CM के कार्यक्रम में ड्यूटी से गायब महिला कांस्टेबल सस्पेंड, जाम के बीच मोबाइल चलाते मिले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई
CM के कार्यक्रम में ड्यूटी से गायब महिला कांस्टेबल सस्पेंड, पटना में जाम के दौरान मोबाइल चलाते मिले पुलिसकर्मियों पर भी यातायात विभाग की बड़ी कार्रवाई।
निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना: मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान ड्यूटी में लापरवाही बरतना पुलिसकर्मियों को महंगा पड़ गया है। पटना यातायात पुलिस ने अनुशासनहीनता और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के मामलों में सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री के वीआईपी कार्यक्रम के लिए तैनात एक महिला कांस्टेबल को बिना सूचना ड्यूटी स्थल से गायब रहने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं एक महिला गृहरक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
इसके अलावा शहर की यातायात व्यवस्था का औचक निरीक्षण करने पहुंचे यातायात पुलिस अधीक्षक ने जाम के दौरान ड्यूटी छोड़कर मोबाइल चलाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। एक एएसआई और महिला कांस्टेबल का वेतन रोक दिया गया है, जबकि अन्य गृहरक्षकों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।

2 सितंबर को CM के प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए लगी थी ड्यूटी
मामला 2 सितंबर का बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री के चैंबर ऑफ कॉमर्स में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने की तैयारी की जा रही थी। वीआईपी कार्यक्रम के मद्देनजर रूट लाइन की जांच और विभिन्न स्थानों पर पुलिस पुलिसकर्मियों बल की तैनाती की गई थी।
इसी क्रम में बाटा मोड़ पर यातायात संचालन के लिए महिला पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। उनका मुख्य दायित्व यातायात को नियंत्रित रखना और मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान रूट व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना था।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि महिला कांस्टेबल निशा कुमारी और महिला गृहरक्षक रुचि कुमारी अपने निर्धारित ड्यूटी स्थल पर मौजूद नहीं थीं।
बताया गया कि दोनों बिना पूर्व सूचना या अनुमति के ड्यूटी स्थल से चली गई थीं।
महिला कांस्टेबल निशा कुमारी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड
मुख्यमंत्री के वीआईपी कार्यक्रम जैसी महत्वपूर्ण ड्यूटी के दौरान अनुपस्थित रहने को यातायात विभाग ने गंभीर लापरवाही माना। इसके बाद महिला कांस्टेबल निशा कुमारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई।
यातायात पुलिस अधीक्षक ने निशा कुमारी को जीवनयापन भत्ता पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय यातायात संचालन निर्धारित किया गया है।
इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों का मानना है कि वीआईपी मूवमेंट और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान तैनात पुलिसकर्मियों पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक होती है। ऐसे में बिना अनुमति ड्यूटी स्थल छोड़ना सुरक्षा और यातायात व्यवस्था दोनों के लिहाज से गंभीर माना जाता है।
महिला गृहरक्षक रुचि कुमारी के खिलाफ भी कार्रवाई
वहीं ड्यूटी स्थल से अनुपस्थित मिली महिला गृहरक्षक रुचि कुमारी के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उनके मामले में विभागीय कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
यातायात विभाग की कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और संवेदनशील ड्यूटी के दौरान लापरवाही करने वाले कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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5 सितंबर को जाम के बीच मोबाइल चलाते मिले 3 पुलिसकर्मी
यातायात व्यवस्था में लापरवाही का दूसरा मामला 5 सितंबर की शाम सामने आया। यातायात पुलिस अधीक्षक ने करीब 6:45 बजे बाकरगंज यातायात पोस्ट का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सड़क पर भारी यातायात दबाव और जाम की स्थिति बनी हुई थी। लेकिन आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात तीन पुलिसकर्मी यातायात नियंत्रित करने के बजाय केबिन के अंदर बैठकर मोबाइल चला रहे थे।
इनमें एएसआई रविन्द्र कुमार मंडल, महिला कांस्टेबल गीता कुमारी और गृहरक्षक सूरज कुमार शामिल बताए गए हैं।
जाम की स्थिति के बावजूद पुलिसकर्मियों के इस रवैये को अधिकारियों ने गंभीरता से लिया।
पिक आवर में बाहर रहकर ट्रैफिक संभालने का है निर्देश
यातायात पुलिस के निर्देशों के अनुसार, शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक शहर में पिक आवर माना जाता है। इस दौरान प्रमुख चौराहों और यातायात पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों को केबिन के अंदर बैठने के बजाय सड़क पर मौजूद रहकर यातायात संचालन करना होता है।
लेकिन बाकरगंज यातायात पोस्ट के निरीक्षण के दौरान तीनों कर्मचारी इस निर्देश का पालन करते नहीं मिले।
सड़क पर जाम लगा हुआ था और वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे, जबकि यातायात कर्मी कथित तौर पर केबिन के भीतर मोबाइल इस्तेमाल कर रहे थे।
इस लापरवाही के बाद अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की।

ASI और महिला कांस्टेबल का वेतन रोका गया
निर्देशों की अनदेखी करने के मामले में एएसआई रविन्द्र कुमार मंडल और महिला कांस्टेबल गीता कुमारी का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
दोनों पुलिसकर्मियों से पूरे मामले में सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
अधिकारियों ने उनसे पूछा है कि पिक आवर के दौरान सड़क पर जाम होने के बावजूद वे अपने निर्धारित दायित्व का पालन क्यों नहीं कर रहे थे।
वहीं गृहरक्षक सूरज कुमार के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए अलग से प्रतिवेदन भेजा जा रहा है।
कारगिल यातायात पोस्ट पर भी मोबाइल चलाते मिलीं महिला पुलिसकर्मी
यातायात व्यवस्था के औचक निरीक्षण के दौरान केवल बाकरगंज पोस्ट ही नहीं, बल्कि कारगिल यातायात पोस्ट पर भी ड्यूटी में लापरवाही का मामला सामने आया।
बताया गया कि वहां तैनात दो महिला पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए मिलीं। उनके खिलाफ भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई है।
यातायात विभाग लगातार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि शहर के व्यस्त इलाकों में तैनात पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं।
ड्यूटी में लापरवाही पर सख्त हुआ यातायात विभाग
लगातार सामने आए इन मामलों के बाद पटना यातायात पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि ड्यूटी के दौरान लापरवाही और अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विशेष रूप से मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। वहीं सामान्य दिनों में भी पिक आवर के दौरान ट्रैफिक पुलिस की सक्रिय मौजूदगी शहर की यातायात व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।
पटना जैसे व्यस्त शहर में शाम के समय कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है। ऐसे में यदि यातायात कर्मी अपने निर्धारित स्थान पर सक्रिय नहीं रहते हैं तो जाम की स्थिति और खराब हो सकती है।
पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी निभाने की चेतावनी
यातायात विभाग की हालिया कार्रवाई को कर्मचारियों के लिए स्पष्ट चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने वीआईपी ड्यूटी, पिक आवर और संवेदनशील स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्यों का पूरी जिम्मेदारी के साथ पालन करने के निर्देश दिए हैं।
महिला कांस्टेबल के निलंबन, अन्य पुलिसकर्मियों का वेतन रोके जाने और गृहरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया से साफ है कि विभाग अब ड्यूटी में लापरवाही के मामलों पर सख्त रुख अपना रहा है।
पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट
