बांकीपुर उपचुनाव में भरत तिवारी एनकाउंटर केस की एंट्री, परिवार ने प्रशांत किशोर पर लगाए गंभीर आरोप; जन सुराज ने बताया बेबुनियाद
भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने बांकीपुर उपचुनाव में राजनीतिक रंग ले लिया है। परिवार ने प्रशांत किशोर पर चुनाव प्रचार का दबाव बनाने का आरोप लगाया, जबकि जन सुराज ने आरोपों को बेबुनियाद बताया।
बिहार की चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की गूंज अब बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव तक पहुंच गई है। मतदान से ठीक तीन दिन पहले भरत तिवारी के परिजनों ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि न्याय दिलाने का भरोसा देकर उनसे चुनाव प्रचार कराने की कोशिश की गई। हालांकि जन सुराज ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है।
मामले के सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। बीजेपी इस मुद्दे पर जन सुराज को घेर रही है, जबकि विपक्षी दल इसे राजनीतिक रंग देने का आरोप लगा रहे हैं।
परिवार का आरोप- न्याय के नाम पर चुनाव प्रचार का दबाव
भरत तिवारी की भाभी सुमन देवी ने आरोप लगाया कि घटना के कुछ दिन बाद प्रशांत किशोर ने परिवार के सदस्यों को अपने आवास पर बुलाया था। उन्होंने भरोसा दिया था कि 15 दिनों के भीतर न्याय दिलाने के लिए कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी किया जाएगा।
सुमन देवी का कहना है कि बाद में कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े-बड़े आश्वासन देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
परिजनों का यह भी आरोप है कि उन्हें एक वरिष्ठ वकील से मिलवाने के बहाने प्रशांत किशोर के कार्यालय बुलाया गया, लेकिन वहां उनकी तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर यह प्रचारित किया गया कि भरत तिवारी का परिवार उनसे मिलने पहुंचा है। परिवार का कहना है कि उनकी अनुमति के बिना इस मुलाकात का राजनीतिक इस्तेमाल किया गया।
वायरल वीडियो में बीजेपी सांसद से बातचीत
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भरत तिवारी की मां आशा देवी और भाभी सुमन देवी बीजेपी सांसद मनोज तिवारी से बातचीत करती दिखाई दे रही हैं।
वीडियो में दोनों यह दावा करती हैं कि प्रशांत किशोर ने उन्हें बांकीपुर उपचुनाव में अपने पक्ष में प्रचार करने के लिए कहा था। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बीजेपी ने इस वीडियो को आधार बनाकर जन सुराज पर निशाना साधा है, जबकि जन सुराज का कहना है कि यह राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोप हैं और इनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
मनोज तिवारी ने साधा निशाना
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि जिस परिवार ने अपना बेटा खोया है, उसे न्याय और संवेदना की जरूरत है, न कि चुनावी राजनीति में घसीटे जाने की।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर ने भरत तिवारी की मां से चुनाव प्रचार करने का आग्रह किया था, लेकिन परिवार ने इससे इनकार कर दिया। मनोज तिवारी ने इसे “ओछी राजनीति” बताते हुए कहा कि दुख की घड़ी में किसी परिवार का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
सांसद से लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंचा परिवार
भरत तिवारी के परिजनों ने बताया कि 24 जुलाई को उन्होंने बीजेपी सांसद मनोज तिवारी से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी थी। परिवार का कहना है कि भरत की हत्या के बाद भी अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे वे निराश हैं।
इसके बाद परिवार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी मुलाकात की। परिजनों के अनुसार, मुख्यमंत्री को मामले की पूरी जानकारी दी गई। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि 48 घंटे के भीतर उचित कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
परिवार ने कहा कि उन्हें सरकार की ओर से न्याय मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद दो अधिकारियों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर दो महत्वपूर्ण फैसले लिए।
पहली कार्रवाई के तहत जगदीशपुर के एसडीओ सुजीत कुमार को उनके पद से हटाकर सचिवालय से संबद्ध कर दिया गया। भरत तिवारी के परिजनों ने उन पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे।
दूसरी कार्रवाई आरोपी एसडीपीओ राजेश कुमार को लेकर हुई। एनकाउंटर के बाद उन्हें मद्य निषेध विभाग में तैनात किया गया था। परिजनों की शिकायत के बाद उन्हें वहां से हटाकर पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया है, जहां वे अगले आदेश की प्रतीक्षा करेंगे।
सरकार की इन कार्रवाइयों को मामले में बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पप्पू यादव ने दोनों पक्षों पर बोला हमला
रविवार को पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी भोजपुर के बिलौटी गांव पहुंचे और भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात की।
उन्होंने बीजेपी सांसद मनोज तिवारी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि उन्हें परिवार से वास्तव में सहानुभूति है तो वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।
पप्पू यादव ने कहा कि पूरे देश ने भरत तिवारी के परिवार के लिए न्याय की मांग की, लेकिन अब इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर ने परिवार का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश की। पप्पू यादव ने कहा कि चुनाव प्रचार के लिए परिवार को प्रस्ताव दिया गया और बिहार के विभिन्न आंदोलनों के दौरान भी प्रशांत किशोर सक्रिय रूप से पीड़ितों के बीच नहीं पहुंचे।
जन सुराज ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
दूसरी ओर, जन सुराज ने भरत तिवारी के परिवार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। पार्टी का कहना है कि न्याय की लड़ाई को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है।
जन सुराज का दावा है कि पार्टी हमेशा पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी रही है और चुनावी लाभ के लिए किसी का इस्तेमाल करने का सवाल ही नहीं उठता।
चुनाव से पहले गरमाया राजनीतिक माहौल
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले भरत तिवारी एनकाउंटर मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। एक ओर परिवार प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगा रहा है, वहीं जन सुराज इन आरोपों से साफ इनकार कर रहा है। बीजेपी इस मुद्दे को चुनावी नैरेटिव का हिस्सा बना रही है, जबकि अन्य राजनीतिक दल भी लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
फिलहाल, आरोप और जवाबी आरोपों के बीच मामले की सच्चाई सामने आना बाकी है। वहीं, भरत तिवारी के परिवार की मुख्य मांग अब भी यही है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
