दिवाली-छठ पर बिहार आना होगा आसान, 4 राज्यों के लिए चलेंगी 149 बसें, खत्म होगी टेंशन

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दिवाली-छठ पर बिहार आने वालों के लिए 4 राज्यों से चलेंगी 149 बसें

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार से बाहर रहने वाले लोगों के लिए दिवाली और छठ पर घर लौटने का सफर आसान करने वाली हैं। त्योहारों से पहले बिहार सरकार चार राज्यों हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के लिए अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू करने की तैयारी में है। योजना के तहत कुल 149 बसों का परिचालन किया जाएगा। इनमें 75 एसी और 74 नॉन एसी बसें शामिल हैं। सरकार की तैयारी है कि इस महीने के अंत तक इन बसों का परिचालन शुरू हो जाए।

त्योहारों के दौरान बिहार आने वाले यात्रियों की संख्या हर साल काफी बढ़ जाती है। ऐसे में ट्रेनों में टिकट की मारामारी और निजी बसों में भीड़ के बीच सरकारी अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। खासकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में रहने वाले बिहार के लोगों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

बसों की आपूर्ति शुरू, 50 वाहन मिले

अंतरराज्यीय सेवा के लिए टाटा कंपनी से बसों की आपूर्ति का कॉन्ट्रैक्ट किया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अब तक 50 बसें बिहार राज्य पथ परिवहन निगम यानी बीएसआरटीसी को मिल चुकी हैं।

इनमें 19 बसें पटना डिपो को दी गई हैं। बाकी बसों को मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, पूर्णिया और दरभंगा डिपो भेजा गया है। बसों की उपलब्धता के साथ ही इनके परिचालन की अगली प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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फिलहाल संबंधित विभागों की ओर से अलग-अलग रूट का निर्धारण और परमिट तैयार करने का काम किया जा रहा है। अंतरराज्यीय परिचालन के लिए दूसरे राज्यों से जरूरी अनुमति और परमिट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नियमित सेवा शुरू होगी।

यूपी के लिए बसें गाजियाबाद तक जाएंगी

उत्तर प्रदेश के लिए बस सेवा शुरू करने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत आगे है। बिहार और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच अंतरराज्यीय बस परिचालन को लेकर पहले से समझौता है। इसके कारण बिहार से बसों को गाजियाबाद तक आने-जाने की अनुमति का रास्ता पहले से खुला है।

योजना के अनुसार पटना से बनारस, लखनऊ और अयोध्या होते हुए गाजियाबाद तक बसें चलाने की तैयारी है। हालांकि केवल बिहार की ओर से परमिट मिलना पर्याप्त नहीं होगा। पटना आरटीओ से परमिट जारी होने के बाद गाजियाबाद आरटीओ का काउंटर साइन भी जरूरी होगा।

दोनों स्तर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बसों का नियमित परिचालन संभव होगा। इससे उत्तर प्रदेश में रहने वाले बिहार के यात्रियों को लंबी दूरी के सफर के लिए सरकारी बस का विकल्प मिलेगा।

पश्चिम बंगाल के लिए बसें इन रूटों पर चलेंगी

पश्चिम बंगाल के लिए भी परिवहन विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। बिहार से कोलकाता और सिलीगुड़ी के लिए अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू करने की योजना है। इसके लिए रूट निर्धारण और परमिट निर्माण की प्रक्रिया चल रही है।

कोलकाता बिहार के लोगों के लिए रोजगार, कारोबार और शिक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण शहर है। वहीं सिलीगुड़ी उत्तर बिहार के कई जिलों से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए प्रमुख कनेक्टिविटी केंद्र है। ऐसे में इन दोनों शहरों के लिए सीधी सरकारी बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।

हरियाणा के लिए भी तैयार हो रहे रूट

हरियाणा के अंबाला और गुरुग्राम के लिए भी सरकारी बसें चलाने की तैयारी है। परिवहन विभाग की ओर से इन रूटों के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

गुरुग्राम और हरियाणा के दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों में बिहार के बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं। त्योहारों के दौरान इन यात्रियों की घर वापसी के लिए अतिरिक्त परिवहन व्यवस्था की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सरकारी बस सेवा शुरू होने से यात्रियों के पास एक और विकल्प उपलब्ध होगा।

