बिहार में फिर बिगड़ा मौसम, 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, पटना में भी बरसेंगे बादल

बिगड़ा मौसम

बिहार में बिगड़ा मौसम, 7 जिलों में ऑरेंज और कई में येलो अलर्ट

निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। बिहार में बिगड़ा मौसम एक बार फिर लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है। 3 सितंबर 2026 को राज्य में मानसून का मिजाज तल्ख बना हुआ है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं, आंधी और वज्रपात की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। खास तौर पर पूर्वी बिहार के जिलों में मौसम के ज्यादा खराब रहने की संभावना जताई गई है। सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

इन जिलों में बिगड़ा मौसम के बाद भारी बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। वहीं राजधानी पटना समेत राज्य के कई अन्य हिस्सों में भी बादल छाए रहने और बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक बिहार में मौसम पूरी तरह साफ होने के आसार कम हैं।

सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट, भारी बारिश की चेतावनी

पूर्वी बिहार में बिगड़ा मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार को ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में रखा गया है।

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इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की भी संभावना है। लगातार बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या बढ़ सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची सड़कों और स्थानीय संपर्क मार्गों पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है।

प्रशासन की ओर से लोगों को बिगड़ा मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।

बिगड़ा मौसम, पटना में भी बरसेंगे बादल

राजधानी पटना में भी बिगड़ा मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ शहर और आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।

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पटना में बारिश का असर सामान्य जनजीवन पर भी दिखाई दे सकता है। सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित होने की संभावना रहती है, जबकि तेज हवा के दौरान पेड़ या कमजोर ढांचे गिरने का खतरा भी बढ़ जाता है।

मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल पटना समेत बिहार के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं। ऐसे में लोगों को बिगड़ा मौसमके साफ होने का इंतजार करते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।

3 और 4 सितंबर को कई इलाकों में बारिश

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 3 और 4 सितंबर को बिहार के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है।

बारिश का प्रभाव केवल पूर्वी बिहार तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। राज्य के दूसरे हिस्सों में भी स्थानीय स्तर पर बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। 5 सितंबर तक बारिश और वज्रपात का दौर बने रहने का अनुमान है।

इसके बाद बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। हालांकि मौसम पूरी तरह शुष्क होने की संभावना नहीं है और कई इलाकों में स्थानीय स्तर पर बारिश जारी रह सकती है।

बिगड़ा मौसम, इन जिलों में येलो अलर्ट

पूर्वी बिहार के सात जिलों के अलावा पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी बिहार के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिम चंपारण, सीवान, बक्सर, रोहतास, भागलपुर और जमुई समेत कई जिलों में मौसम खराब रहने की आशंका है।

इन इलाकों में बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम की स्थिति को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को आंधी और वज्रपात के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।

वज्रपात के दौरान बरतें सावधानी

बिहार में बारिश के साथ वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में मौसम खराब होने के दौरान लोगों को खुले मैदान, खेत, तालाब या अन्य खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए।

बिजली चमकने और तेज गरज की स्थिति में पेड़ के नीचे खड़े होना भी सुरक्षित नहीं माना जाता। बिजली के खंभों, टावरों और खुले बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। किसान और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोग मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

बिगड़ा मौसम कब होगा सामान्य?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 5 सितंबर तक बिहार के कई हिस्सों में बारिश और वज्रपात की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। इसके बाद बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है।

हालांकि मानसून के सक्रिय रहने के कारण स्थानीय स्तर पर बारिश का दौर पूरी तरह समाप्त नहीं होगा। अलग-अलग जिलों में मौसम का असर अलग-अलग हो सकता है। इसलिए किसी एक इलाके में मौसम साफ होने का मतलब पूरे राज्य में मौसम के सामान्य होने से नहीं है।

फिलहाल प्रशासन और आम लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखने की जरूरत है। खासकर ऑरेंज अलर्ट वाले सात जिलों में भारी बारिश और वज्रपात को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। आने वाले दो से तीन दिनों में बिहार के मौसम पर मानसूनी गतिविधियों का असर बना रहने की संभावना है।

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