पटना में बाढ़ का खतरा बढ़ा, गंगा पार करेगी HFL!, प्रशासन का अलर्ट जारी

बाढ़

पटना में गंगा के HFL पार करने की आशंका, प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता

निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। राजधानी पटना में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जल संसाधन विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ घंटों में गंगा नदी पटना में अपने उच्चतम जलस्तर यानी Highest Flood Level (HFL) को पार कर सकती है। गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क करने और राहत-बचाव की तैयारियां सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

बाढ़ गंगा के साथ दक्षिण बिहार की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। सोन, पुनपुन और दरधा नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। संभावित स्थिति को देखते हुए पटना समेत कई जिलों के अधिकारियों को सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

गंगा के HFL पार करने की आशंका

जल संसाधन विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए पटना में गंगा के जलस्तर पर विशेष नजर रखी जा रही है। HFL यानी उच्चतम बाढ़ स्तर वह महत्वपूर्ण जलस्तर है, जिसके पार पहुंचने पर नदी के आसपास के इलाकों में जोखिम काफी बढ़ सकता है। ऐसे में गंगा के HFL पार करने की संभावना ने प्रशासन को पहले से तैयारी करने के लिए सक्रिय कर दिया है।

देखिये ख़बर हमारे यूट्यूब चैनल पर भी: Sanjay Singh पर इल्ज़ाम लगाने वाले अपने गिरेबान में झाँक ले,मंत्री ने कर दिया मानहानि का मुकदमा…

प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने स्तर पर तैयारियों की समीक्षा करें और किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए संसाधनों को तैयार रखें। खासकर नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाली आबादी को लेकर सतर्कता बढ़ाने को कहा गया है।

बाढ़ को लेकर इन जिलों में अलर्ट

बाढ़ गंगा के साथ अन्य नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पटना के अलावा नालंदा, भोजपुर, वैशाली, सारण, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद के जिला पदाधिकारियों को भी आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग संतोष कुमार मल्ल ने सभी संबंधित जिला प्रशासन को संभावित परिस्थितियों के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव से जुड़े कदम उठाने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।

निचले इलाकों में रहने वालों को चेतावनी

जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को पहले से सतर्क करने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से भी लोगों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने को कहा गया है।

इसके अलावा मीडिया, सोशल मीडिया और माइकिंग के जरिए आम लोगों को लगातार जागरूक किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य यह है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को समय रहते संभावित बाढ़ के खतरे की जानकारी मिल सके और जरूरत पड़ने पर वे सुरक्षित स्थानों की ओर जा सकें।

इसे भी पढ़िए…बिहार में भारी बारिश, 3 दिन का अलर्ट; पटना भी प्रभावित, पूर्वानुमान जारी

खास तौर पर नदी के आसपास रहने वाले लोगों से प्रशासन की अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। जलस्तर में बदलाव और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों को गंभीरता से लेने को कहा गया है।

बाढ़ के दौरान नदी से दूरी बनाए रखने की अपील

गंगा और अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ने के बीच आम नागरिकों से नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की गई है। प्रशासन ने नदी में स्नान, तैराकी, सेल्फी लेने और नौकायन जैसी गतिविधियों से पूरी तरह बचने को कहा है।

जलस्तर बढ़ने के दौरान नदी का बहाव सामान्य दिनों की तुलना में अधिक तेज और अप्रत्याशित हो सकता है। ऐसे में किनारे तक जाने या पानी के नजदीक किसी गतिविधि में शामिल होने से खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने और जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

SOP के तहत होगी राहत और बचाव की तैयारी

संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए संबंधित जिलों को बाढ़ आपदा प्रबंधन की मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव के काम को तेजी से शुरू करना है।

जरूरत पड़ने पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की सहायता ली जाएगी। जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थिति गंभीर होने पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए प्रशासन को पहले से जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है।

तटबंधों की निगरानी बढ़ाई गई

नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए जल संसाधन विभाग की सभी टीमों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। खास तौर पर तटबंधों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया है।

जल संसाधन विभाग की टीमें तटबंधों की स्थिति पर नजर रखेंगी। किसी भी स्थान पर असामान्य स्थिति दिखाई देने पर इसकी सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को देने का निर्देश है। इससे संभावित समस्या की स्थिति में समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे।

प्रशासन ने कहा- घबराएं नहीं, सतर्क रहें

बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।

फिलहाल सबसे अधिक नजर पटना में गंगा के जलस्तर पर है। HFL पार करने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों को सक्रिय कर दिया है। वहीं, सोन, पुनपुन और दरधा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दक्षिण बिहार के कई इलाकों में भी सावधानी बढ़ाई गई है।