बिहार में माफियाओं पर चलेगा पुलिस का डंडा, 4000 अपराधी रडार पर, संपत्ति होगी जब्त

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बिहार में 4000 अपराधी-माफियाओं की संपत्ति जब्ती की तैयारी

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में माफियाओं पर बिहार पुलिस ने कार्रवाई करने की बड़ी तैयारी कर ली है। बता दें कि अब बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा एक आदेश जारी किया गया है जिसमें माफियाओं की संपत्ति को बिहार पुलिस जब्त करेगी और बिहार में अपराध कम करने हेतु माफियाओं पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिहार में 4000 से अधिक अपराधियों और माफियाओं की उन संपत्तियों को जब्त करने की तैयारी है, जिन्हें अपराध के जरिए अर्जित किया गया है। इस संबंध में बिहार पुलिस मुख्यालय ने प्रस्ताव तैयार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इनमें करीब 800 मामले न्यायालय के स्तर पर प्रक्रियाधीन हैं।

पुलिस मुख्यालय में एडीजी मुख्यालय सुनील कुमार और एडीजी विधि-व्यवस्था केएस अनुपम ने कार्रवाई से जुड़ी जानकारी साझा की। एडीजी विधि-व्यवस्था ने बताया कि संपत्ति जब्ती के लिए बीएनएसएस की धारा 107 के तहत प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य अपराध के जरिए आर्थिक साम्राज्य खड़ा करने वाले लोगों पर प्रभावी कार्रवाई करना है।

माफियाओं की संपत्ति पर कार्रवाई की तैयारी

पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया उन मामलों में आगे बढ़ाई जाएगी, जहां अपराध से संपत्ति अर्जित करने के तथ्य सामने आए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से अपराध के जरिए संपत्ति बनाने वाले अपराधियों और माफियाओं पर आर्थिक दबाव बढ़ने की उम्मीद है।

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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केवल माफियाओं की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। अपराध से अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई कर अपराध की आर्थिक जड़ को कमजोर करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

तीन महीने में करीब 24 हजार वांछित अभियुक्त गिरफ्तार

एडीजी विधि-व्यवस्था केएस अनुपम ने बताया कि पिछले तीन महीने यानी जून से अगस्त के दौरान राज्यभर में 23,958 वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इनमें अलग-अलग गंभीर मामलों के आरोपी शामिल हैं।

पुलिस पर हमला करने के मामलों में 1,166 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई। सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े मामलों में 42, भीड़ द्वारा हिंसा के मामलों में 11 और हर्ष फायरिंग के मामलों में 10 अभियुक्त पकड़े गए। इन श्रेणियों में कुल 1,229 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई।

हत्या और लूट के मामलों में भी कार्रवाई

अभियान के दौरान हत्या के मामलों में 1,270 माफियाओं को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामलों में 784, डकैती के मामलों में 214 और लूट के मामलों में 473 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ लंबित मामलों के निष्पादन पर भी जोर दिया जा रहा है।

पटना में 400 महिला हॉस्टल मिले बिना निबंधन

राज्य में महिला हॉस्टल और कोचिंग संस्थानों की जांच के लिए भी विशेष अभियान चल रहा है। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान केवल पटना में करीब 400 महिला हॉस्टल ऐसे मिले, जो बिना निबंधन के संचालित हो रहे थे।

पुलिस की ओर से निजी महिला हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है। इसके लिए पुलिस दीदी की मदद ली जा रही है। हॉस्टलों में सुरक्षा से जुड़े ऑडिट भी कराए जा रहे हैं, ताकि छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

बक्सर मामले में सभी माफियाओं की गिरफ्तारी

एडीजी विधि-व्यवस्था ने बक्सर में स्कूली छात्राओं से जुड़े मामले की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामले में सभी आरोपित शिक्षकों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस जल्द ही आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। पुलिस मुख्यालय इस मामले की लगातार निगरानी कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच से जुड़े सभी पहलुओं को पूरा करने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

दस दिन में 33 हजार से अधिक मामलों का निष्पादन

एडीजी मुख्यालय सुनील कुमार ने लंबित कांडों के पर्यवेक्षण और निष्पादन को लेकर चलाए गए अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान सिर्फ दस दिनों में 33,390 मामलों का निष्पादन किया गया।

इनमें एसपी स्तर पर 10,875 मामलों का निष्पादन हुआ। डीएसपी स्तर पर 9,159 और अंचल पुलिस निरीक्षक स्तर पर 13,356 मामलों का निष्पादन किया गया।

अपराध के खिलाफ कार्रवाई को आर्थिक मोर्चे तक ले जाने की तैयारी

बिहार पुलिस की मौजूदा कार्रवाई में माफियाओं की गिरफ्तारी के साथ-साथ अपराध से अर्जित संपत्ति पर भी फोकस किया जा रहा है। 4000 से अधिक अपराधियों और माफियाओं की संपत्ति जब्ती के प्रस्ताव को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

पुलिस मुख्यालय की कार्रवाई का उद्देश्य माफियाओं पर कानूनी शिकंजा कसने के साथ उनके आर्थिक आधार को भी कमजोर करना है। अब प्रस्तावित संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया न्यायालय और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत किस तरह आगे बढ़ती है, इस पर नजर रहेगी।

Nishkarsh Bharat

पटना से राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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