बक्सर में 2 शिक्षकों पर छात्राओं के वीडियो बनाने का आरोप, सस्पेंड

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बक्सर में दो शिक्षकों पर छात्राओं के वीडियो बनाने का आरोप, सस्पेंड

निष्कर्ष भारत संवाददाता बक्सर। बक्सर जिलें में शिक्षकों पर आरोप लगने के बाद सरकारी स्कूल में हंगामा खड़ा हो गया। डुमरांव प्रखंड स्थित नथूनी अहिर के डेरा मध्य विद्यालय के दो शिक्षकों पर छात्राओं के वीडियो बनाने और उनके साथ कथित तौर पर छेड़खानी करने के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने 29 अगस्त को शिकायत के बाद स्कूल पहुंचकर दोनों शिक्षकों के मोबाइल फोन की जांच की। पुलिस के अनुसार, मोबाइल में आपत्तिजनक वीडियो मिलने की बात सामने आई, जिसके बाद ग्रामीणों ने दोनों शिक्षकों के साथ मारपीट भी की।

मामले की शिकायत स्कूल के प्रधानाध्यापक इमाम अली ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से की। विभागीय स्तर पर जांच के बाद दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले में विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

स्कूल में शिकायत के बाद मचा हंगामा

मामले की शुरुआत छात्राओं के वीडियो बनाए जाने की शिकायत से हुई। जानकारी मिलने के बाद 29 अगस्त को बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए। ग्रामीणों ने एक शिक्षक को पकड़कर उससे पूछताछ शुरू की।

इसी दौरान दूसरे शिक्षक ने कथित तौर पर मामले में हस्तक्षेप किया। ग्रामीणों ने उसके मोबाइल फोन की भी जांच की। बताया गया कि मोबाइल में भी कई आपत्तिजनक वीडियो मिले। इसके बाद ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया और दोनों शिक्षकों के साथ मारपीट की गई।

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स्कूल में हंगामे की सूचना मिलने पर प्रधानाध्यापक ने तत्काल प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को मामले की जानकारी दी।

बक्सर शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच

शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की। विभागीय जांच में शिक्षकों पर लगाए गए आरोपों की पड़ताल की गई।

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जांच रिपोर्ट के अनुसार, बक्सर के शिक्षक अरविंद कुमार और ब्रजेश कुमार पर स्कूल परिसर के बाहर छात्राओं के वीडियो बनाने का आरोप सामने आया। रिपोर्ट में छात्राओं को कथित तौर पर वीडियो के माध्यम से डराने या ब्लैकमेल करने और उनके साथ आपत्तिजनक व्यवहार किए जाने की बात भी दर्ज की गई। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में अंतिम कानूनी निष्कर्ष जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

दो शिक्षकों को किया गया सस्पेंड

बक्सर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय को सौंप दी। रिपोर्ट के आधार पर डीपीओ स्थापना रजनीश झा ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्र कुमार कर्ण ने मामले की जानकारी मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई किए जाने की बात कही है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाओं को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निलंबन के साथ ही विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

बक्सर में शिक्षक के प्रमाणपत्र पर भी उठे सवाल

मामले की जांच के दौरान बक्सर के शिक्षक अरविंद कुमार से जुड़ा एक पुराना मामला भी सामने आया है। विभागीय जानकारी के अनुसार, जिस शिक्षक प्रशिक्षण प्रमाणपत्र के आधार पर उन्होंने नौकरी हासिल की थी, वह कथित तौर पर फर्जी पाया गया है। बताया गया है कि वर्ष 2023 में भी यह मामला विभाग के संज्ञान में आया था।

उस समय तत्कालीन सदर बीईओ अजय प्रसाद की ओर से प्रमाणपत्र का भौतिक सत्यापन कराया गया था। सत्यापन के दौरान प्रमाणपत्र के फर्जी होने की बात सामने आने का दावा किया गया है। इसके बावजूद उस समय इस मामले में आगे की कार्रवाई नहीं हुई। अब मौजूदा विवाद सामने आने के बाद पुराने प्रमाणपत्र मामले की भी दोबारा जांच शुरू होने की बात कही जा रही है।

फर्जी सर्टिफिकेट मामले में FIR की तैयारी

बक्सर में शिक्षा विभाग अब कथित फर्जी प्रमाणपत्र के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। विभाग यह भी जांच करेगा कि वर्ष 2023 में प्रमाणपत्र के सत्यापन के बाद कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इस मामले में विभागीय स्तर पर लापरवाही या किसी अन्य भूमिका की भी जांच किए जाने की संभावना है। यदि जांच में जिम्मेदारी तय होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

बक्सर स्कूल मामले में मोबाइल बने अहम सुराग

पूरे मामले में शिक्षकों के मोबाइल फोन जांच का अहम हिस्सा बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बाद मोबाइल में आपत्तिजनक वीडियो मिलने की बात सामने आई थी। अब जांच एजेंसियां और शिक्षा विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर सकते हैं कि वीडियो कब और कैसे बनाए गए तथा उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया। यदि मोबाइल या अन्य डिजिटल माध्यमों से संबंधित साक्ष्य सामने आते हैं तो वे जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

छात्राओं की सुरक्षा पर उठे सवाल

घटना के बाद सरकारी स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। स्कूल ऐसा स्थान है जहां बच्चों और अभिभावकों को सुरक्षित माहौल की उम्मीद होती है। ऐसे में शिक्षकों पर इस तरह के गंभीर आरोप लगना शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। विभाग की ओर से मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में आरोपों से संबंधित कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल दोनों शिक्षक निलंबित हैं और विभागीय कार्रवाई जारी है। छात्राओं से जुड़े आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। वहीं, अरविंद कुमार के कथित फर्जी प्रशिक्षण प्रमाणपत्र को लेकर भी अलग से कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।

पुलिस और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में कितने लोग शामिल हैं और आरोपों की वास्तविकता क्या है। बक्सर के इस मामले ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों की जवाबदेही और नियुक्ति के दौरान प्रमाणपत्रों के सत्यापन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट