IPL फिर दिखेगी में दादागिरी! सौरव गांगुली बने दिल्ली के हेड कोच, बदला कोचिंग स्टाफ
IPL 2027 में सौरव गांगुली की दादागिरी, दिल्ली के बने हेड कोच
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( नई दिल्ली)। इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स ने अपनी टीम में बड़ा बदलाव कर दिया है। पूर्व भारतीय कप्तान और भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल सौरव गांगुली को दिल्ली कैपिटल्स ने नया हेड कोच नियुक्त किया है। मंगलवार को फ्रेंचाइजी ने सोशल मीडिया के जरिए दादा की नियुक्ति का ऐलान किया। इसके साथ ही दिल्ली कैपिटल्स के अगले सीजन में एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है।
दिल्ली कैपिटल्स ने गांगुली की घोषणा करते हुए अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “दिल्ली, अब दादागिरी का समय है।” इस एक लाइन ने क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा तेज कर दी है। गांगुली अब हेमंग बदानी की जगह टीम की कमान संभालेंगे। बदानी ने पिछले दो IPL सीजन में दिल्ली की कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली थी।
IPL में दादा की एंट्री, दिल्ली को नई दिशा की उम्मीद
सौरव गांगुली का हेड कोच के रूप में दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ना केवल एक कोचिंग बदलाव नहीं है। यह उस फ्रेंचाइजी में उनकी वापसी भी है, जिसके साथ उनका रिश्ता कई साल पुराना है। गांगुली 2019 में पहली बार दिल्ली कैपिटल्स से सलाहकार के तौर पर जुड़े थे। इसके बाद उन्होंने फ्रेंचाइजी में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं और पुरुष तथा महिला टीम के क्रिकेट संचालन से जुड़े रहे।
इसे भी पढ़ें : रोहित-विराट फिर दिखेंगे वनडे में, जानें कब होगी अगली सीरीज
अब पहली बार वह IPL में किसी टीम के हेड कोच की भूमिका में दिखाई देंगे। इससे पहले गांगुली ने दक्षिण अफ्रीका की SA20 लीग में Pretoria Capitals के हेड कोच की जिम्मेदारी संभाली थी। यह बतौर मुख्य कोच उनका पहला बड़ा अनुभव था। उनकी टीम प्रतियोगिता के फाइनल तक भी पहुंची थी।
दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह बदलाव क्यों अहम है?
दिल्ली कैपिटल्स पिछले दो IPL सीजन में प्लेऑफ तक नहीं पहुंच सकी। 2025 में टीम पांचवें स्थान पर रही, जबकि IPL 2026 में उसे छठे स्थान से संतोष करना पड़ा। ऐसे में फ्रेंचाइजी ने नए सीजन से पहले अपनी रणनीति और कोचिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है।
खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े
गांगुली के सामने सबसे बड़ी चुनौती दिल्ली की प्रतिभाशाली टीम को लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीम में बदलने की होगी। फ्रेंचाइजी लंबे समय से अपने पहले IPL खिताब की तलाश में है। ऐसे में दादा के अनुभव, नेतृत्व क्षमता और आक्रामक क्रिकेट सोच से टीम को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली का पुराना कोचिंग स्टाफ बदला
गांगुली की नियुक्ति से पहले दिल्ली कैपिटल्स ने अपने पिछले कोचिंग सेटअप से अलग होने का फैसला किया। हेमंग बदानी के साथ टीम डायरेक्टर वेणुगोपाल राव, गेंदबाजी कोच मुनाफ पटेल और सहायक कोच इयान बेल भी अब पुराने सेटअप का हिस्सा नहीं हैं। यानी IPL 2027 में दिल्ली कैपिटल्स का कोचिंग रूम पूरी तरह नए अंदाज में दिखाई दे सकता है।
यह बदलाव फ्रेंचाइजी के संचालन में दो साल के चक्र से भी जुड़ा है। दिल्ली कैपिटल्स के सह-मालिक GMR और JSW Sports के बीच टीम के संचालन को लेकर व्यवस्था के तहत जिम्मेदारियों में बदलाव होता रहा है। IPL 2027 से फ्रेंचाइजी की रणनीति और प्रबंधन में इसी बदलाव का असर दिखाई देने की उम्मीद है।
दादा की वापसी से खिलाड़ियों पर भी नजर
गांगुली के आने के बाद दिल्ली कैपिटल्स के खिलाड़ियों की भूमिका और टीम संयोजन को लेकर भी चर्चा बढ़ गई है। गांगुली की खासियत रही है कि वह युवा खिलाड़ियों को मौका देने और उन्हें बड़ी जिम्मेदारी के लिए तैयार करने में विश्वास रखते हैं।
निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: जन सुराज का शक्ति प्रदर्शन:Dr. Rajnish Ranjan के नामांकन में पहुंचे PK, कोसी सीट पर बदला चुनावी गणित
दिल्ली के पास पहले से ही कई अनुभवी भारतीय खिलाड़ी हैं। कप्तान अक्षर पटेल और अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल जैसे खिलाड़ियों के साथ गांगुली की रणनीति देखने लायक होगी। वहीं, ऋषभ पंत की टीम में वापसी ने भी दिल्ली के भारतीय कोर को मजबूत किया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नया कोच इन खिलाड़ियों को किस भूमिका में इस्तेमाल करता है।
IPL 2027 में युवराज सिंह की भी एंट्री?
