइट, कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक बैठने की जगह को एक साथ जोड़ने की कोशिश की गई है। यदि प्रस्तावित डिजाइन को स्वीकृति और निर्धारित प्रक्रिया के बाद जमीन पर उतारा जाता है।
पटना के इन प्रमुख स्थानों का इस्तेमाल करने वाले लोगों को कई नई सुविधाएं मिल सकती हैं। यह एक प्रस्तावित कांसेप्चुअल योजना है। इसके वास्तविक क्रियान्वयन, समयसीमा और निर्माण से जुड़ी अंतिम जानकारी संबंधित विभागों की स्वीकृति और आगे की प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।
पटना से राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