दिल्ली के लिए समझौते की कोशिश तेज

दिल्ली के लिए अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू करना योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। बिहार सरकार की ओर से दिल्ली के साथ समझौता करने का प्रयास चल रहा है। जानकारी के अनुसार इस महीने के अंत तक समझौता पूरा होने की उम्मीद है। समझौता होने के बाद परमिट की प्रक्रिया शुरू होगी। विभाग की योजना है कि दशहरा से पहले दिल्ली के लिए भी बीएसआरटीसी की सीधी बस सेवा शुरू कर दी जाए।

पटना से दिल्ली के लिए सबसे अधिक बसें शुरू किए जाने की तैयारी है। फिलहाल निजी बसों के जरिए पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे शहरों से दिल्ली क्षेत्र के लिए यात्राएं होती हैं, लेकिन सीधा परमिट नहीं होने के कारण कई सेवाएं गाजियाबाद तक ही संचालित होती हैं। सरकारी स्तर पर सीधी बस सेवा शुरू होने से बिहार और दिल्ली के बीच सार्वजनिक परिवहन का एक अतिरिक्त विकल्प तैयार होगा।

किन जिलों से सबसे ज्यादा बसें चलेंगी?

अंतरराज्यीय बस सेवा केवल पटना तक सीमित नहीं रहेगी। बीएसआरटीसी के कई डिपो से इन बसों का परिचालन किया जाएगा। दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर से सबसे अधिक बसें चलाने की तैयारी है। पटना से करीब 40 बसों का परिचालन प्रस्तावित है। इनमें दिल्ली के लिए शुरू होने वाली सेवाओं की संख्या अधिक रहने की संभावना है। इस व्यवस्था का उद्देश्य सिर्फ राजधानी पटना से दूसरे राज्यों को जोड़ना नहीं है, बल्कि उत्तर बिहार और अन्य प्रमुख शहरों से भी सीधे अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

पीएम ई-बस योजना से पटना को मिलेंगी 25 नई बसें

अंतरराज्यीय बस सेवा के साथ पटना की सिटी बस व्यवस्था को भी मजबूत करने की तैयारी है। प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत अगले सप्ताह 25 और इलेक्ट्रिक बसें बीएसआरटीसी को मिलने वाली हैं। इन बसों के शामिल होने के बाद पटना में सिटी बसों की संख्या 62 तक पहुंच जाएगी। इससे शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को विस्तार मिलेगा। पहले से ही पीएम ई-बस योजना के तहत 25 इलेक्ट्रिक बसें पटना की सड़कों पर चल रही हैं। इसके अलावा अशोक लीलैंड कंपनी के साथ हुए कॉन्ट्रैक्ट के तहत 25 अन्य इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन भी पहले से हो रहा है।

पटना में एम्स, दानापुर और बिहटा तक सेवा

अगले सप्ताह मिलने वाली 25 इलेक्ट्रिक बसों को पटना के प्रमुख रूटों पर चलाने की तैयारी है। इनमें 10 बसें गांधी मैदान से पटना जंक्शन होते हुए फुलवारी के रास्ते एम्स जाएंगी। 10 अन्य बसें गांधी मैदान से पटना जंक्शन और सगुना मोड़ होते हुए दानापुर तक चलेंगी। वहीं पांच बसें गांधी मैदान से पटना जंक्शन, सगुना मोड़ और दानापुर होते हुए बिहटा तक जाएंगी।

नई बसों के आने के बाद पहले उनका रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा। इसके बाद परमिट की प्रक्रिया पूरी होगी। विभाग इसके बाद ट्रायल रन कराएगा और योजना के मुताबिक महीने के अंत तक इनका नियमित परिचालन शुरू किया जाएगा।

त्योहारों से पहले यात्रियों को मिलेगी राहत

दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों से पहले अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू करने की तैयारी को बिहार से बाहर रहने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में रहने वाले लोगों के लिए घर लौटने के विकल्प बढ़ेंगे।

149 अंतरराज्यीय बसों के साथ पटना में 25 नई इलेक्ट्रिक सिटी बसों का जुड़ना राज्य के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम है। हालांकि यात्रियों को वास्तविक सुविधा तभी मिलेगी, जब रूट, परमिट और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हों।

फिलहाल विभाग की कोशिश है कि त्योहारों की भीड़ शुरू होने से पहले अधिक से अधिक रूट पर बस सेवा उपलब्ध करा दी जाए। इससे बिहार आने वाले यात्रियों को निजी परिवहन और ट्रेनों के अलावा सरकारी बसों का विकल्प भी मिल सकेगा।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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