सौरव गांगुली की नियुक्ति के साथ ही दिल्ली कैपिटल्स के संभावित नए सपोर्ट स्टाफ को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह का नाम खास तौर पर चर्चा में है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि युवराज को टीम के बैटिंग कोच की भूमिका दी जा सकती है।
हालांकि, अभी दिल्ली कैपिटल्स की ओर से युवराज सिंह की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित बदलाव के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। अगस्त में दिल्ली कैपिटल्स के ट्रायल्स के दौरान गांगुली और युवराज की मौजूदगी ने भी ऐसी चर्चाओं को हवा दी थी।
अगर युवराज वास्तव में टीम के कोचिंग सेटअप से जुड़ते हैं तो दिल्ली के बल्लेबाजों के लिए यह बड़ा फायदा हो सकता है। युवराज ने अपने करियर के बाद युवा बल्लेबाजों के साथ काम किया है और कई खिलाड़ियों को तकनीकी तथा मानसिक स्तर पर तैयार करने में भूमिका निभाई है।
सौरव गांगुली ने बताई अपनी रणनीति
हेड कोच बनने के बाद गांगुली ने कहा कि दिल्ली कैपिटल्स उनके लिए खास फ्रेंचाइजी है। उन्होंने टीम के खिलाड़ियों, प्रबंधन और सपोर्ट स्टाफ के साथ लंबे समय तक काम करने का जिक्र करते हुए नए सीजन को लेकर उत्साह जाहिर किया।

गांगुली की प्राथमिकता एक मजबूत और निडर टीम तैयार करना होगी। यही बात उनके कोचिंग विजन को भी साफ करती है। भारतीय टीम के कप्तान रहते हुए गांगुली को आक्रामक नेतृत्व और मुश्किल परिस्थितियों में खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए जाना जाता था। अब वही अंदाज IPL की कोचिंग में देखने को मिल सकता है।
IPL 2027 से पहले दिल्ली के सामने बड़ी चुनौती
दिल्ली कैपिटल्स के लिए अगला सीजन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम को लंबे समय से चले आ रहे खिताब के इंतजार को खत्म करना है। गांगुली के पास IPL का प्रशासनिक और फ्रेंचाइजी स्तर का अनुभव पहले से है, लेकिन बतौर हेड कोच यह उनकी पहली बड़ी IPL जिम्मेदारी होगी।
सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि क्या गांगुली दिल्ली को प्लेऑफ तक पहुंचाने के साथ-साथ पहली बार IPL चैंपियन भी बना पाएंगे? टीम के पास अनुभव, युवा प्रतिभा और बड़े नाम मौजूद हैं। अब इन संसाधनों को सही रणनीति में बदलना दादा की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
दादा की “दादागिरी” अब मैदान के बाहर नहीं, दिल्ली कैपिटल्स के डगआउट में दिखाई देगी। IPL 2027 में उनकी रणनीति, खिलाड़ियों के चयन और मैच के दौरान लिए जाने वाले फैसलों पर क्रिकेट फैंस की नजर रहेगी। दिल्ली के लिए यह केवल कोच बदलने का फैसला नहीं, बल्कि एक नई क्रिकेटिंग पहचान बनाने की कोशिश भी है।
राज कुमार की रिपोर्ट
