मुजफ्फरपुर में कलयुगी मां ने ढाई साल के बच्चें को मार डाला….बिस्किट में दिया जहर, नाटक से खुला राज़

मुजफ्फरपुर

मुजफ्फरपुर में मासूम की मौत, मां पर जहर देने का आरोप

निष्कर्ष भारत, संवाददाता मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के रामपुरहरि थाना क्षेत्र में ढाई साल के मासूम की संदिग्ध जहरीली पदार्थ से मौत के बाद सनसनी फैल गई। टेंगराहा उत्तर टोला में हुई इस घटना में बच्चे की मां आरती देवी पर ही उसे जहर देकर मारने का आरोप लगा है। मुजफ्फरपुर पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए मुजफ्फरपुर में एफएसएल की टीम को बुलाया गया, जबकि बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

मृत बच्चे की पहचान आर्यन कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। बच्चे के पिता अखिलेश राम पंजाब में मजदूरी करते हैं। उन्हें घटना की सूचना दे दी गई है और परिजनों को उनके घर लौटने का इंतजार है।

मुजफ्फरपुर में बिस्किट खिलाने के बाद बिगड़ी बच्चे की तबीयत

घटना के संबंध में सामने आई जानकारी के मुताबिक, आर्यन के दादा कैलाश राम और दादी गीता देवी किसी काम से घर से बाहर गए थे। इसी दौरान आरती देवी ने कथित तौर पर बच्चे को बिस्किट खिलाया। आरोप है कि बिस्किट में जहरीला पदार्थ मिलाया गया था।

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कुछ समय बाद बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। स्थिति खराब होते देखकर आसपास के लोगों को इसकी जानकारी हुई। ग्रामीण चिकित्सक को बुलाकर बच्चे को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

बच्चे की हालत बिगड़ने के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बच्चे के मुंह से झाग निकलते देखा, जिसके बाद घटना को लेकर संदेह और गहरा गया।

मुजफ्फरपुर पुलिस ने मां को हिरासत में लिया

बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही रामपुरहरि थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरती देवी को हिरासत में ले लिया और उससे घटना के संबंध में पूछताछ शुरू की। मुजफ्फरपुर की थानेदार अंजली कुमारी के अनुसार, महिला से पूछताछ की जा रही है। परिजनों की ओर से आवेदन मिलने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

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पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि बच्चे की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसे जहरीला पदार्थ कैसे मिला। इन सवालों के जवाब पोस्टमार्टम और एफएसएल जांच के बाद काफी हद तक स्पष्ट हो सकते हैं।

एफएसएल टीम ने मुजफ्फरपुर में घटनास्थल से जुटाए नमूने

मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर एफएसएल की टीम को बुलाया गया। टीम ने मौके से जरूरी नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों की वैज्ञानिक जांच की जाएगी।

इसके अलावा बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वास्तविक वजह को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस एफएसएल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को जांच का अहम हिस्सा मानकर आगे बढ़ रही है।

मुजफ्फरपुर की घटना के बारे में अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि बच्चे की मौत निश्चित रूप से जहर के कारण ही हुई है। पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही इस संबंध में आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होगी।

रोने की आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीण

बताया गया कि मुजफ्फरपुर में ही आर्यन की तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मां जोर-जोर से रोने लगी। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे। घर का माहौल देखकर ग्रामीण भी हैरान रह गए।

ढाई साल के बच्चे की मौत की खबर फैलते ही मुजफ्फरपुर में ही घर के बाहर लोगों की भीड़ जुटने लगी। दादा-दादी का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के सदस्यों को समझ नहीं आ रहा था कि अचानक यह सब कैसे हो गया। बच्चे की दादी गीता देवी की हालत बेहद खराब बताई गई। वह बार-बार बेहोश हो रही थीं। आसपास के लोग उन्हें संभालने और ढांढस बंधाने में जुटे रहे।

परिवार में पहले से चल रहा था विवाद

बच्चे के दादा कैलाश राम ने बताया कि उनके बेटे अखिलेश राम की शादी करीब सात साल पहले आरती देवी से हुई थी। आरती सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र के सोढ़ना माधोपुर की रहने वाली बताई गई हैं। परिवार के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी पारिवारिक तनाव को घटना की पृष्ठभूमि से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि पति-पत्नी के विवाद का बच्चे की मौत से कोई सीधा संबंध था या नहीं।

परिजनों और ग्रामीणों की ओर से कई तरह की बातें सामने आ रही हैं, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी भी आरोप को तथ्य मानना उचित नहीं होगा।

पिता पंजाब में करते हैं मजदूरी

आर्यन के पिता अखिलेश राम परिवार के भरण-पोषण के लिए पंजाब में मजदूरी करते हैं। घटना के समय वह घर पर मौजूद नहीं थे। बच्चे की मौत की सूचना उन्हें फोन पर दी गई।

परिजनों ने उन्हें पंजाब से वापस बुलाया है। साथ ही आरती के मायके पक्ष के लोगों को भी घटना की जानकारी देकर बुलाया गया है। पति के घर लौटने के बाद परिवार और पुलिस के सामने कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।

आरती के एक और छोटा बेटा भी है, जिसकी उम्र करीब एक साल बताई गई है। वह फिलहाल परिवार के लिए एक और चिंता का विषय बना हुआ है।

नाटक से खुला राज? पुलिस हर पहलू की कर रही जांच

घटना के बाद ग्रामीणों के बीच यह चर्चा है कि बच्चे की तबीयत बिगड़ने के बाद मां के रोने और घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इसी वजह से स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

हालांकि, किसी घटना को केवल ग्रामीणों की चर्चा के आधार पर किसी निष्कर्ष तक पहुंचाना सही नहीं होगा। पुलिस पूछताछ, एफएसएल जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्य ही यह तय करने में मदद करेंगे कि वास्तविकता क्या है।

मुजफ्फरपुर में मासूम की मौत से कई सवाल

ढाई साल के बच्चे की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। जिस उम्र में बच्चे को परिवार के संरक्षण और देखभाल की जरूरत होती है, उसी उम्र में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने ग्रामीणों को स्तब्ध कर दिया है।

दादा-दादी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग घटना की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, ग्रामीण भी पुलिस की जांच पर नजर बनाए हुए हैं।

मामले में महिला को हिरासत में लिया गया है, लेकिन अभी उसकी गिरफ्तारी या आरोप साबित होने की स्थिति नहीं है। पुलिस पूछताछ और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

इस मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच मानी जा रही है। यदि जांच में जहरीले पदार्थ की पुष्टि होती है तो पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि वह बच्चे के शरीर में किस तरह पहुंचा।

इसके साथ ही घटनास्थल से लिए गए नमूनों की जांच से भी पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। बच्चे की मौत से पहले और बाद की घटनाओं का क्रम भी जांच का अहम हिस्सा रहेगा।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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