पटना का कुख्यात शिव डोम बोकारो से गिरफ्तार, लूट व डकैती समेत 18 मामले दर्ज
पटना STF ने 25 हजार के इनामी शिव डोम को बोकारो से गिरफ्तार किया
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना STF शिव डोम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बिहार पुलिस की विशेष कार्य बल (STF) ने 25 हजार रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी शिव डोम को झारखंड के बोकारो जिले से गिरफ्तार किया है। लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहे शिव डोम के खिलाफ लूट, डकैती और अन्य गंभीर अपराधों के करीब 18 मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। गिरफ्तारी के बाद STF की टीम उसे पटना लेकर आई है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, शिव डोम लगातार अपना ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था। बिहार छोड़कर दूसरे राज्य में छिपे होने की सूचना मिलने के बाद STF ने कार्रवाई की और उसे बोकारो से पकड़ लिया।
पटना STF को मिली थी इनामी अपराधी की सूचना
शिव डोम की तलाश पटना पुलिस लंबे समय से कर रही थी। अलग-अलग आपराधिक मामलों में नाम सामने आने के बाद वह पटना पुलिस के लिए वांछित बना हुआ था। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही थी।

इसी बीच STF को उसके झारखंड के बोकारो में छिपे होने की जानकारी मिली। सूचना को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम ने उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। ठिकाना पुख्ता होने के बाद टीम ने बोकारो में कार्रवाई की और शिव डोम को गिरफ्तार कर लिया।
25 हजार रुपये का इनाम घोषित था
पुलिस की नजर में शिव डोम लंबे समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। वह पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
जांच के अनुसार, बिहार से बाहर रहने के दौरान भी वह पहचान छिपाकर अलग-अलग जगहों पर रहने की कोशिश करता रहा। पुलिस को जैसे ही बोकारो में उसके मौजूद होने की सटीक जानकारी मिली, STF ने बिना देरी किए कार्रवाई की।
पटना में दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
गिरफ्तार शिव डोम मूल रूप से माखन ईदगाह, थाना आलमगंज का रहने वाला बताया गया है। उसके खिलाफ लूट, डकैती और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े करीब 18 मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
इन मामलों के कारण वह लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था। अलग-अलग थानों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी नहीं होने के कारण उसके लगातार ठिकाना बदलने की जानकारी भी पुलिस को मिलती रही थी।
अब उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस पुराने मामलों की फाइलों को भी खंगाल सकती है। पूछताछ के दौरान यह पता लगाने की कोशिश होगी कि किन वारदातों में उसकी भूमिका थी और उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल थे।
बोकारो में छिपकर रह रहा था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए शिव डोम बिहार से बाहर चला गया था। उसने झारखंड के बोकारो में अपना ठिकाना बना रखा था। पुलिस की नजर से बचने के लिए वह लगातार स्थान बदलने की कोशिश करता था।
STF को उसके बोकारो में होने की सूचना मिलने के बाद टीम ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई और कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद उसे बिहार लाया गया।
पटना STF करेगी पुराने मामलों की जांच
शिव डोम को पटना लाने के बाद STF उससे पूछताछ कर रही है। पूछताछ में उसके आपराधिक नेटवर्क और पुराने मामलों से जुड़े कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: IIT Patna में पुलिस और दिग्गजों की मौजूदगी .. शराब और शबाब’ वाली महफिल का सच क्या ?
पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसके गिरोह में कौन-कौन लोग शामिल थे। इसके अलावा उसे दूसरे राज्य में रहने के दौरान किन लोगों से मदद मिलती थी, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
जांच का एक अहम पहलू यह भी होगा कि क्या शिव डोम ने फरारी के दौरान किसी नई आपराधिक घटना को अंजाम दिया था।
गिरोह और शरणदाताओं की भी तलाश
पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान शिव डोम से उसके साथियों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। पुलिस उसके संपर्क में रहने वाले लोगों और संभावित शरणदाताओं की भी जानकारी जुटा रही है।
अगर जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। STF उसके मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर उसके संपर्कों की पड़ताल कर सकती है।
कई लंबित मामलों में मिल सकते हैं सुराग
शिव डोम की गिरफ्तारी से उन मामलों की जांच में भी मदद मिलने की उम्मीद है, जिनमें वह लंबे समय से फरार था। पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाकर यह देख रही है कि किन मामलों में उसकी भूमिका रही है।

पूछताछ के दौरान वारदातों के तरीके, साथियों और फरारी के दौरान उसके ठिकानों से जुड़े सुराग मिलने की संभावना है। इससे पुलिस को पुराने मामलों को सुलझाने में मदद मिल सकती है।
कानूनी प्रक्रिया के बाद न्यायिक हिरासत
STF की पूछताछ पूरी होने के बाद शिव डोम को संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद अदालत के आदेश के अनुसार उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता उसके आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाना है। 25 हजार के इनामी अपराधी की गिरफ्तारी को STF की अहम कार्रवाई माना जा रहा है।
अमन कुमार की रिपोर्ट
