बांकीपुर उपचुनाव: मतगणना से पहले प्रशांत किशोर का बड़ा आरोप, बोले- भाजपा के इशारे पर पुलिस ने जन सुराज कार्यकर्ताओं को बनाया निशाना
बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर ने पटना पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, चुनाव आयोग से करेंगे शिकायत
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना से ठीक एक दिन पहले जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पटना पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान पुलिस ने निष्पक्षता नहीं बरती और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर जन सुराज के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया। प्रशांत किशोर ने कहा कि पार्टी इस पूरे मामले की शिकायत भारत निर्वाचन आयोग से करेगी और जल्द ही दिल्ली जाकर आयोग के समक्ष सभी साक्ष्य प्रस्तुत करेगी।
चुनाव प्रभावित करने की कोशिश का आरोप
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि मतदान के दौरान पुलिस ने कई स्थानीय लोगों के घरों में देर रात प्रवेश किया और बिना किसी ठोस आधार के उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर की गई, जबकि वास्तविक उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करना था।
उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों को हिरासत में लिया गया, उनमें अधिकांश जन सुराज से जुड़े कार्यकर्ता या समर्थक थे। उनके मुताबिक इन सभी घटनाओं के दस्तावेजी और अन्य साक्ष्य पार्टी ने जुटा लिए हैं, जिन्हें चुनाव आयोग को सौंपा जाएगा।
‘बाहरी’ बताकर स्थानीय लोगों को उठाया गया
प्रशांत किशोर ने पटना एसएसपी कार्यालय की ओर से जारी उस विज्ञप्ति पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि चुनाव के दौरान बाहरी लोगों को हिरासत में लिया गया ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
उन्होंने कहा कि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उनके अनुसार 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें अधिकांश पटना के स्थायी निवासी थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस देर रात लोगों के घरों में पहुंची, उन्हें सोते हुए उठाकर थाने ले गई और कई घंटों तक अलग-अलग स्थानों पर रखती रही।
जन सुराज के 54 लोगों पर कार्रवाई, भाजपा के कितने?
प्रशांत किशोर ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जन सुराज के 54 लोगों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया तो पुलिस यह भी बताए कि भाजपा के कितने कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की गई।
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन निष्पक्ष था तो सभी दलों के खिलाफ समान कार्रवाई होनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान समाप्त होने से कुछ समय पहले हिरासत में लिए गए लोगों को मतदान करवाकर छोड़ दिया गया, जिससे स्पष्ट होता है कि उन्हें मतदान प्रक्रिया से दूर रखने की कोशिश की गई।
पटना SSP पर लगाए गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रशांत किशोर ने पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय शर्मा पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव के दिन उन्होंने कई बार एसएसपी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका एक भी फोन नहीं उठाया गया।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने हर बार उनका फोन रिसीव किया और बातचीत की। प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि एसएसपी ने पूरे चुनाव के दौरान प्रशासनिक निष्पक्षता नहीं दिखाई।
DGP और चुनाव आयोग से शिकायत
जन सुराज प्रमुख ने बताया कि इस मामले की शिकायत राज्य निर्वाचन अधिकारियों और बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) से की गई है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें आश्वासन मिला है कि 3 अगस्त को होने वाली मतगणना में पटना एसएसपी की कोई भूमिका नहीं रहेगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी जल्द ही दिल्ली जाकर केंद्रीय चुनाव आयोग के समक्ष विस्तृत शिकायत दर्ज कराएगी और सभी साक्ष्य प्रस्तुत करेगी।
अवैध शराब पर भी सरकार को घेरा
प्रशांत किशोर ने बिहार में अवैध शराब की बिक्री का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पटना एसएसपी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि प्रशासन वास्तव में प्रभावी है तो खुलेआम हो रही अवैध शराब की बिक्री को रोककर दिखाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई करने में सक्रिय है, लेकिन अवैध शराब के कारोबार और अन्य अपराधों के खिलाफ अपेक्षित सख्ती नहीं दिखाई जा रही है।
सम्राट चौधरी पर हमला, नीतीश कुमार की तारीफ
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है और प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बढ़ा है।
इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में प्रशासनिक व्यवस्था अलग तरीके से संचालित होती थी।
स्थानीय लोगों ने भी लगाए आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ स्थानीय लोगों ने भी अपने अनुभव साझा किए और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
नवल किशोर गुप्ता का दावा
मंदिरी वार्ड-26 निवासी नवल किशोर गुप्ता ने आरोप लगाया कि देर रात पुलिस उनके घर पहुंची और बिना किसी वारंट या मुकदमे की जानकारी दिए उन्हें अपने साथ ले गई। उन्होंने कहा कि पूरे दिन उन्हें अलग-अलग स्थानों पर रखा गया और शाम के समय मतदान करवाकर छोड़ दिया गया।
निभा भूषण का आरोप
वार्ड-22 निवासी निभा भूषण ने आरोप लगाया कि मतदान के बाद पुलिस उनके घर के अंदर पहुंच गई, जबकि बाहर भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक के घर में बिना उचित कारण इस तरह प्रवेश करना उचित नहीं है।
सुनील चंद्रवंशी ने भी उठाए सवाल
वार्ड-38 निवासी सुनील चंद्रवंशी ने दावा किया कि पुलिस उन्हें तीन अलग-अलग मौकों पर पकड़ने पहुंची। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले उन्हें घर के नीचे से उठाया गया, फिर थाने ले जाया गया और बाद में दोबारा पुलिस उनके घर पहुंची।
18 स्थानीय लोगों की सूची जारी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रशांत किशोर ने 18 स्थानीय लोगों की एक सूची भी जारी की। उनका दावा था कि इन लोगों को प्रशासन ने “बाहरी” बताकर हिरासत में लिया था, जबकि सभी पटना के निवासी हैं। उन्होंने कहा कि यह सूची प्रशासन के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
मतगणना से पहले बढ़ी राजनीतिक गर्मी
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना से ठीक पहले लगाए गए इन आरोपों से बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। जन सुराज ने जहां चुनाव प्रक्रिया में प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, वहीं अब सबकी नजर चुनाव आयोग की संभावित कार्रवाई और मतगणना के नतीजों पर टिकी है। यदि आयोग इन आरोपों पर संज्ञान लेता है तो आने वाले दिनों में यह मामला और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
