पटना में ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’: महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत तेज, गर्मी के बीच जुटीं सैकड़ों महिलाएं
बिहार की राजधानी पटना में महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी तापमान एक बार फिर बढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के महिला मोर्चा की ओर से सोमवार को ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ का आयोजन किया गया।
पटना: बिहार की राजधानी पटना में महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी तापमान एक बार फिर बढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के महिला मोर्चा की ओर से सोमवार को ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक पर किया गया, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।
सम्मेलन में पूर्व मंत्री श्रेयसी सिंह और लेसी सिंह मंच पर मौजूद रहीं। इसके अलावा पटना की मेयर सीता साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। आयोजन के दौरान महिलाओं ने हाथों में पोस्टर लेकर विरोध जताया। पोस्टरों पर लिखा था— “नारी शक्ति की झूठी कहानी, कांग्रेस की आदत पुरानी”।

महिलाओं ने लगातार नारेबाजी करते हुए कहा— “अपना हक लेकर रहेंगे”। हालांकि तेज धूप और भीषण गर्मी के कारण कार्यक्रम के बीच में ही कई महिलाएं पंडाल छोड़कर गांधी मैदान के पेड़ों की छांव में चली गईं। बावजूद इसके, कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी उत्साहजनक रही।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, आसपास की दुकानें बंद
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। कारगिल चौक और आसपास के क्षेत्रों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया।
सुरक्षा कारणों से मोना और रिजेंट सिनेमा हॉल के साथ-साथ आसपास की कई दुकानों को अस्थायी रूप से बंद करा दिया गया। प्रशासन का कहना है कि यह कदम किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए उठाया गया।
सीएम सम्राट चौधरी का विपक्ष पर हमला
कार्यक्रम में शामिल होने से पहले बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित बीजेपी कार्यालय में महिला आरक्षण बिल को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
उन्होंने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं कर महिलाओं के साथ अन्याय किया है।

सीएम ने कहा,
“विपक्षियों ने मिलकर महिलाओं के साथ धोखा किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की महिलाओं को उनका हक देना चाहते थे, लेकिन विपक्ष ने साथ नहीं दिया।”
उन्होंने आगे कहा कि कुछ दल शुरू से ही आरक्षण के खिलाफ रहे हैं और अब उन्हें जनता के सामने जवाब देना होगा कि आखिर एक सामान्य महिला कब संसद तक पहुंचेगी।
तेजस्वी यादव का पलटवार
सीएम के बयान पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सम्राट चौधरी के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को महिला आरक्षण बिल की सही जानकारी नहीं है।

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी और उससे जुड़े संगठनों की सोच महिलाओं के प्रति सही नहीं है। उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए RSS पर भी निशाना साधा और कहा कि वहां महिलाओं को सम्मान नहीं दिया जाता।
महिला आरक्षण बिल बना सियासी मुद्दा
महिला आरक्षण बिल, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी कहा जाता है, पहले ही संसद से पारित हो चुका है। इस बिल के तहत लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रावधान है।
हालांकि, यह आरक्षण अभी लागू नहीं हुआ है क्योंकि इसके लिए पहले परिसीमन और नई जनगणना की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। यही वजह है कि इस मुद्दे को लेकर सियासत लगातार गर्म बनी हुई है।
बीजेपी इस बिल को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे लागू करने में देरी को लेकर सवाल उठा रहा है।
गर्मी के बीच भी जारी रहा विरोध
पटना में इन दिनों भीषण गर्मी का असर साफ देखने को मिल रहा है। तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिसके चलते लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
इसके बावजूद महिला मोर्चा के इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी यह दिखाती है कि महिला आरक्षण का मुद्दा जमीनी स्तर पर भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

पटना में आयोजित ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ ने यह साफ कर दिया है कि महिला आरक्षण बिल अब सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है।
एक ओर बीजेपी इसे महिलाओं के अधिकारों से जोड़कर विपक्ष पर हमला कर रही है, वहीं विपक्ष इसके क्रियान्वयन में देरी और सरकार की नीयत पर सवाल उठा रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
