पटना में शराब के अड्डे पर छापा, 39 महिला-पुरुष गिरफ्तार, 10 हजार लीटर शराब नष्ट
पटना के बहरावा चक में अवैध महुआ शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई। पुलिस ने 39 लोगों को गिरफ्तार कर 10 हजार लीटर कच्ची शराब नष्ट की।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना से करीब 20 किलोमीटर दूर पिपरा थाना क्षेत्र के बहरावा चक गांव में पुलिस ने अवैध महुआ शराब के बड़े कारोबार का खुलासा करने का दावा किया है। रविवार देर शाम भारी पुलिस बल के साथ गांव में की गई छापेमारी के दौरान 39 महिला-पुरुषों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से एक पिस्टल और तीन गोलियां बरामद करने की भी जानकारी दी है।
कार्रवाई के दौरान करीब 1000 लीटर तैयार महुआ बरामद की गई, जबकि 10 हजार लीटर से अधिक आधी बनी महुआ और शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, गांव और उसके आसपास कई जगहों पर लंबे समय से बड़े पैमाने पर अवैध शराब निर्माण किए जाने की सूचना मिल रही थी।
पुलिस टीम पर हमले के बाद बड़ी कार्रवाई
बहरावा चक में अवैध शराब निर्माण की सूचना मिलने के बाद करीब तीन दिन पहले भी पुलिस टीम गांव पहुंची थी। पुलिस के मुताबिक, उस दौरान महुआ कारोबार से जुड़े लोगों ने टीम पर हमला कर दिया था। इस घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
इसे भी पढ़ें : जब्त शराब से सैनिटाइजर बनाएं सरकार, जीतन राम मांझी का नया सुझाव; शराबबंदी पर फिर उठाई समीक्षा की मांग
स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस टीम को मौके से पीछे हटना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके में बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी की। रविवार देर शाम बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को लेकर टीम दोबारा गांव पहुंची और इलाके को चारों तरफ से घेर लिया गया।
शराब के कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी
इलाके की घेराबंदी के बाद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान गांव में कई ऐसे स्थान मिले, जहां कथित तौर पर महुआ महुआ तैयार की जा रही थी।
पुलिस ने करीब 1000 लीटर तैयार महुआ बरामद की। इसके अलावा 10 हजार लीटर से अधिक आधी बनी महुआ को नष्ट किया गया। शराब बनाने के लिए तैयार किए गए मिश्रण और अन्य सामग्री को भी पुलिस ने मौके पर नष्ट कर दिया।
निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: NDA में बगावत की आहट: UP की सभी 403 सीटों पर Chirag की ललकार, प्रेशर पॉलिटिक्स या BJP से मोलभाव ?
कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में गुड़, खाद, कोयला, लकड़ी और प्लास्टिक के जार समेत अन्य सामान मिलने की बात कही गई है। पुलिस के अनुसार, इन सामग्रियों का इस्तेमाल अवैध महुआ तैयार करने में किया जा रहा था।
जमीन के अंदर गड्ढों में छिपाकर तैयार होती थी शराब
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि महुआ बनाने के लिए जमीन के अंदर गड्ढे खोदकर ड्रम और अन्य बर्तनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन जगहों को ऊपर से इस तरह ढकने की कोशिश की जाती थी कि सामान्य तौर पर वहां किसी गतिविधि का पता लगाना मुश्किल हो।
खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े
मसौढ़ी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राघव दयाल के अनुसार, बहरावा चक पुनपुन नदी के किनारे स्थित है। नदी के दोनों तरफ और सड़क के पूर्वी हिस्से में बड़े पैमाने पर अवैध महुआ निर्माण की सूचना पुलिस को मिली थी।
बहरावा चक में बढ़ी बस्ती, कई घर जांच के घेरे में
स्थानीय जानकारी के अनुसार, बहरावा चक में करीब 40 परिवार मूल रूप से रहते हैं। आसपास के इलाकों को मिलाकर अब यहां करीब 100 घरों की बस्ती होने की बात कही जा रही है।

पुलिस को आशंका है कि बस्ती के कई घरों और आसपास के स्थानों पर अवैध महुआ शराब बनाने का काम चल रहा था। हालांकि, किस-किस घर में शराब का निर्माण हो रहा था और कौन लोग इस कारोबार में सीधे तौर पर शामिल थे, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुनपुन नदी ने शराब कारोबार को दी जगह?
पुलिस के अनुसार, बहरावा चक की भौगोलिक स्थिति अवैध शराब कारोबार के लिए सुविधाजनक हो सकती है। पुनपुन नदी के आसपास का क्षेत्र कई हिस्सों में फैला हुआ है, जिससे सामान को छिपाने और एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की संभावना रहती है।
छापेमारी के दौरान पुलिस को नदी के आसपास और गांव के अलग-अलग हिस्सों में शराब तैयार करने के ठिकाने मिलने की बात कही गई है। जमीन के भीतर गड्ढे बनाकर सामग्री और तैयार शराब छिपाने की संभावना की भी जांच की जा रही है।
39 गिरफ्तार, अब सप्लाई नेटवर्क की जांच
छापेमारी में गिरफ्तार किए गए 39 महिला-पुरुषों से पुलिस पूछताछ कर रही है। जांच अब सिर्फ शराब निर्माण तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि तैयार महुआ शराब की सप्लाई कहां-कहां की जाती थी और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।
पूछताछ के जरिए पुलिस कथित सप्लाई नेटवर्क, खरीदारों और कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि शराब तैयार होने के बाद उसे गांव से बाहर किन रास्तों से भेजा जाता था।
पुलिस टीम पर हमले की भी जांच
अवैध शराब कारोबार के खिलाफ कार्रवाई के साथ पुलिस टीम पर हुए हमले की घटना की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि तीन दिन पहले हुई घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनकी भूमिका क्या थी।
पुलिस के सामने अब दो स्तर पर जांच की चुनौती है। पहला, गांव में चल रहे कथित अवैध शराब निर्माण और उसकी सप्लाई व्यवस्था का पता लगाना। दूसरा, पुलिस टीम पर हमला करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना।
शराब के खिलाफ अभियान में बड़ी कार्रवाई
बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद अवैध शराब के निर्माण और तस्करी के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई करती रही है। ग्रामीण और नदी किनारे के इलाकों में चलने वाले ऐसे अवैध कारोबार पुलिस के लिए चुनौती बने रहते हैं।
बहरावा चक में हुई कार्रवाई को भी इसी अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, पुलिस की जांच अभी जारी है और गिरफ्तार लोगों की भूमिका तथा बरामद सामग्री से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
39 लोगों की गिरफ्तारी, करीब 1000 लीटर तैयार महुआ शराब की बरामदगी, 10 हजार लीटर से अधिक कच्ची शराब को नष्ट करना और हथियार बरामद होने की जानकारी ने मामले को गंभीर बना दिया है। अब पुलिस की नजर इस पूरे नेटवर्क के पीछे मौजूद लोगों और शराब की सप्लाई चेन तक पहुंचने पर है।
राज कुमार की रिपोर्ट
