मगध विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में छात्रों का हंगामा, एक घंटे से अधिक बाधित रही कार्यवाही; इन मांगों को लेकर ABVP का प्रदर्शन

मगध विश्वविद्यालय

मगध विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में ABVP का हंगामा, एक घंटे से अधिक बाधित रही कार्यवाही। छात्रों ने उठाई कई मांगें।

निष्कर्ष भारत संवाददाता गया/बोधगया: मगध विश्वविद्यालय में शनिवार को आयोजित सीनेट की बैठक उस समय हंगामे में बदल गई, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न शैक्षणिक और छात्रहित के मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों की नारेबाजी और विरोध के कारण सीनेट बैठक की कार्यवाही करीब एक घंटे से अधिक समय तक बाधित रही। मुख्य द्वार से लेकर राधाकृष्ण सभागार तक प्रदर्शनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।

छात्रों के अचानक सभागार पहुंचने के बाद बैठक स्थल पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। सीनेट बैठक में शामिल सदस्य आनन-फानन में दूसरे कमरे में चले गए। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों और प्रशासन के बीच तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए मगध विश्वविद्यालय थाना की पुलिस मौके पर मौजूद रही, लेकिन छात्रों के विरोध को पूरी तरह रोकने में पुलिस सफल नहीं हो सकी।

सीनेट बैठक के दौरान अचानक शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन

मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को मगध विश्वविद्यालय में सीनेट की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में करीब 35 सीनेट सदस्य पहुंच चुके थे और कोरम पूरा होने की स्थिति बन रही थी। इसी बीच ABVP से जुड़े छात्र-छात्राओं का समूह राधाकृष्ण सभागार की ओर पहुंच गया।

छात्रों ने सभागार में पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से लंबे समय से लंबित छात्रहित के मुद्दों का समाधान करने की मांग की।

विरोध के कारण बैठक की कार्यवाही प्रभावित हुई और सीनेट सदस्यों को कुछ समय के लिए दूसरे कमरे में जाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक छात्रों की समस्याओं पर विश्वविद्यालय प्रशासन गंभीरता से पहल नहीं करता, तब तक उनकी आवाज उठती रहेगी।

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नवादा में पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की मांग

ABVP के प्रदर्शन में सबसे प्रमुख मांगों में नवादा जिले में पोस्ट ग्रेजुएशन यानी पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की मांग शामिल रही। छात्रों का कहना है कि उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को दूसरे शहरों और जिलों का रुख करना पड़ता है।

छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि नवादा जिले में पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में ठोस पहल की जाए, ताकि स्थानीय छात्रों को अपने ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा का बेहतर अवसर मिल सके।

ABVP कार्यकर्ताओं ने इसे छात्रों के हित से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की।

टीएस कॉलेज कर्मचारियों के लंबित भुगतान का मुद्दा भी उठा

प्रदर्शन के दौरान टीएस कॉलेज के कर्मचारियों के लंबित भुगतान का मामला भी जोरदार तरीके से उठाया गया। छात्रों ने मांग की कि कॉलेज कर्मचारियों के लंबित भुगतान से जुड़े मामले का जल्द समाधान किया जाए।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की व्यवस्था केवल छात्रों और शिक्षकों से नहीं चलती, बल्कि कर्मचारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में उनके लंबित भुगतान का समाधान विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

आरएमडब्ल्यू कॉलेज में विज्ञान की पढ़ाई फिर शुरू करने की मांग

ABVP ने नवादा स्थित आरएमडब्ल्यू कॉलेज में पिछले करीब तीन वर्षों से बंद विज्ञान की पढ़ाई को फिर से शुरू कराने की मांग भी उठाई।

छात्रों के अनुसार, विज्ञान विषयों की पढ़ाई बंद होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें अन्य संस्थानों में दाखिला लेने या दूसरे स्थानों पर जाकर पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि कॉलेज में विज्ञान की पढ़ाई दोबारा शुरू करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।

सभी कॉलेजों में समान शुल्क की मांग

छात्रों ने मगध विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले कॉलेजों में फीस को लेकर भी सवाल उठाया। ABVP कार्यकर्ताओं ने सभी कॉलेजों में शुल्क समान करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अलग-अलग कॉलेजों में शुल्क व्यवस्था को लेकर छात्रों के बीच असमानता की स्थिति पैदा होती है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन को फीस व्यवस्था की समीक्षा कर समान शुल्क लागू करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।

पुलिस की मौजूदगी के बावजूद नहीं थमा विरोध

छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए मगध विश्वविद्यालय थाना की पुलिस मौके पर मौजूद रही। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार नारेबाजी करते रहे।

करीब एक घंटे से अधिक समय तक चले विरोध के कारण सीनेट बैठक की कार्यवाही प्रभावित रही। प्रदर्शन ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने यह सवाल भी खड़ा किया कि आखिर लंबे समय से उठाए जा रहे छात्रहित के मुद्दों का समाधान कब होगा।

छात्रहित के मुद्दों पर विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने चुनौती

मगध विश्वविद्यालय में सीनेट बैठक के दौरान हुआ यह प्रदर्शन केवल एक बैठक के बाधित होने तक सीमित नहीं है। छात्रों ने जिन मुद्दों को उठाया, उनमें उच्च शिक्षा, कॉलेजों में शुल्क व्यवस्था, कर्मचारियों का भुगतान और बंद पाठ्यक्रमों को दोबारा शुरू करने जैसे विषय शामिल हैं।

ABVP का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध तरीके से समाधान करना चाहिए। वहीं, सीनेट की बैठक में प्रदर्शन के कारण कार्यवाही बाधित होने से विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं।

अब देखना होगा कि छात्रों की इन मांगों पर मगध विश्वविद्यालय प्रशासन क्या कदम उठाता है और नवादा में पीजी की पढ़ाई, आरएमडब्ल्यू कॉलेज में विज्ञान की पढ़ाई तथा कॉलेज शुल्क में समानता जैसे मुद्दों पर कब तक ठोस निर्णय लिया जाता है।

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पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट

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