बाढ़ से पटना-गया रेलखंड पर चढ़ा पानी, आवागमन प्रभावित, 4 ट्रेनों का परिचालन बंद
बाढ़ के बीच पटना-गया रेलखंड पर परिचालन प्रभावित, 4 मेमू ट्रेनें रद्द
निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। जिले में बाढ़ और बढ़ते जलस्तर का असर पटना-गया रेलखंड पर भी दिखाई देने लगा है। गया-पटना सेक्शन के पुल संख्या-21 पर पानी चढ़ने के बाद रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर डाउन लाइन पर ट्रेन परिचालन रोक दिया है। इसके कारण शनिवार को पटना-गया के बीच चलने वाली चार मेमू ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। वहीं, इससे पहले इस रेलखंड पर कई ट्रेनें दो से तीन घंटे की देरी से चलीं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेलवे के अनुसार पुल संख्या-21 के आसपास जलस्तर लगातार बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद इंजीनियरिंग विभाग ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए डाउन लाइन पर परिचालन निलंबित करने का निर्णय लिया। फिलहाल प्रभावित हिस्से में ट्रेन संचालन अगले आदेश तक बंद रहेगा।
बाढ़ के पानी से पुल पर बढ़ा खतरा
पटना-गया रेल सेक्शन के पुल संख्या-21 पर बाढ़ का बढ़ने से रेलवे के सामने परिचालन को सुरक्षित बनाए रखने की चुनौती पैदा हो गई है। पानी का स्तर बढ़ने के कारण ट्रैक और पुल की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी तरह के जोखिम से बचने के लिए रेलवे ने डाउन लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी है।

इंजीनियरिंग विभाग ने शुक्रवार रात 20:10 बजे से डाउन लाइन के किलोमीटर संख्या 11/38-32 के बीच ट्रेन परिचालन निलंबित कर दिया। रेलवे की ओर से यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रखने की जानकारी दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर सामान्य होने और प्रभावित रेल लाइन को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही इस हिस्से में नियमित परिचालन बहाल किया जाएगा।
बाढ़ के कारण कई ट्रेनें हुईं लेट
बाढ़ का पानी बढ़ने का असर केवल ट्रेन रद्द होने तक सीमित नहीं रहा। गया से पटना आने वाली करीब आधा दर्जन ट्रेनें दो से तीन घंटे की देरी से पहुंचीं। ट्रेनों की गति को भी कुछ स्थानों पर नियंत्रित किया गया, ताकि बढ़े जलस्तर के बीच परिचालन में किसी तरह का खतरा नहीं हो।
ट्रेनें देर से चलने के कारण यात्रियों को स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा। रोजाना पटना और गया के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से परेशानी वाली रही। नौकरी, पढ़ाई और अन्य जरूरी कामों से यात्रा करने वाले लोगों को अपने कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा। रेलवे की ओर से स्थिति को देखते हुए ट्रेनों को निर्धारित गति के बजाय कुछ स्थानों पर धीमी गति से चलाने का निर्णय भी लिया गया है।
चार मेमू ट्रेनों का परिचालन रद्द
जलस्तर और पुल की स्थिति को देखते हुए रेलवे ने शनिवार को चार मेमू ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक, दानापुर की ओर से जारी सूचना के अनुसार रद्द की गई ट्रेनों में गया-पटना और पटना-गया के बीच चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं।
रद्द की गई ट्रेनों में ट्रेन संख्या 63242 गया-पटना मेमू, 63244 गया-पटना मेमू, 63245 पटना-गया मेमू और 63247 पटना-गया मेमू शामिल हैं।
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इन ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बदलनी पड़ सकती है। यात्रियों को स्टेशन के लिए निकलने से पहले संबंधित ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे सतर्क
रेलवे अधिकारियों के अनुसार पुल पर बाढ़ का पानी का स्तर बढ़ने के कारण परिचालन रोकना यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है। रेलवे के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।
बढ़े जलस्तर के दौरान पुल और रेल ट्रैक की स्थिति में बदलाव की आशंका बनी रहती है। ऐसे में जोखिम लेकर ट्रेनों का परिचालन जारी रखने के बजाय एहतियाती कदम उठाया गया है। इंजीनियरिंग विभाग की टीम प्रभावित हिस्से की लगातार निगरानी कर रही है।

रेलवे की तकनीकी टीम जलस्तर, ट्रैक और पुल की स्थिति का आकलन कर रही है। स्थिति में सुधार होने के बाद ही परिचालन बहाल करने पर फैसला लिया जाएगा।
बाढ़ की स्थिति में यात्रियों को करना होगा इंतजार
बाढ़ के कारण पटना-गया रेलखंड पर ट्रेन परिचालन प्रभावित होने से यात्रियों को फिलहाल असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। चार मेमू ट्रेनों के रद्द होने के साथ अन्य ट्रेनों के परिचालन पर भी जलस्तर के अनुसार असर पड़ने की संभावना बनी हुई है।
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रेलवे की ओर से यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे बिना ट्रेन की स्थिति की जानकारी लिए स्टेशन के लिए रवाना न हों। ट्रेन के समय और परिचालन से जुड़ी ताजा जानकारी हासिल करने के बाद ही यात्रा की योजना बनाना बेहतर होगा।
जलस्तर सामान्य होने के बाद ही परिचालन बहाल
रेलवे के मुताबिक प्रभावित रेलखंड पर परिचालन तभी बहाल किया जाएगा, जब जलस्तर सामान्य हो जाएगा और इंजीनियरिंग विभाग ट्रैक तथा पुल को सुरक्षित घोषित करेगा। फिलहाल डाउन लाइन पर परिचालन निलंबित है और स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
पटना-गया रेलखंड बिहार के महत्वपूर्ण रेल मार्गों में शामिल है और इस पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में जलस्तर बढ़ने से परिचालन प्रभावित होने का सीधा असर यात्रियों की दैनिक आवाजाही पर पड़ रहा है।
रेलवे की कोशिश है कि बाढ़ से जुड़े जोखिम को देखते हुए सुरक्षित तरीके से परिचालन किया जाए। फिलहाल यात्रियों के लिए सबसे जरूरी है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करें और रेलवे की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
अमन कुमार की रिपोर्ट
