पटना में स्वाइन फ्लू का अलर्ट, मिले 2 मरीज, अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग का निर्देश जारी

स्वाइन फ्लू

पटना में स्वाइन फ्लू के दो मरीज मिले, स्वास्थ्य विभाग सतर्क

निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। पटना स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। राजधानी में स्वाइन फ्लू के दो मामलों की पुष्टि हुई है। दोनों मरीज अगमकुआं और कंकड़बाग इलाके के रहने वाले बताए गए हैं। राहत की बात यह है कि दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है और उनका इलाज चल रहा है। ताजा मामलों के सामने आने के बाद अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान, जांच और उपचार की व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वाइन फ्लू के दो मामलों से बढ़ी निगरानी

जानकारी के अनुसार दोनों संक्रमित मरीजों की उम्र 47 और 52 वर्ष है। उनके नमूने पटना सिटी स्थित राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट की प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में एच1एन1 संक्रमण की पुष्टि हुई। रिपोर्टों के मुताबिक संस्थान को पिछले एक सप्ताह में विभिन्न अस्पतालों से 25 से अधिक संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए मिले थे। इनमें दो नमूने पॉजिटिव पाए गए।

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स्वास्थ्य विभाग अब स्वाइन फ्लू के इन मरीजों की निगरानी के साथ अस्पतालों में आने वाले फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों पर भी नजर रख रहा है। विभाग का जोर इस बात पर है कि संक्रमण की आशंका वाले मरीजों की जांच में किसी तरह की देरी न हो।

अगमकुआं और कंकड़बाग में मिले मरीज

स्वाइन फ्लू के दोनों मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी जुटाने के साथ संबंधित अस्पतालों को सतर्क रहने को कहा है। एक मरीज का नमूना कंकड़बाग स्थित निजी अस्पताल से जांच के लिए भेजा गया था, जबकि दूसरे मरीज का संबंध आरएमआरआई के बाह्य रोगी विभाग से बताया गया है।

मौजूदा जानकारी के अनुसार दोनों स्वाइन फ्लू के मरीज उपचाराधीन हैं और उनकी स्थिति नियंत्रण में है। ऐसे में स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से घबराने के बजाय लक्षणों को लेकर सजग रहने की अपील की है।

स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखें तो जांच जरूरी

स्वास्थ्य विभाग की निगरानी का मुख्य कारण यह है कि स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं। तेज बुखार, खांसी, गले में परेशानी, बदन दर्द, कमजोरी और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी माना जाता है।

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विशेषज्ञों के मुताबिक समय पर बीमारी की पहचान और उपचार से मरीज के स्वस्थ होने की संभावना बेहतर रहती है। खासकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को फ्लू जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

अस्पतालों को अलर्ट, जांच पर जोर

दो मामलों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों की पहचान और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे। गंभीर लक्षण वाले मरीजों को तत्काल आवश्यक चिकित्सा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।

पटना के सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल के अनुसार विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने लोगों से अनावश्यक घबराहट से बचने और जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की बात कही है।

देश में बढ़ रहे मौसमी इन्फ्लुएंजा के मामले

पटना में मामले ऐसे समय सामने आए हैं जब देश के कुछ हिस्सों में मौसमी इन्फ्लुएंजा और स्वाइन फ्लू के मामलों में वृद्धि की खबरें आ रही हैं। हालांकि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद से जुड़े विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि भारत में सामने आ रहा H1N1 किसी नए स्ट्रेन के रूप में सामने नहीं आया है। मौजूदा वायरस को मौसमी संक्रमण के दायरे में देखा जा रहा है।

इसका मतलब यह है कि फिलहाल इसे किसी नए और असामान्य वायरस के तौर पर देखने की जरूरत नहीं है। हालांकि संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए निगरानी और समय पर जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्वाइन फ्लू को लेकर पहले भी रहा है अनुभव

बिहार में एच1एन1 संक्रमण पहले भी स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बन चुका है। उपलब्ध पुराने आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2015 में राज्य में 352 मामले दर्ज किए गए थे और छह लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद 2017 में 26, 2018 में एक, 2019 में 52 और 2020 में 17 मामले सामने आए थे।

हाल के वर्षों में स्थिति अपेक्षाकृत नियंत्रित रही है, लेकिन दूसरे राज्यों में संक्रमण बढ़ने के बीच बिहार में दो नए मामले मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी को फिर मजबूत किया है।

बारिश और उमस के बीच सावधानी जरूरी

मानसून के दौरान बारिश और उमस के कारण कई तरह के वायरल और सांस संबंधी संक्रमण के मरीज अस्पतालों में पहुंचते हैं। पटना में भी बारिश और उमस के बीच वायरल बुखार तथा फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ने की रिपोर्ट सामने आई है।

ऐसे वातावरण में लोगों को साफ-सफाई, पर्याप्त पानी पीने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करने पर ध्यान देना चाहिए। संक्रमित व्यक्ति के आसपास रहने वालों को भी संक्रमण से बचाव के सामान्य उपाय अपनाने की जरूरत होती है।

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में

पटना में स्वाइन फ्लू के दो मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ाई है, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण से बाहर होने जैसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। दोनों मरीजों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है और उनका उपचार जारी है।

अस्पतालों में निगरानी, संदिग्ध मरीजों की जांच और गंभीर मामलों के लिए उपचार व्यवस्था पर विभाग का जोर है। स्वास्थ्य अधिकारियों के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती यह है कि संक्रमण की संभावित कड़ियों की समय रहते पहचान की जाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल जांच व उपचार उपलब्ध कराया जाए।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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